हिंदू जाति नहीं, संस्कृति का प्रतीक है – बलिराम पटेल | आगर की गोष्ठी में राष्ट्र निर्माण और संघ की भूमिका पर दिया प्रभावी उद्बोधन

🔹“स्व हित से परहित की ओर बढ़ना ही हिंदू संस्कृति का मूल तत्व”🔹पंच परिवर्तन के माध्यम से राष्ट्र पुनर्निर्माण का आह्वान
जनमत जागरण @ आगर मालवा।
“हिंदू जाति वाचक नहीं अपितु संस्कृति वाचक है, और इस संस्कृति में राष्ट्र के साथ-साथ संपूर्ण विश्व के कल्याण का भाव निहित है।”
यह विचार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सामाजिक समरसता के अखिल भारतीय सह संयोजक बलिराम पटेल ने आगर में आयोजित एक प्रमुख जन गोष्ठी को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

स्थानीय सारंगपुर रोड स्थित मधुबन गार्डन में आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए श्री पटेल ने राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को विस्तार से स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति एक-दूसरे के पर्याय हैं — जो राष्ट्र है वही संस्कृति है और जो संस्कृति है वही राष्ट्र है।
उन्होंने राष्ट्र चेतना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि हिंदू संस्कृति की मूल भावना “स्व हित से परहित की ओर बढ़ना” है, और इसी कारण इस राष्ट्र को हिंदू राष्ट्र कहा जाता है।

हिंदुत्व की व्याख्या करते हुए श्री पटेल ने कहा कि “हिंदू कोई मजहब (Religion) नहीं, बल्कि कर्तव्य आधारित धर्म है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कर्तव्य ही मनुष्य को समाज, सृष्टि और परमात्मा से जोड़ता है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना, उद्देश्य और उसकी निरंतर प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लगभग सौ वर्षों की यात्रा में अनेक चुनौतियों के बावजूद संघ अपने मूल ध्येय की ओर सतत अग्रसर है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा — “संघ का लक्ष्य केवल संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि संगठित समाज का निर्माण करना है।”
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में उपस्थित प्रबुद्धजनों द्वारा विभिन्न जिज्ञासाएं और प्रश्न रखे गए, जिनका समाधान करते हुए श्री पटेल ने संघ के ध्येय ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से राष्ट्रीय पुनर्निर्माण की दिशा स्पष्ट की।

इन पंच परिवर्तनों में उन्होंने प्रमुख रूप से—
- स्व का बोध (स्वदेशी)
- नागरिक कर्तव्य
- पर्यावरण संरक्षण
- सामाजिक समरसता
- कुटुम्ब प्रबोधन
पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि यदि समाज इन सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाता है, तो एक सशक्त और जागरूक राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्री बलिराम पटेल एवं जिला संघ चालक मोहनलाल आर्य द्वारा भारत माता के चित्र का पूजन किया गया।
जिला संपर्क प्रमुख दिनेश कुम्भकार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, वहीं दुर्गेश जायसवाल ने एकल गीत के माध्यम से वातावरण को भावपूर्ण बनाया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, निर्माण, विधि, श्रमिक एवं सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रचार प्रमुख योगेन्द्र रावत द्वारा दी गई।



