भोपालमध्यप्रदेश

डी.ए.पी. के साथ एन.पी.के खाद के प्रयोग की सलाह

जनमत जागरण न्यूज @ भोपाल

किसान भाई फसल बोते समय अधिकांशतः डी.ए.पी. खाद का उपयोग करना अच्छा समझते हैं लेकिन एन.पी.के. खाद किसी भी तरह से डी.ए.पी. खाद से कमतर नहीं होती है। एन.पी.के. खाद का प्रयोग कर किसान अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं। जिले में डीएपी खाद पर्याप्त मात्रा में है।   संयुक्त संचालक कृषि श्री बी.एल.बिलैया ने बताया कि एन.पी.के. खाद में नत्रजन व फॉसफोरस के साथ ही पोटाश भी होती है। भूमि के तीनो प्रमुख तत्व होने से एन.पी.के. पैदावार बढ़ाने में सहायक होने के साथ ही मिट्टी की उर्वरक शक्ति भी बढ़ाता है जबकि डी.ए.पी. खाद मे पोटाश नहीं होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे डी.ए.पी. से 1.5 गुना मात्रा में एन.पी.के. का प्रयोग करें। एक एकड़ भूमि मे डी.ए.पी. जहां 52 किलो प्रयोग की जाती है वहीं एन.पी.के. 75 कि.ग्रा. प्रयोग की जाती है। 1 बीघा जमीन में डी.ए.पी. 33 कि.ग्रा. तथा एन.पी.के. 48 कि.ग्रा. मात्रा प्रयोग की जाती है वहीं 1 बिस्वा भूमि में 1.6 कि.ग्रा. डी.ए.पी या 2.4 कि.ग्रा. एन.पी.के. का उपयोग किया जाना चाहिए।

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