सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव: प्रदीप सोनी और विष्णु पाटीदार आमने-सामने
सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा ने प्रदीप सोनी और कांग्रेस ने विष्णु प्रसाद पाटीदार को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ नामांकन दाखिल किया। 2022 के वार्ड-4 का मुकाबला एक बार फिर अध्यक्ष पद की लड़ाई में बदल गया है।

नगर सरकार का रण तेज: पूर्व विधायक के बेटे और पूर्व विधायक के समधी में फिर आमना-सामना
“वार्ड-4 की पुरानी जंग, अब नगर सरकार की कुर्सी पर आमने-सामने”
जनमत जागरण @ सुसनेर। नगर परिषद सुसनेर के अध्यक्ष पद के उपचुनाव का राजनीतिक रण अब पूरी तरह आकार ले चुका है। नामांकन के अंतिम दिन मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने अधिकृत प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट कर दिए। भाजपा ने पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी के पुत्र एवं वार्ड-4 के पार्षद प्रदीप सोनी पर भरोसा जताया है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक वल्लभ भाई अम्बावतिया के समधी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विष्णु प्रसाद पाटीदार को मैदान में उतारा है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि दोनों चेहरे एक-दूसरे के लिए नए नहीं हैं। वर्ष 2022 के नगर निकाय चुनाव में वार्ड-4 के पार्षद पद पर भी प्रदीप सोनी और विष्णु पाटीदार आमने-सामने थे। अब वही राजनीतिक मुकाबला वार्ड से निकलकर सीधे नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंच गया है। यही वजह है कि सुसनेर का यह उपचुनाव महज अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति में प्रभाव, संगठन, विरासत और व्यक्तिगत जनाधार की भी परीक्षा माना जा रहा है।
दोनों प्रत्याशियों ने नगर के आराध्य देव श्री खेड़ापति हनुमानजी महाराज के दर्शन-पूजन के बाद अपने समर्थकों के साथ रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया और निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।
अंतिम दिन सात नामांकन, कुल 10 आवेदन
निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक कुल 10 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अंतिम दिन मंगलवार को ही सात आवेदन जमा किए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विष्णु प्रसाद पिता बद्रीलाल के दो फार्म, प्रदीप पिता बद्रीलाल के दो फार्म, ईश्वर सिंह कावल के दो फार्म तथा नईम अहमद मेव, विष्णु भावसार, मांगीलाल सोनी और घनश्याम गोयल के एक-एक आवेदन शामिल हैं।
हालांकि नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या अधिक है, लेकिन वास्तविक चुनावी तस्वीर नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद ही स्पष्ट होगी। 18 सितंबर नाम वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद यह साफ होगा कि अध्यक्ष पद की सीधी लड़ाई कितने प्रत्याशियों के बीच रह जाती है।

भाजपा का दांव: प्रदीप सोनी के रूप में विरासत और संगठन
भाजपा ने लंबे समय से मजबूत दावेदार माने जा रहे प्रदीप सोनी को अधिकृत प्रत्याशी बनाकर स्थानीय राजनीति में अपने पत्ते खोल दिए हैं।
प्रदीप सोनी पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी के पुत्र हैं। वे पूर्व में शाजापुर युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं तथा आगर जिले में भाजपा जिला मंत्री भी रह चुके हैं। वर्तमान में वे वार्ड-4 के पार्षद हैं।
भाजपा प्रत्याशी ने जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, पूर्व जिलाध्यक्ष चिंतामण राठौर, पूर्व विधायक बद्रीलाल सोनी एवं राणा विक्रम सिंह, मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन सहित वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में रैली निकालकर नामांकन दाखिल किया।
प्रदीप सोनी के सामने भाजपा के लिए चुनौती यह होगी कि पार्टी संगठन की ताकत, राजनीतिक विरासत और वर्तमान पार्षद के रूप में उनकी भूमिका को किस तरह व्यापक नगर समर्थन में बदला जाए।
कांग्रेस का दांव: विष्णु पाटीदार के अनुभव पर भरोसा
कांग्रेस ने भाजपा के सामने विष्णु प्रसाद पाटीदार को मैदान में उतारकर मुकाबले को सीधे आमने-सामने की राजनीतिक लड़ाई का रूप दे दिया है।
विष्णु पाटीदार पूर्व विधायक वल्लभ भाई अम्बावतिया के समधी हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के रूप में लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने के कारण उन्हें स्थानीय राजनीति का अनुभव रखने वाला चेहरा माना जाता है।
कांग्रेस प्रत्याशी ने विधायक भैरुसिंह परिहार ‘बापू’, जिलाध्यक्ष विजयलक्ष्मी तंवर, पूर्व विधायक वल्लभ भाई अम्बावतिया, वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चौहान सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में अपने निवास से रैली निकाली और निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर नामांकन दाखिल किया।
वार्ड-4 की पुरानी जंग, अब अध्यक्ष की कुर्सी का सवाल
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक कोण यही है कि 2022 में वार्ड-4 में आमने-सामने रहे दोनों चेहरे एक बार फिर आमने-सामने हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि उस समय दांव पार्षद की कुर्सी पर था और इस बार मुकाबला पूरे नगर की नगर सरकार के अध्यक्ष पद के लिए है।
इसलिए यह चुनाव दोनों प्रत्याशियों के लिए व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिष्ठा की परीक्षा भी बन गया है। एक ओर भाजपा प्रदीप सोनी के जरिए राजनीतिक विरासत, युवा नेतृत्व और संगठनात्मक नेटवर्क को मैदान में उतार रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस विष्णु पाटीदार के अनुभव, पुराने संगठनात्मक संबंधों और राजनीतिक रिश्तों को आधार बनाकर मुकाबले में उतरी है।
अब 18 सितंबर के बाद साफ होगी तस्वीर
राज्य निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए 29 सितंबर को मतदान होगा और 3 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन की प्रक्रिया 8 से 15 सितंबर तक चली, 16 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी तथा 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद अंतिम प्रत्याशी सूची सामने आएगी।
अब सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि अध्यक्ष कौन बनेगा, बल्कि यह भी है कि 2022 के वार्ड-4 के राजनीतिक मुकाबले का अगला अध्याय किसके पक्ष में लिखा जाएगा?
क्या पूर्व विधायक के पुत्र प्रदीप सोनी राजनीतिक विरासत और भाजपा संगठन के सहारे नगर सरकार की कमान संभालेंगे?
या पूर्व विधायक के समधी विष्णु पाटीदार अपने राजनीतिक अनुभव और कांग्रेस के संगठनात्मक आधार के बल पर इस मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ेंगे?
फिलहाल नामांकन के साथ चुनावी बिसात बिछ चुकी है। 18 सितंबर के बाद उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर और 29 सितंबर का मतदान सुसनेर की नगर राजनीति की दिशा तय करेगा।
राजनीतिक विश्लेषण : दीपक जैन | संवाददाता, जनमत जागरण
“मैदान की खबर, संपादक की नजर











