आगर मालवाउज्जैनमध्यप्रदेश

मै जली हुई राख नही, अमर दीप हूँ, जो मिट गया वतन पर, मैं वो बनवारीलाल शहीद हूँ……. शौर्य दिवस पर अमर शहीद बनवारीलाल का पार्थिव देह हुआ पंचतत्व में विलीन

आखरी झलक पाने के लिए कोई बस के ऊपर चढ़ा तो कोई जेसीबी के ऊपर तो कोई पेड के ऊपर लेकिन अंतिम दर्शन जरूर किए पुष्प वर्षा से पट गई सड़कें

– अमर शहीद बनवारीलाल राठौर की अंतिम यात्रा में भाव विभोर हुए क्षेत्रवासी , सेना और पुलिस के जवानों ने दी अंतिम सलामी , विधायक, एसडीएम सभी राजनीतिक दल के लोग और अधिकारी पहुंचे
– 4 वर्षों से बहन ने नहीं बांधी थी राखी, राखी नहीं बाधेने का मलाल

जनमत जागरण न्यूज @ सोयतकलां

शौर्य दिवस पर सोयतकलां में अभूतपूर्व, अविस्मरणीय क्षण के साथ भारत माता की जय …बनवारीलाल अमर रहे…. अमर रहे …के उद्घोष के साथ नगर गुंजायमान हो गया .. देशभक्ति के गीतों से लोगों के मन के अंदर देशभक्ति का ज्वार उमड़ने लगा । नगर व क्षेत्र वासी जैसे ही अमर शहीद का पार्थिव देह नगर से निकला लोगों की आंखों में आंसू छलक आए अवसर था ।

शुक्रवार को भारत चिन बॉर्डर पर शहीद हुए जवान बनवारी लाल का पार्थिव शरीर सोमवार को सुबह 11:00 बजे नगर के समीप माचलपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप स्कूल से तिरंगा रैली के साथ गांव पहुंचा तो पूरा माहौल गमगीन हो गया अंतिम दर्शन के लिए लोगों की हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी श्रद्धांजलि देने के बाद पार्थिव शरीर शमशान घाट ले जाया गया जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया जहां सैनिक बनवारी लाल के बड़े बेटे 5 वर्षीय हर्ष राठौर ने मुखाग्नि दी वहीं सेना द्वारा शहीद बनवारी लाल को श्मशान घाट में अंतिम सलामी दी गई इस दौरान वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई

सेना के जवान बनवारी लाल का पार्थिव शरीर सोमवार रैली के रूप में दोपहर 2:00 बजे सेना के वाहन से अपने प्रेतक गांव दीवान खेड़ी पहुंचा पुलिस द्वारा सूबेदार जगदीश यादव के कमांड में अखिलेश लहरी तरुण सैनी रवि कुमार सिंह डॉन मल मीणा द्वारा शहीद को घर सलामी दी गई इसी बीच लोगों द्वारा बनवारी लाल अमर रहे जब तक सूरज चांद रहेगा बनवारीलाल तेरा नाम रहेगा जैसे नारों से गूंज उठा मई शहीद की पत्नी सुनीता बाई रोते-रोते बेहोश होये जा रही थी परिवार वाले इन्हें किसी तरह संभालने में लगे थे

इससे पूर्व सोयत नगर समीप माचलपुर रोड स्थित महाराणा प्रताप स्कूल मे पार्थिव शरीर पहुंचा वहां से तिरंगा यात्रा शुरू हूई जहा हजारों की संख्या में लोग चार पहिया दो पहिया वाहनों के साथ तिरंगा रैली निकाल कर शहीद के गांव दीवान खेड़ी पहुंचे शव यात्रा लगभग 10 किलोमीटर लंबी थी नगर के माचलपुर रोड बस स्टैंड पिडावा रोड पुलिस थाना सहित दातयाखेडी ,करकडिया, देहरीया सहित अन्य गांवों के सैकड़ों लोगों ने जगह-जगह पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कल श्रद्धांजलि अर्पित की


शहीद की पत्नी ने की स्मारक बनाने की मांग



शहीद बनवारीलाल की पत्नी सुनीता बाई से जब चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे मेरे पति पर गर्व है जो देश के लिए शहीद हुए हैं पर मुझे दुख भी है कि अब मेरा उनके अलावा कोई और नहीं है मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं जिनके ऊपर से पिता का साया उठ गया मैं इनह दोनों बच्चों को सेना में भेजूंगी व शासन से मांग करूंगी कि मेरे पति की याद में तीन स्मारक नगर के सोयत देहरिया व दीवान खेड़ी में बनाए जाएं

प्रशासन अधिकारियों ने कि शहीद की शहादत को नमन



इस दौरान एसपी राकेश कुमार सागर एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया आरआई श्याम किशोर जकड़े थाना प्रभारी हरीश जेजूरकर स्पेशल ब्रांच ऑफिसर शार्कमल रावत डीएसबी शाखा से रणदीप सिंह सिसोदिया एसडीएम सोहन कनाश नायब तहसीलदार बीके मकवाना उप निरीक्षक दिलीप सिंह कटारा आरक्षक विश्वनाथ सिंह राकेश राठौर संजय दांगी हरीश यादव सहित आदि प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहकर शहीद की शहादत को नमन किया

जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद

इस दौरान सुसनेर विधायक राणा विक्रम सिंह आगर विधायक विपिन वानखेड़े भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह कांग्रेस जिला अध्यक्ष बाबूलाल यादव पूर्व जिला अध्यक्ष दिलीप सकलेचा मंडल अध्यक्ष मोहन गुदरावदा सहित आसपास के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे वाह शहीद के परिजनों को सांत्वना प्रदान की व शहीद की शहादत को नमन किया।

4 वर्षों से बहन ने नहीं बांधी थी राखी, राखी नहीं बाधेने का मलाल

अमर शहीद बनवारीलाल की बहन ने बताया कि मैं 4 वर्षों से बहन भैया को राखी बांधने के लिए गांव आती हूं लेकिन भैया को छुट्टी नहीं मिली और वह ड्यूटी पर थे 4 वर्षों से राखी नहीं बांधे का मेरे मन में मलाल रह गया मैं शासन से अनुरोध करती हूं कि अच्छा बंधन पर दो सैनिकों को छुट्टी दी जावे ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!