MP में आगर जिले की बदकिस्मत-पंचायत पगडंडियों में गुजरा जमाना ..आजादी के बाद से ही इस पंचायत में नहीं है सड़क, ग्रामीणों को नई सरकार से है उम्मीद

– अधुरा विकास :आजादी के 76 साल बाद भी 25 सौ की आबादी वाली पंचायत में नहीं बन पाई 2.5 किमी सड़क, पंचायत में लगने वाले चार गांव के लोग परेशान

जनमत जागरण @ सोयतकलां
मध्यप्रदेश में नई 16वीं विधानसभा बनने वाली है मालवा अंचल के लोगों को नयी सरकार से नयी उम्मीद है । जिले में भले पक्की सड़क का जाल बिछ गया हो और सड़कों पर बड़ी बड़ी गाड़ियाँ तेज रफ्तार में चल रही हो, लेकिन जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहाँ आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक पक्की सड़क तक नहीं बनी। जिसकी वजह से विकास की बात करना यहाँ के लोगो को बेमानी लगती है । हर 5 साल में आने वाले चुनाव के दौरान जनप्रतीनिधि ग्रामीणों से कई तरह के वादे और दावे करते हैं लेकिन हकीकत में वे सब खोखले नज़र आते हैं । ऐसी ही उम्मीदों के सपने संजोए बैठे हैं आगर जिले की अमरकोट पंचायत के ग्रामीण है । जहां आजादी के बाद से अब तक सड़क नहीं बन पाई । यहां के ग्रामीणों ने पगडंडियों के सहारे ही अपना जीवन जी रहे हैं ।

- बरसात में गंभीर मरीज इलाज के अभाव में तोड़ देते हैं दम : ऐसा नहीं है कि यहां पर विकास नहीं हुआ है । गांव में 3G नेटवर्क के साथ उपस्वास्थ्य केंद्र के अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सालय भी है । किन्तु बड़ा मुद्दा है सड़क का जो आज तक ग्रामीणों के मन में टीस पैदा करता है । ग्रामीण यहां पर पगडंडियों के सहारे ही अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं । कई बार बारिश के मौसम में सड़क नहीं होने के कारण इलाज के अभाव में गंभीर मरीज दम तोड़ देते हैं । सड़क नहीं होने के कारण कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है यहां तक की इस गांव में कभी-कभी कोई अधिकारी पहुंचता है ।

- ग्रामीण बोले नई सरकार से है उम्मीद : ग्रामीण और सरपंच मांगीलाल सोंधिया ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रशासन और सरकार तक गांव सड़क की समस्या को बताया, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया । अब अमरकोट पंचायत के लोग नई सरकार से उम्मीदें लगाए हुए हैं । ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी 2500 हजार है और इस पंचायत में सरदारपुर ,त्रिलोकपुर, धतुरिया और अमरकोट चार गांव को मिलकर पूरी पंचायत बनी हुई है ढाई हजार की आबादी वाली इस गांव पंचायत में आज तक आजादी के बाद से 2.5 किलोमीटर सड़क नहीं बन पाई है।



