आपके लेख
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क्या रूढ़ियों की रक्षा ही संस्कृति है? विवेकानंद, नारी स्वतंत्रता और मनुस्मृति पर बड़ा विमर्श
मनुस्मृति के एक श्लोक से शुरू हुई बहस आखिर संस्कृति और रूढ़ि के अंतर तक कैसे पहुंचती है? विवेकानंद के…
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जंतर-मंतर विश्वविद्यालय: BA in आंदोलन | राजनीति और आंदोलन संस्कृति पर तीखा व्यंग्य
क्या आंदोलन अब करियर बन गया है? पढ़िए डॉ. बालाराम परमार 'हँसमुख' का समसामयिक राजनीतिक व्यंग्य, जो शिक्षा, राजनीति और…
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भारतीय ज्ञान परंपरा: केवल अतीत का गौरव नहीं, भविष्य का मार्गदर्शन
डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ सेवानिवृत्त प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय संगठन।सदस्य, विद्या भारती (मध्य क्षेत्र – मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़)। सदस्य, मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निर्माण एवं…
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IIT-AIIMS से आगे भी है भविष्य : 12वीं पास विद्यार्थियों के लिए प्रेरक संदेश ✒️ डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’
“दिल की सुनो” : 34 वर्षों के अनुभवी शिक्षक की विद्यार्थियों को सलाह “कॉलेज नहीं, क्षमता चुनो” 12वीं पास विद्यार्थियों…
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“14 अप्रैल: जयंती से आगे—क्या हम अंबेडकर के विचारों को जीवन में उतार पा रहे हैं?”✍️ डॉ बालाराम परमार
✍️ 14 अप्रैल केवल एक जयंती नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है।डॉ. भीमराव अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को…
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भोजशाला विवाद का निर्णायक मोड़: 1400 बलिदानों के 510 वर्ष बाद न्याय की घोषणा
अंचल का शिक्षा और कला का ऐतिहासिक गौरव : सरस्वती प्रकट स्थल “भोजशाला”🚩 1514 ईस्वी के 1400 हिन्दू बलिदान—510 वर्ष…
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घृणा अपराध : समाज, लोकतंत्र और मानवता के लिए बढ़ता खतरा, रोक जरूरी क्यों?✒️ नव वर्ष पर हॅंसमुख चिंतन 👉🏻डॉ बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’
✒️ नव वर्ष पर हॅंसमुख चिंतन 👉🏻 “घृणा अपराध : एक गंभीर समस्या, इस पर रोक लगाई जाए! डॉ बालाराम…
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अरावली पर ‘खनन छूट’ का भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट, सरकार और तथ्यों की पूरी सच्चाई
अरावली पर ‘खनन छूट’ का भ्रम क्यों फैलाया जा रहा है? सुप्रीम कोर्ट, सरकार और तथ्यों की पूरी सच्चाई पर्यावरण,…
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“समाज में वैचारिक बढ़ती खाई : शिक्षा, धर्म और राजनीति के बीच एक चिंताजनक उभरती तस्वीर”(डॉ. बालाराम परमार)
समाज में वैचारिक बढ़ती खाई: एक चिंताजनक उभरती तस्वीर ✍️ डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ भारत जैसे विविधताओं से भरे देश…
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