◾हैलो – तुम्हारे बेटे को एक मामले में गिरफ्तार किया है, बचाना है तो रुपए कर दो ट्रांसफर , जानिए फिर क्या हुआ

◾सायबर ठगी - बेटा ऑफिस में और पिता को सीबीआई के नाम से वाट्सएप कॉल कर ₹ 80 हजार करवा लिए ट्रांसफर ◾ठग बोले - बेटे को गिरफ्तार किया है, बचाना तो रुपए कर दो ट्रांसफर ठगी के शिकार ◾परिवार ने एसपी को दिया आवेदन, सायबर पर ऑनलाइन की शिकायत
जनमत जागरण @ सुसनेर से दीपक जैन की रिपोर्ट । रोजाना सायबर ठगी के मामले सामने आ रहे है। उसके बाद भी प्रशासन इन मामलों पर रोक नही लगा पा रहा है और नही ठगी के बाद मामलों को सुलझा पा रहा है। सायबर ठगों के द्वारा हर बार नए-नए तरीकों से ठगी के चलते आम आदमी इस तरह की ठगी का शिकार हो रहे है। इस बार ठगी का एक और नया तरीका सामने आया है जिसमें ठगी करने वालो ने सीबीआई के नाम से वाट्सएप कॉल किया और बैंक खाते में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जबकि बेटा ऑफिस में काम कर रहा था और पिता के पास सीबीआई के नाम से फोन आया कि तुम्हारे बेटे और उसके दोस्तों को एक लड़की बाजी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है अगर बचाना चाहते है तो 80 हजार रुपए भेज दो । बेटे की चिंता में पिता ने आनन फानन में रिश्तेदार की बेटी से ऑनलाइन 80 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए, जब बेटा शाम को लौटकर घर आया तो पता चाला की पिता सायबर ठगी का शिकार हो गया।
◾ ऐसे हुई ठगी :: ठगी का शिकार हुए परिवार के अनुसार नलखेडा क्षेत्र का एक युवक सुसनेर स्वास्थ्य विभाग में काम करता है जो मंगलवार को विशेष ड्यूटी के दौरान सोयत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गया हुआ था। इस दौरान उसके पिता के पास अनजान नम्बर (+923096047125) से एक वाट्सएप कॉल आया जिसमे सीबीआई से बात करने का कहते हुए बेटे पर मामला बनाकर गिरफ्तार करने की बात कही गई। ठगी करने वालो ने बेटे व उसके दोस्तों के साथ मारपीट करने का एक फ्राड वीडियो बनाकर मोबाइल नम्बर से भी सेंड किया। जिससे घबरा कर पिता ने अपने रिश्तेदार की बेटी के नम्बर पर 80 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए।

◾ साबयर सेल में की ऑनलाइन शिकायत :: मामले में ठगी होने की बात सामने आने के बाद नलखेडा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने गए लेकिन पुलिस वालो ने शिकायत लेने से मना कर दिया। जिसके बाद आगर जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन दिया गया। साथ ही साबयर सेल में ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई। गनीमत रही कि ठगी मध्यमवर्गीय परिवार के साथ हुई जो इस ठगी को बर्दाश्त कर गया यदि यही ठगी की गरीब परिवार के साथ हुई होती तो परिणाम जाने क्या होता। हालांकि अब पुलिस इस मामले में साइबर ठगों का पता लगा कर वसूली करती है या बाकी मामलों की तरह यह भी सिर्फ सावधानी की समझाइश तक ही सीमित रहता है।



