राजीनामा योग्य लम्बित अथवा प्रीलिटिगेशन प्रकरणों को नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण करा सकते हैं -न्यायाधीश श्री सिंह
नेशनल लोक अदालत के लिये 41 खण्डपीठ गठित
जनमत जागरण न्यूज @ उज्जैन
जिला न्यायालय के परिसर में शनिवार 11 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री एनपी सिंह के द्वारा किया जायेगा। उक्त अदालत का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नईदिल्ली तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश अनुसार किया जा रहा है। लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का अधिक से अधिक निराकरण करने के लिये न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री एनपी सिंह के द्वारा पक्षकारों से अपील की गई है कि वे अपने राजीनामा योग्य लम्बित अथवा प्रीलिटिगेशन प्रकरण को नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से राजीनामा के आधार पर निराकरण करा सकते हैं।
इस हेतु जिला न्यायालय में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों के द्वारा न्यायालय में लम्बित प्रकरण जैसे पुलिस अधिनियम, फाईन, एमजेसी, कोरोना महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंध अधिनियम-2005 के लिये विशेष बैठक आयोजित करने हेतु न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।
लोक अदालत के संयोजक/विशेष न्यायाधीश श्री अश्वाक अहमद खान के द्वारा बताया गया कि नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निपटारा कराये जाने पर पक्षकारों द्वारा अदा की गई कोर्ट फीस वापस मिलेगी और विद्युत विभाग, जल कर और सम्पत्ति कर के प्रकरणों में शासन द्वारा निर्धारित छूट दी जायेगी।
लोक अदालत के सचिव श्री अरविंद कुमार जैन के द्वारा बताया गया कि उक्त लोक अदालत में न्यायालय में लम्बित दीवानी, आपराधिक, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, पारीवारिक प्रकरण, भूमि अधिग्रहण, विद्युत, श्रम एवं रोजगार, मनी रिकवरी, जन-उपयोगी लोक अदालत तथा न्यायालय में लम्बित सभी प्रकार के राजीनामा योग्य प्रकरण जैसे बैंक रिकवरी, विद्युत, जल कर एवं सम्पत्ति कर सम्बन्धी प्रीलिटिगेशन प्रकरण का निराकरण किया जायेगा। उक्त लोक अदालत में न्यायालय में लम्बित कुल 8999 प्रकरण तथा प्रीलिटिगेशन के 8400 इस प्रकार कुल 17399 प्रकरण रखे गये हैं, जिनका निराकरण उज्जैन एवं समस्त तहसील न्यायालयों की कुल 41 खण्डपीठों के माध्यम से किया जायेगा।
जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दिलीपसिंह मुझाल्दा द्वारा बताया गया कि जो पक्षकार लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण करवायेंगे, उन्हें नि:शुल्क पौधे वितरित किये जायेंगे।



