आगर मालवाउज्जैनदेशमध्यप्रदेश

मामला जमीन के फर्जी दस्तावेज का -27 दिनों बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी, जांच के नाम पर फर्जी तरीके से जमीन की धोखाधड़ी करने वालो को गिरफ्तारी से राहत

जमीन की धोखाधडी के मामले में न्यायालय ने 17 आरोपियों पर दर्ज कराई FIR , किन्तु नहीं हुई अभी तक गिरफ्तारी , 3 दिसम्बर को एफआईआर दर्ज होने के बाद अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं

जनमत जागरण @ सुसनेर से संजय जैन की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट :: फर्जी तरीके से जमीन की चतुर्थ सीमा बनाने तथा किसी भी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नामांतरण और बंटांकन करने के मामले में नलखेडा न्यायालय में दायर एक वाद में न्यायालय ने कूल 17 आरोपियो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिये थे जिसके बाद नलखेडा पुलिस ने इन आरोपियों के विरूद्ध धारा 294, 420, 457, 468, 120 बी, 471, 477 और 506/2 के तहत प्ररकण पंजीबद्ध कर लिया है। जिन लोगो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उसमें आगर के वर्तमान उपपंजीयक रमेश मोघरे, नलखेडा के तत्कालीन कस्बा पटवारी रामगोपाल रातडिया तथा आगर के सर्विस प्रोवाइडर भी शामिल है। एफआईआर 3 दिसम्बर 2023 को ही दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज होने के 27 दिन बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। सभी आरोपी अपना शासकीय कार्य भी कर रहे है। इसके अलावा आरोपियों ने इंदौर के भुपेन्द्र बाफना पिता महेन्द्र बाफना के अलावा सुसनेर और नलखेडा के जमीनो के दलाल शामिल है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार नलखेडा के न्यायीक मजिस्ट्रेड प्रथम श्रेणी मोहित माधव का पत्र क्रमांक 824/23 दिनांक 1-12-2023 प्रथम सुचना रिपोर्ट पंजीबद्ध करने हेतु थाना प्रभारी नलखेडा को प्राप्त हुआ। उक्त पत्र के पालन में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुसनेर से अभिमत प्राप्त कर नलखेडा न्यायालय में लम्बित प्रकरण क्रमांक यूएनसीआर/32/2023 आरीफ विरूद्ध दिलीप ने इस न्यायालय में द्वारा परिवाद में उल्लेखित तथ्यों के आधार पर संगेय अपराध का किया जाना जाहीर होता है जिसमें न्यायालय द्वारा आदेश पारित कर कूल 17 अभियुक्तो के विरूद्ध प्रथम सुचना रिपोर्ट किये जाने हेतु निर्देशित किया था। जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है।

  • ••क्या है पूरा मामला :: दर्ज प्रकरण के अनुसार नलखेडा गुदरावन रोड की सर्वे क्रमांक 1378/1 तथा 1378/2 को आपराधिक षडयंत्र करके गलत तरीक से इंदौर के एक व्यक्ति को बेच दिया गया। आरीफ मोहम्मद ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसे घर आकर डराया धमकाया इसके बाद आरीफ नलखेडा थाना प्रभारी को इसकी शिकायत दर्ज की। किन्तु पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। जिसके बाद आरीफ पिता मुबारिक हुसैन गणेश दरवाजा नलखेडा ने न्यायालय की शरण पुलिस ने न्यायालय के पत्र के आधार पर विभिन्न धाराओ में मुकदमा तो दर्ज कर लिया किन्तु अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। पुलिस इस मामले में जांच करने की बात कह रही है। जबकी न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजो के आधार पर पुलिस ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुसनेर से राय ली तथा दस्तावेजो की जांच के बाद ही प्रकरण दर्ज किया है। तो फिर अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच का बहाना क्यों किया जा रहा है।
•••जांच के नाम पर क्यों आरोपियों को समय दे रही है पुलिस : : इस पूरे मामले में न्यायालय में वाद दायर होने के बाद न्यायालय ने एफआईआर के आदेश दिये। पुलिस ने मामले की जांच करके सुसनेर के सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी से राय के बाद प्रकरण दर्ज किया। तो फिर अब जांच के नाम पर आरोपियों को समय देकर क्या पुलिस आरोपियों को दस्तावेजो में हैराफेरी करने तथा सबुतो को नष्ट करने का समय क्यों दे रही है। क्यों की मामले में उपपंजीयन आगर तथा कस्बा पटवारी जैसे शासकीय कर्मचारी भी आरोपी है। जो की आसानी से दस्तावेजो के साथ छेडछाड करके आवश्यक सबूतो को नष्ट कर रहे है।आरोपी उपपंजीयक अभी भी कर रहे है रजिस्ट्रीयाइस पूरे मामले में आरोपी बनाए गए आगर के उप पंजीयक रमेश मोघरे अभी भी जिला उप पंजीयक कार्यालय में जमीनो की रजिस्ट्रीया कर रहे है। मामले के अन्य आरोपी जो की सुसनेर और नलखेडा के है वे भी जमीनो की रजिस्ट्रीया अभी भी आगर में इसी उप पंजीयक से करवा रहे है। जबकि मामले में जो आरोपी है। उनमें से अधिकांश पर जमीनो की धोखाधडी के कई आरोप पहले से लगे हुएं है। तथा कुछ मामलो में तो एफआईआर भी दर्ज है। उसके बाद भी जिला कलेक्टर, जिला पंजीयक तथा जिला पुलिस अधीक्षक इस और ध्यान नही दे रहे है। जनमत जागरण ने जब इस मामले में आरोपी उप उपंजीयक रमेश मोघरे से फोन पर चर्चा करनी चाही तो उन्होने नाम सुनकर की फोन काट दिया । 

पहले जांच होगी उसके बाद गिरफ्तारी होगी :: नलखेडा न्यायालय के आदेश के बाद नलखेडा पुलिस ने 17 आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण तो दर्ज कर लिया है। किन्तु पहले जांच होगी उसके बाद ही आरोपियो की गिरफ्तारी की जाएगी। जांच से पहले किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। – विनोद कुमार सिंह जिला पुलिस अधीक्षक आगर-मालवा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!