हमारा सबसे बढ़ा शुभ चिंतक कौन है..? जानिए..गोकथा में स्वामीजी क्या कहा – एक गोमाता की सेवा करके हम प्रकृति के प्रत्येक कण की सेवा कर सकते हैं- स्वामीजी

जनमत जागरण @ सुसनेर। कुछ लोग किसी को बेवकुफ बनाकर, किसी के साथ गलत करके, किसी के साथ बदमाशी करके खुश हो जाते है लेकिन ऐसा करके वह खुद का बहुत बड़ा नुकसान कर लेते है। स्वामीजी ने आगे बताया कि एक सेवा से दो चीजें नहीं मिल सकती है। या तो जगत मिलेगा या जगन्नाथ मिलेगा। निष्काम भाव से सेवा करेंगे तो जगन्नाथ से मिलने से कोई नहीं रोक सकता । संसार जितना सहयोग करता है उतना कर्ज बढ़ रहा है । जो हमारा सहयोग नही कर रहा है वह हमारा सबसे बढ़ा शुभचिंतक है। सहयोग तो एक परमात्मा का ही चाहिए। एक गोमाता की सेवा करके हम प्रकृति के प्रत्येक कण की सेवा कर सकते हैं । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्स के 135 वे दिवस पर* श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज कही ।

🚩 वराह पुराण में कहा है कि गोमाता के संग रहने से पवित्रता आती है। मन में विक्षेप नही रहे यह तभी संभव है जब जीवन में गोसेवा रहेगी। गोमाता के गोमूत्र में गंगा जी का वास रहता है, जो मन और तन दोनो को पवित्र करता है। विष्णु पुराण में लिखा है गोमाता का सानिध्य करने से मन को सुकून मिलता है। अग्नि पुराण में भी इस बात का उल्लेख है की जिस प्रकार राम चरित्र मानस को पढ़ने से पुण्य मिलता है ठीक उसी प्रकार गोमाता की सेवा से शांति मिलती है। आजकल विदेशों में काऊ कडलिंग का प्रचलन इसी कारण तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपने तनाव को दूर करने के लिए पैसा देकर गोमाता को समीप ला रहे है।
⏩ अतिथि::135 वे दिवस पर श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी डॉक्टर विक्रम सिंह जी (जमुनिया बडौद) एवं प्रदीप जी बजाज सुसनेर व राजस्थान के बागड़ क्षेत्र के तलवाड़ा(बांसवाड़ा) से सनातन त्रिवेदी,पंकज पाटीदार,ऋषि द्विवेदी एवं अशोक पाटीदार एवं भवानीमंडी से बंशीलाल जी पाटीदार भेसोदा एवं मुकेश कुमार पाटीदार मिश्रोली आदि अतिथि उपस्थित रहें । भाद्रपद कृष्णा प्रतिपदा पर शिवसहस्त्राहुति यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक सूरत (गुजरात)निवासी ताराचंद जी, सोहन लाल जी मोहता के परिवार की और से विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न हुआ।

⏩ 135 वे दिवस पर चुनरी यात्रा महाराष्ट्र के मुम्बई एवं राजस्थान के झालावड़ जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 135 वें दिवस पर चुनरी यात्रा महाराष्ट्र के मुम्बई से महेश अपर्णा कासट जो सुसनेर निवासी: गोविंद जी बांगड़ किरण जी बांगड़ की सुपुत्री के परिवार से एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी डॉक्टर विक्रम सिंह जी के बुआ सा श्रीमती आनन्द कुंवर बाई (मोगरा-झालावाड़),श्रीमती लाभ कुंवर बाई (मोगरा झालावाड़),श्रीमती धापू बाई (गुराडिया माना) एवं श्रीमती दशरथ कुंवर बाई(जमुनिया बडौद) ने अपने परिवार देश,राज्य एवं ग्राम/नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



