राम जन्मभूमि अयोध्या से चली अक्षत कलश यात्रा सोयतकलां नगर पहुंची, अक्षत कलश की निकली भव्य शोभायात्रा

हम भाग्यशाली हैं जो इस अविस्मरणी क्षण के बनेंगे साक्षी- खंड संघ चालक ने कहा , कारसेवक राजेश कुमरावत ने अपने अनुभव कथन में कहा -हम कारसेवको ने देखा था, अतीत के इतिहास को वर्तमान का इतिहास बनते हुए
जनमत जागरण @ सोयतकलां : राम जन्मभूमि अयोध्या से चलकर अक्षत कलश यात्रा नगर पहुंच चुकी है, रविवार को माधव चौक शिशु मंदिर में अक्षत कलश का विधिवत पूजन करके नगर में शोभायात्रा निकाली गई । शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए माधव चौक स्थित बावड़ी के मंदिर पर शोभायात्रा का समापन हुआ । शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । जगह-जगह नगर वासियों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया । शोभायात्रा में युवाओं का जोश और जुनून देखने को मिला । आपको बता दें कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर राम मंदिर में भगवान रामलीला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है । इस अविस्मरणीय क्षण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को जन-जन तक पहुंचाने के लिए देशभर में अक्षत कलश यात्राएं गांव-गांव तक पहुंचकर घर-घर में अक्षत देकर राम जन्मभूमि पर रामलाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को आमंत्रण दे रहे हैं । अक्षत कलश यात्रा में विश्व हिंदू परिषद , बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी तथा विभिन्न अनुसांगिक क्षेत्र संगठन के कार्यकर्ताओं पदाधिकारी उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन मनीष राठौर विश्व हिंदू परिषद जिला साप्ताहिक प्रमुख ने किया आभार प्रदर्शन जितेंद्र राठौर विश्व हिंदू परिषद प्रखंड अध्यक्ष ने माना ।

अक्षत कलश की उतारी आरती : नगर में शोभायात्रा के दौरान अयोध्या से आए पूजित अक्षत कलश की आरती उतार कर पूजन किया गया बड़ी संख्या में नगर वासियों ने जगह-जगह अक्षत कलश की पूजा अर्चना कर राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम लाल की मूर्ति की होने वाली प्राण प्रतिष्ठा के लिए आमंत्रण स्वीकार किया । अक्षत कलश के माध्यम से घर-घर निमंत्रण दिया जा रहा है विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय गोरक्षा प्रमुख सोहन जी विश्वकर्मा ने बताया कि आयोजन में राम जन्मभूमि पर 22 जनवरी 2024 को रामलीला की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है । इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी के लिए गांव-गांव अक्षत निमंत्रण हेतु घर-घर दिए जाएंगे और अयोध्या में रामलला के दर्शन हेतु आमंत्रण दिया जा रहा है ।

हम भाग्यशाली हैं जो इस अविस्मरणी क्षण के बनेंगे साक्षी अक्षत कलश यात्रा के पूर्व माधव चौक स्थित शिशु मंदिर में कार सेवकों के सम्मान समारोह संपन्न हुआ समारोह के मुख्य वक्ता खंड संघ चालक द्वाराकी लाल पाटीदार ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं जो इस अविस्मरणी ऋण के साक्षी बनेंगे । उन्होंने कार्यकर्ताओं को कहा कि पूरे देश में 1500 करोड रुपए राम मंदिर बनाने के लिए अपेक्षा थी लेकिन देशवासियों ने 5000 करोड रुपए देकर अपना धर्म निभाया । उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में वृहद ग्रह संपर्क अभियान चलाकर , सामाजिक सद्भावना बैठने के माध्यम से तथा ' मेरा घर मेरी अयोध्या ' , मेरे घर दीपावली, समाज सज्जन शक्ति संयोजन आदि के माध्यम से अभियान चलाकर पूरे हिंदू समाज को जोड़ने का यह भव्य अभियान चल रहा है इस भव्य आयोजन में हम सब योगदान दें और इस अविस्मरणीय पल के साक्षी बने ।

कारसेवकों के सम्मान समारोह में विहिप के क्षेत्रीय गोरक्षा प्रमुख सोहन विश्वकर्मा , विहिप के जिलाध्यक्ष गोविंद परमार मंचसीन थे । सम्मान समारोह कार्यक्रम में सोयतकलां के कारसेवक शांताराम शर्मा, कमल किशोर वैद्य, जितेंद्र शर्मा विवेकानंद स्कूल संचालक ,चिंतामण राठौर भाजपा जिला अध्यक्ष , राजेश कुमरावत स्वदेशी जागरण मंच जिला संयोजक , गोपाल सोनी, कालुदास बैरागी, अशोक जैन , कमल व्यास आदि कारसेवकों का सम्मान किया गया । क्षेत्र के 8 गांव से 32 कारसेवकों ने 6 दिसंबर 1992 के दिन अयोध्या पहुंचकर कार सेवा की थी ।

हम कारसेवको ने देखा था, अतीत के इतिहास को वर्तमान का इतिहास बनते हुए : अक्षत कलश यात्रा के पूर्व कारसेवकों के सम्मान समारोह में कार सेवक राजेश कुमरावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि 6 दिसंबर 1992 की घटना का वह अविस्मरणीय क्षण जीवन भर हमें याद रहेगा हमने 16वीं में बनाया गया, बाबरी ढांचा 6 घंटे में कारसेवकों ने जमीजोत कर दिया था , हमने अतीत के इतिहास को वर्तमान इतिहास बनते हुए 6 दिसंबर को देखा था । श्री कुमरावत ने अपने अनुभव कथन में बताया कि एक अज्ञात साधु ने बस चला कर बेरीकेट्स को तोड़कर कार सेवकों को ढांचा गिराने का रास्ता साफ कर दिया था और वह साधु गायब हो गया था इस चमत्कार से सब हर कोई हदप्रद था । एक दिन पहले जब प्रतीकात्मक कर सेवा की घोषणा हुई तो सारे कर सेवा के इस आदेश के बाद चिंतित हो गए थे । अयोध्या में कोई कोई घटना ना घटे इसके लिए केंद्र सरकार ने वहां पर207 कंपनियां उसे विवादित ढांचे की सुरक्षा के लिए लगा रखी थी ।




