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सुसनेर नगर परिषद में बड़ा बदलाव: लक्ष्मी राहुल सिसोदिया का इस्तीफा मंजूर, प्रदीप बद्रीलाल सोनी बने कार्यवाहक अध्यक्ष

🔴 सुसनेर नगर परिषद में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

अध्यक्ष पद से लक्ष्मी राहुल सिसोदिया का इस्तीफा मंजूर, प्रदीप बद्रीलाल सोनी को सौंपी गई कमान

सुसनेर नगर परिषद में अचानक हुए बड़े प्रशासनिक बदलाव ने पूरे क्षेत्र की राजनीति और व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। लंबे समय से विवादों और सवालों में घिरी परिषद में आखिरकार अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार होते ही नया चेहरा सामने आया है, जिसने कई अनसुलझे सवालों को फिर से जगा दिया है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह बदलाव सिर्फ औपचारिकता है या वास्तव में व्यवस्था में सुधार की शुरुआत।

जनमत जागरण@सुसनेर। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सुसनेर नगर परिषद में लंबे समय से चल रही प्रशासनिक अनिश्चितता पर फिलहाल विराम लग गया है। परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी राहुल सिसोदिया का 24 दिसंबर 2025 को दिया गया त्यागपत्र 19 फरवरी 2026 को विधिवत स्वीकार कर लिया गया है। इसके फलस्वरूप अध्यक्ष पद रिक्त घोषित कर दिया गया।

राज्य शासन ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 37(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए वार्ड क्रमांक 04 के पार्षद श्री प्रदीप बद्रीलाल सोनी को आगामी आदेश या नए अध्यक्ष के निर्वाचन तक सुसनेर नगर परिषद का कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है।


🔍 पिछले विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच आया निर्णय

सुसनेर नगर परिषद पिछले कुछ समय से लगातार विवादों और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चर्चा में रही है। जनमत जागरण के सुसनेर रिपोर्टर दीपक जैन द्वारा कई बार परिषद में हो रही अनियमितताओं, विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर प्रमुखता से रिपोर्टिंग की गई थी।

ऐसे माहौल में अध्यक्ष का इस्तीफा और शासन द्वारा त्वरित निर्णय कहीं न कहीं इन परिस्थितियों से जुड़ा हुआ भी माना जा रहा है। हालांकि आदेश में त्यागपत्र के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।


⚖️ अब प्रदीप सोनी के सामने चुनौतियां

कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में प्रदीप बद्रीलाल सोनी के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी—

  • परिषद में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करना,
  • लंबित विकास कार्यों को गति देना,
  • पूर्व में उठे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना,
  • आमजन की अपेक्षाओं पर खरा उतरना।

🧭 क्या बदल पाएगी सुसनेर की तस्वीर?

यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सुसनेर नगर परिषद के लिए एक “टर्निंग पॉइंट” साबित हो सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए कार्यवाहक अध्यक्ष व्यवस्था में सुधार और जनविश्वास बहाली के लिए कितने प्रभावी कदम उठाते हैं।


✍️ जनमत जागरण | सार्थक दृष्टिकोण
“सत्ता परिवर्तन नहीं, व्यवस्था परिवर्तन ही असली कसौटी है।”


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