विहिप/बजरंग दल ने मां चौसठ मार्ग से मांस दुकानें हटाने के लिए सौंपा ज्ञापन
हिंदू समाज को वर्षों से शासन प्रशासन दे रहा आश्वासन लेकिन नहीं उठाता कभी कोई ठोस कदम
जनमत जागरण न्यूज़ @ सोयतकलां
क्षेत्र का अति प्राचीन कंठाल नदी के तट पर स्थित मां चौसठ का शक्तिपीठ है एवं मंदिर सैकड़ों भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं वही नवरात्र के पावन दिनों में हजारों की संख्या में मां चौसठ के भक्त पहुंचते हैं लेकिन विडंबना नवरात्रि के पावन अवसर पर मां की उपासना करते हुए भक्त जब मां चौसठ के दर्शनों के लिए जाते हैं तो मंदिर पहुंच मुख्य मार्ग पर मांस की सजी दुकानें मिलती है जिसका विरोध हिंदू समाज में शासन प्रशासन के पास कई बार मौखिक रूप से दर्ज करवाया गया लेकिन शासन प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। शासन प्रशासन लगातार सहनशील हिंदू समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है जो कदाचित उचित नहीं है।
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार नायब तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव तथा सीएमओ अशोक कुमार पांचाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि नगर में कंठाल नदी के तट पर सुप्रसिद्ध अति प्राचीन मां चौसठ का मंदिर स्थित है जिसमें मुख्य मार्ग में खुले में मांस की दुकानें बेधड़क संचालित की जा रही है। नगर और आसपास के श्रद्धालु मातृशक्ति परम श्रद्धा से मंदिर में माता के दर्शन के लिए जाते हैं लेकिन उक्त मार्ग में सजी मांस की दुकानें और उनकी गंदगी से होकर मंदिर जाना खास तौर पर हिंदू समाज की महिलाओं के लिए असहनीय है। ऐसे माहौल में महिलाओं वहां से निकलने में स्वयं को असमर्थ महसूस करती है । विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से उचित कार्रवाई कर खुले मार्ग पर संचालित सभी मांस की दुकानों को नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रूर्णत: बंद करवाने और इस बाजार को हमेशा के लिए अंतर्गत स्थापित करने की मांग की है। शासन प्रशासन ने अगर समय रहते उक्त मांस दुकानों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं किया तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल चरणबद्ध एवं उग्र आंदोलन करेगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।



