जानिए गोकथा में आज क्या कहा : संसद- विधानसभाओं में यह छोटा-सा काम शुरू करें, देश को होगा बड़ा लाभ

🚩कलयुग में यह कार्य को करते-करते हमें मिल सकते हैं कन्हैया - दिव्य अलौकिक गोकथा में स्वामीजी ने कहा
जनमत जागरण @ सुसनेर :: श्रीमद् भागवत महापुराण के 10वे स्कंध के 42 वे अध्याय में लिखा है कि कृष्ण जी के संग रहना हो, गोलोक में बसना हो तो गईयां का संग करना होगा। ग्वाला बनकर के श्री कृष्ण के सामिप्य का लाभ लिया जा सकता है। गो की सेवा करते करते कन्हैया मिल सकते है । सड़क पर पड़ी गैया की सेवा यदि अभयारण में गोभक्त कर रहे है तो उसके पीछे लोभ है श्री कृष्ण से मिलने का। एक पुण्य ऐसा है जो सीधा स्वर्ग ले जाता है। अगर कोई हमारी गोमाता को चरा रहा है तो हमारा फर्ज बनता है की उसको अनाज दे, उसको कपड़े दे, उसके सामान्य आवश्यकता की पूर्ति करे। पुराने समय में त्योंहारो पर उनको उपहार भी देते थे उसका प्रभाव यह पड़ता था की ग्वाले प्रसन्न रहते थे। ग्वाले प्रसन्न रहने से श्री कृष्ण प्रसन्न हो जाते थे। परिणाम स्वरूप गो लोक मिल जाता था। भविष्य पुराण में लिखा है कि ग्वाले को या गोशाला में काम करने वाले व्यक्तियों को मासिक वेतन समय पर देना चाहिए। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 136 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।


🚩 स्वामीजी ने आगे बताया कि ऋग्वेद में लिखा है गोमाता का दूध अमृत है। यह मानव मात्र की रक्षा करने की शक्ति रखता है। गोसेवा का फल उसे मिलता है जिसकी दृष्टि दूध पर नही होती है। कई लोग ऐसे है जब गोमाता दूध देती तब तक अच्छा अच्छा खिलाते है लेकिन जब दूध देना बंद कर देती है, तब उसे जंगल में चरने के लिए छोड़ देते है। घर पर आने के बाद भी कुछ नहीं खिलाते। दूध का लोभ नही करना चाहिए। मिल जाए तो बढ़िया नही मिले कोई बात नही। मिलना जो चाहिए वो पुण्य है। दूध हर भारत वासी को मिलना चाहिए।गोमाता का दूध पीने से सतोगुण आता है, सात्विक बल बढ़ता है, तमोगुण चला जाता है। हम चाहते है कि भारत की संसद और विधानसभाओं में गोमाता के दूध का काउंटर खुले। सभी सांसदों, विधायकों को गोमाता का दूध मिले, दूध से बनी मिठाइयां मिले तो देश का बड़ा भला हो जाए
⏩ स्वामीजी ने बताया कि आगामी 25,26 एवं 27 अगस्त को गो अभयारण्य में जन्माष्टमी का भव्य महामहोत्सव होगा जिसमें श्री हित आदर्श कृष्ण कला रासलीला मंडल स्वामी देवेंद्र वशिष्ठ जी के द्वारा श्री धाम वृंदावन के माध्यम से भव्य रासलीला का आयोजन होगा
⏩ अतिथि:: भाद्रपद कृष्णा तृतीया तदोपरांत चतुर्थी पर शिवसहस्त्राहुति यज्ञ, पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक धार जिले के कड़ोद ग्राम से श्रीमती गीता बाई देवीलाल जी धजद के सुपुत्र महेश जी धाकड़ एवं श्रीमती मीरा बाई एवं आगर जिले की बडौद तहसील के श्री महेन्द्र सिंह श्रीमती रजनी देवी ने सम्पन्न करवाया
⏩136 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावड़ एवं मध्यप्रदेश के धार जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 136 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम कड़ोद ग्राम से श्रीमती गीता बाई पत्नि देवीलाल धाकड़ एवं उनके पुत्र महेश धाकड़ एवं श्रीमती मीरा बाई एवं पौत्र हरिश, उज्ज्वल वा भानेज मुकुंद मेहता एवं राजस्थान के झालावाड़ जिले की डग तहसील के डाबला गहलोत के समस्त ग्राम वासियों की और से सेवा निवृत अध्यापक भाव सिंह व झालावाड़ जिले की रायपुर तहसील के माथनिया ग्राम से गोविन्द सिंह झाला (सरपंच), रमेश गुप्ता (पूर्व सरपंच), रामबाबू शर्मा, भारत कुंवर, बद्री लाल गुप्ता,, रमेश शर्मा, कमल सिंह झाला, मनोज टेलर,अशोक गुप्ता, हरिराम राठौर, भागचंद राठौर, कन्हैया लाल दांगी, रामलाल दांगी, भंवर सिंह शक्तावत एवं आलम सिंह झाला आदि ने सैंकड़ो मातृ शक्ति, युवा एवं पंच पटेलो के साथ अपने परिवार देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



