अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश
दिव्य अलौकिक गोकथा: बदले से अच्छा है बदलाव, बदला विध्वंश का प्रतीक है और बदलाव सृजन का प्रतीक है

🚩गोमाता एवं नन्दी की सेवा से भगवान महादेव अधिक प्रसन्न होते है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। अग्नि पुराण में लिखा है कि भगवान महादेव को जल से स्नान करवाने पर दश, दूध से स्नान करवाने पर सौ, दही से स्नान करवाकर पर एक हजार और घी से स्नान करवाने पर दस हजार गुणा अपराध नष्ट हो जाते है। भगवान महादेव को घी बहुत प्रिय है। स्वामीजी ने आगे बताया कि शंका हो तो प्रश्न करने की आदत होनी चाहिए। मन में शंका लेकर आदमी मर जाए तो आदमी प्रेत बनता है। किसी भी विषय से जुड़ी शंका हो तो समाधान कर लेना चाहिए। शंका हो तो नरक का भागी बनना पड़ता है। धर्म के कार्य आकर रुकावट डालने वाला अजगर के समान होता है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्स के 126 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कहीं।

🚩मनुष्य की परिभाषा क्या है :: जिसमे अहंकार, दंभ, प्रमाद, हिंसा हो वह अजगर के समान होता है। यह असुर के लक्षण है।असुरी कार्य करने वाले शैतान होते है। ज्यादातर दूसरो के नुकसान करने की घटना उसमे अहंकार की प्रधानता होती है। इस संसार में जो कुछ होता है माया के वशीभूत होता है । हम सावधानी रखे। किसी से बैर नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं, किसी से बदले की भावना नहीं। बदले की भावना बहुत बुरी होती है। बदले से अच्छा है बदलाव। बदला विध्वंश का प्रतीक है और बदलाव सृजन का प्रतीक है स्वामीजी ने कहां कि संत और मक्खन गर्मी पाकर पिघल जाते है। मक्खन तापमान की गर्मी से पिघलता है और संत दूसरो के दुख से पिघलता है। भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए भोले बाबा की भक्ति करना जरूरी नहीं है अर्थात जो व्यक्ति गोमाता तथा नन्दी बाबा की सेवा करता है, उससे भोले बाबा अधिक प्रसन्न होते है।
🚩 स्वामीजी ने सभी श्रोताओं को बताया कि आगामी श्रावण पूर्णिमा सोमवार,19 अगस्त 2024 को गो अभयारण्य में विराजित सभी 5000 से अधिक गोमाताओ को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबन्धन पर्व मनाया जाएगा एवं आगामी 25,26एवं 27 अगस्त को गो अभयारण्य में जन्माष्टमी महापर्व का विशाल आयोजन होगा जिसमें देश के प्रमुख सन्त महात्माओं सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं मध्यप्रदेश के गणमान्यजन उपस्थित रहेंगे । श्रावण शुक्ला अष्टमी के अवसर पर शिवसहस्त्राहुती यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक मध्यप्रदेश के आगर जिले के सोयत कलां से श्रीमति रेखा -घनश्याम जी राठौर एवं श्रीमति प्रेमलता- ओम प्रकाश जी पालीवाल के परिवार की और से सम्पन्न हुआ ।

🚩 126 वे दिवस पर चुनरी यात्रा दादर नागर हवेली, गुजरात एवं मध्यप्रदेश राज्य से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 126 वें दिवस पर दादर नागर हवेली के सिलवासा से गोभक्त श्रीमती सुधादेवी गोयनका पुत्रवधु एवं पुत्र श्रीमति पायल एवं गणेश जी गोयनका व पोत्री राधिका , गुजरात के हिम्मतनगर से देसाई नारायण भाई काला भाई, अरविन्द भाई ईडर एवं भरत भाई के . पटेल रामपुर(ईडर) वमध्यप्रदेश के आगर जिले के सुसनेर नगर से शिवशक्ति महिला मण्डल परसुलिया रोड़ सुसनेर से सोरम बाई,कोशल्या बाई शर्मा, ममता बाई सोंधिया, पार्वती राठौर, बबली शर्मा, कृष्णा मालवी, धापू बाई, मनोरमा राठौर,लीलाबाई,, निर्मला मालवी एवं कमला बाई व सुसनेर तहसील के कायरा ग्राम के पंच पटेल गंगाराम,शिवलाल,रामलाल, नाथू सिंह,मुकेश, कमल, शंकर सिंह, कालु सिंह, मनोहर सिंह,सज्जन सिंह आचार्य, करण सिंह, औंकार लाल एवं बालू सिंह के साथ ग्राम/नगर के सैकड़ों मातृशक्ति ,युवा, वृद्ध अपने देश,राज्य एवं ग्राम/नगर के जन कल्याण के लिए डीजे के गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए छपन्नभोग लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



