हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की.. झांकियां के माध्यम से दिए समाज को कई संदेश
- अद्भुत अविस्मरणीय समाज को संदेश देने वाली बालकांड से लेकर लंका कांड तक भगवान राम के जीवन पर आधारित झांकियां पराक्रम दिवस सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर निकाली और संदेश दिया
जनमत जागरण @ सोयतकलां : : रामकथा असीम है, रामायण भी अनंत हैं ..हम कथा सुनाते राम सकल गुणधाम की… नगर के लवकुश रामकथा सुनाते हुए नगर में निकले सुभाष चंद्र बोस की जयंती अर्थात पराक्रम दिवस पर समाज को झांकियां के माध्यम से संदेश दिया ।
••शबरी माता राम जी को झूठे बेर खिला रही है मतलब झांकी ने समाज में समरसता का दिया संदेश…
••राजा राम की झांकी मतलब लोककल्याण कारी राज्य का दिया संदेश…
•• राक्षसी पूतना की झांकी मतलब ‘ निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ पन कीन्ह ‘ ..राक्षस वृत्ति का नाश करने का दिया संदेश ..
•• केवट द्वारा राम जी को नौका पर की झांकी का मतलब समाज सभी वर्गों से जुड़कर समाज में समरसता का भाव पैदा करना ।

ऐसे अद्भुत अविस्मरणीय समाज को संदेश देने वाली बालकांड से लेकर लंका कांड तक भगवान राम के जीवन पर आधारित झांकियां पराक्रम दिवस सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर निकाली और संदेश दिया । कालिदास विद्या निकेतन द्वारा नगर में सुभाषचंद्र बोस का स्वरूप धारण नन्हे-नन्हे छात्र छात्रों की रैली निकाली रैली में मुख्य रूप से वर्तमान 22 जनवरी को अयोध्या प्राण प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए पूरी रैली का संयोजन कर रैली को शोभायात्रा में बदल दिया गया ।
– ••• रामचरित्र पर निकाली 30 विभिन्न झांकियां के माध्यम से समाज को दिये कई संदेश :: शोभायात्रा में भगवान श्री राम के बाल्यकाल से लेकर रावण युद्ध और अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा तक 30 झांकियां बनाई गई । संपूर्ण रामायण की सुन्दर चलित झांकियां इतनी सुंदर और मनमोहक थी कि नगरवासी मंत्र मुग्ध होकर देखते रहे ।

यात्रा कालिदास स्कूल से शुरू हुई नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गो से होती हुई वापस विद्यालय में समाप्त हुई इस शोभायात्रा में जगह-जगह नगर वासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया । शोभायात्रा में माता शबरी ,केवट प्रसंग ,भरत मिलाप , सीता स्वयंवर, सहित दर्जनों भव्य और दिव्य झांकियां भगवान राम के जीवन के ऊपर बनाई गई थी जो पूरे नगर में आकर्षण का केंद्र रही ।

••• हमें प्रेरणा देते हैं बोस के संदेश :: आजादी की जंग में प्रमुख भूमिका निभाने वाले सुभाष चंद्र बोस देश के ऐसे स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं, जिनसे अंग्रेज कांपते थे। नेताजी ने ही आजाद हिंद फोज का नेतृत्व किया था और ‘जय हिंद’, ‘चलो दिल्ली’, ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का नारा दिया था। इसके अलावा उन्होंने देशवासियों को और भी कई ऐसे संदेश दिए, जो आज भी हमें प्रेरित करते हैं।




