29 सितम्बर विश्व हृदय दिवस
जनमत जागरण न्यूज @ उज्जैन
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला उज्जैन डॉ.संजय शर्मा द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में आराम दायक जीवनशैली के कारण खान-पान में हुए परिवर्तन के कारण तेज गति से हृदय संबंधी बीमारियां सामने आ रही हैं। विश्व हृदय दिवस आमजन को अपने आपको स्वस्थ्य रखने एवं किसी प्रकार से एक स्वस्थ्य हृदय कार्य करता है, इसके प्रति जनजागृति हेतु विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। हार्ट या दिल मांसपेशियों से बना एक पम्प है, जो सारे शरीर में रक्त प्रवाह का संचालन करता है। हृदय की मांसपेशियों को खून पहुंचना बन्द हो जाए तो ऐसी स्थिति को हार्ट-अटैक कहते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को छाती में तीव्र दर्द होता है, बैचेनी एवं घबराहट महसूस होती है तथा पसीना भी आता है और मरीज का ब्लड प्रेशर गिरने लगता है एवं मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। सही समय पर इलाज न मिलने से हार्ट-अटैक के बाद लगभग 15 प्रतिशत मरीजों की मृत्यु कुछ ही घंटो में ही हो सकती है। समय से उचित इलाज करने पर इस मृत्यु दर को लगभग आधा किया जा सकता है।
हार्ट-अटैक की संभावनाओं को बढाने वाली स्थितियां- हाई बी.पी. (हाइपरटेंशन), मधुमेह, खून में वसा के अनुपात में गड़बड़ी, मोटापा, व्यायाम की कमी, धुम्रपान या तम्बाकु का सेवन, गरिष्ठ एवं वसायुक्त भोजन, आनुवांशिकता-खून के रिश्ते में मधुमेह, हाई बी.पी. या हृदय रोग का होना।
हार्ट अटैक से बचाव- वजन पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम, मानसिक तनाव से दूर रहें, स्वस्थ खानपान रखें, तेलीय खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। लोगों के बीच में इस जानकारी को अधिक से अधिक पहुंचाने के लिये लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, जिनमें समाचार-पत्रों, टीवी चैनलों के माध्यम से, जन-जागृति रैली द्वारा, विकासखण्ड स्तर पर बैठकों आयोजन करके लोगों को जागरूक करने हेतु आयोजन किये जाते हैं।



