जानिए: गो कथा में स्वामीजी जी ने बताया कौन बनेगा ब्रह्म हत्या का पापी ..! और जिसने भी यह कृत्य किया उसकी होगी नस्ल खराब

🚩 गोमाता के चारो खूरो में नाग देवता का वास होता है। गायमाता से बढ़कर इस संसार में और कोई शक्तिशाली नहीं है - स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। हमारी संस्कृति की बहुत बहुत महिमा है। आज कथा में कई भक्तजन गोबर के नाग देवता बना कर लाए है । उत्तराखंड में आज के दिन बहुत बड़ा उत्सव मनाया जाता है। मसूरी और पोड़ी गढ़वाल में गोमाता के प्रभाव से नाग देवता के प्रकटीकरण के प्रमाण उपलब्ध है। जो व्यक्ति गोमाता और नागदेवता की भाव पूर्ण पूजा करते है उन्हे स्वर्ण का अपार सुख मिलता है। भगवान श्री कृष्ण कहते है कि जो मनुष्य नागपंचमी के दिन गोमाता के दूध से नाग देवता को स्नान कराता है उसके पूरे कुल को अभय दान प्राप्त होता है। ऐसा करने से पूरे परिवार को पूरे वर्ष नाग काटना तो दूर डराता भी नही है। हमारे शास्त्रों में नाग को स्नान कराने का विधान है न कि नाग को दूध पिलाने का। यह एक मिथ्या बात है की नाग देवता दूध पीते है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 123 वे दिवस नाग पंचमी एवं विश्व आदिवासी के महापर्व पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही।
🚩यदि नाग देवता नही मिलते है तो गोमाता के पैर के खुरो में दूध चढ़ा सकते है। हमारे धर्म ग्रंथो में बताया गया है कि गोमाता के चारो खूरो में नाग देवता का वास होता है। पूज्य महाराज जी ने नागपंचमी के पर्व पर नाग देवता को प्रार्थना कर कहां कि है! नागराज आप पौराणिक समय में तेजाजी, पाबु जी बनकर कर आए और गोमाताओ को बचाया। आज हजारों की संख्या में गोमाताए काल का ग्रास बन रही है। आप गोमाता को कसाइयों से बचाओ। जो कोई गोमाता को तकलीफ दे रहे है उनकी रक्षा कीजिए ।

🚩 अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के शुभावसर पर स्वामीजी ने बताया कि भगवान शिव के सबसे प्रिय पुत्र आदिवासी है और राष्ट्र रक्षा एवं गो सेवा में यदि सबसे ज्यादा किसी की भूमिका रही है तो वह आदिवासी समुदाय है, लेकिन कुछ विधर्मी धर्मांतरण के चक्कर में मेरे पूज्य आदिवासी बंधुओ को हिन्दू धर्म से अलग करने का षड्यंत्र कर रहें है जबकि भगवान राम के समय महाराणा प्रताप जैसे राष्ट्रपुरुषों का हमारे आदिवासी बंधुओ ने कंधा से कंधा मिलाकर हमारे राष्ट्र की रक्षा की है ।
🚩 पूज्य स्वामीजी ने सभी जिला कलेक्टर,एसडीएम, तहसीलदार एवं पटवारियों से आग्रह किया है कि वे भगवती गोमाता के हितार्थ जिन जिन ने भी शासकीय चारागाह भूमि पर जबरन कब्जा कर रखा है उसे तुरन्त मुक्त करवाएं तथा सालरिया एवं लोधा खेड़ी के जिन गो भक्तो ने 08 अगस्त को सरकारी चारागाह भूमि से कब्जा छोड़ने की शपथ ली है , उनके कब्जे वाली भूमि को भी सरकार तुरन्त मुक्त कराएं ताकि वे गोचर भूमि के कब्जे से ब्रह्महत्या के बराबर लगने वाले पाप से बच सकें साथ ही स्वामीजी ने बताया कि गोचर भूमि को अन्य उपयोग के लिए अलॉटमेंट नहीं करें सरकार क्योंकि गायमाता से बढ़कर इस संसार में और कोई शक्तिशाली नहीं है और गोमाता की चारागाह पर जिस जिस ने भी कब्जा किया या करवाया है उसकी नस्ल खराब होने के साथ साथ वह ब्रह्महत्या जैसे महापाप का भागी बना है।
🚩अतिथि के रूप में रत्तीराम राठौर एवं रामप्रसाद राठौर(सेवा निवृत वेटनरी कंपाउंडर), झालरापाटन, रामबाबू राठौर एवं अमर सिंह राठौर दीवान खेड़ी, व भीलवाड़ा जिले के रायला के गोभक्त आदि उपस्थित रहें
🚩श्रावण शुक्ला नाग पंचमी पर शिवसहस्त्राहुती यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक खेमराज जी यादव, हाथीदेह (नीम का थाना) अजीतगढ राजस्थान द्वारा एकादश विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न हुआ

🚩123 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के भीलवाड़ा मध्यप्रदेश के आगर जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 123 वें दिवस पर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की बनेड़ा तहसील के अमरपुरा ग्राम से लालाराम माली,राजू लाल माली एवं श्याम माली एवं आगर मालवा जिले सुसनेर तहसील के जेतपुरा ग्राम से हरिसिंह,पूरसिंह,जोरावर सिंह, प्रेम सिंह, करण सिंह,देवी सिंह,, राघु सिंह,चेतन सिंह,बाबू सिंह, रामसिंह एवं गोविंद के साथ ग्राम के सैकड़ों मातृशक्ति ,युवा, वृद्ध अपने देश,राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए डीजे के गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए छपन्नभोग लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



