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भोजशाला विवाद का निर्णायक मोड़: 1400 बलिदानों के 510 वर्ष बाद न्याय की घोषणा
अंचल का शिक्षा और कला का ऐतिहासिक गौरव : सरस्वती प्रकट स्थल “भोजशाला”🚩 1514 ईस्वी के 1400 हिन्दू बलिदान—510 वर्ष…
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घृणा अपराध : समाज, लोकतंत्र और मानवता के लिए बढ़ता खतरा, रोक जरूरी क्यों?✒️ नव वर्ष पर हॅंसमुख चिंतन 👉🏻डॉ बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’
✒️ नव वर्ष पर हॅंसमुख चिंतन 👉🏻 “घृणा अपराध : एक गंभीर समस्या, इस पर रोक लगाई जाए! डॉ बालाराम…
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अरावली पर ‘खनन छूट’ का भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट, सरकार और तथ्यों की पूरी सच्चाई
अरावली पर ‘खनन छूट’ का भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट, सरकार और तथ्यों की पूरी सच्चाई पर्यावरण,…
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“समाज में वैचारिक बढ़ती खाई : शिक्षा, धर्म और राजनीति के बीच एक चिंताजनक उभरती तस्वीर”(डॉ. बालाराम परमार)
समाज में वैचारिक बढ़ती खाई: एक चिंताजनक उभरती तस्वीर ✍️ डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ भारत जैसे विविधताओं से भरे देश…
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सिंहस्थ 2028: मोदी विज़न और मोहन मिशन पर सुस्ती का साया, अधिकारी नहीं जुटा पा रहे रफ्तार
सिंहस्थ 2028 : आस्था, आकांक्षा और प्रशासन के बीच की वास्तविक परीक्षा ✍️ जहाँ आस्था और इतिहास एक साथ साँस…
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“मीना बाजार” की असलियत: अकबर की अय्याशी से शुरू हुई झूठी परंपरा का सच — क्यों जरूरी है मीना बाजार का पुनर्मूल्यांकन?
मीना बाजार: पुरानी परंपरा का पुनर्मूल्यांकन ✍️ डॉ. बालाराम परमार ‘हंसमुख’ भूमिका – परंपरा या परछाई? भारत की सांस्कृतिक परंपराएँ…
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“मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों पर ताले – क्या बच्चों का भविष्य भी हुआ सील?” जानिए मध्यप्रदेश में शिक्षा के गिरते दरवाज़े का रहस्य”
📰 मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूल बंद – बच्चों के भविष्य पर ताले! ✒️ डॉ. बालाराम परमार ‘हंसमुख’(रिटायर्ड शिक्षक एवं माध्यमिक…
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शौर्य का शंखनाद : “दहशत की सीमा पर: ब्रह्मोस की दहाड़” – आज का ‘हंसमुख’ गीत ✒️ डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’
ब्रह्मोस: भारत की सुपरसोनिक हुंकार ✒️ डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’ मैं भारत की ब्रह्मोस!सपनों सी तेज़, वज्र समान कठोर,सीमाओं की…
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राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या में ‘आधार पत्र’ की निर्णायक भूमिका: कैसे तय होती है आपकी पाठ्यपुस्तक की दिशा?
राज्य स्तरीय पाठ्यचर्या में आधार पत्र का पुस्तक निर्माण में योगदान ✒️ डॉ. बालाराम परमार ‘हंसमुख’सदस्य – मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निर्माण…
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अंबेडकर को समझने का सही समय: क्या हम सिर्फ जयंती मनाकर कर्तव्य निभा रहे हैं?– डॉ बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’ का विशेष लेख
अंबेडकर को समझने का सही समय डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’सेवानिवृत्त प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय संगठनसदस्य, म.प्र. पाठ्यपुस्तक निर्माण एवं देखरेख समिति…
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