अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

जो लोग कर्म को छोड़ केवल कृष्ण कृष्ण करते है वह कृष्ण के विरोधी- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। हम सब रामजी के है और रामजी हमारे है | रामजी है तो हम सब यहाँ है .. यदि हम सब गोसेवा के क्षेत्र में कार्यरत है तो यह सब राम जी की कृपा है | जीवन में सत्कर्म करने से बड़ा शुभ फल मिलता है| प्रभु भक्ति और गोसेवा करे तो हमारी सात्विक मनोकामनाए स्वत: ही पूर्ण होती है | धन, वैभव, सुख सुविधा चाहिए यह लोभ है परमात्मा चाहिए यह लाभ है | लोभी बनना है या लाभार्थी बनना है यह आप तय करें |आज कथा में जम्मू कश्मीर का प्रसंग चला | महाराज जी ने कहा कि पहले पूरी कश्मीर घाटी मंत्रो से गूंजती थी | यह भूमि कई ऋषि मुनियों की तप स्थली रही | कश्मीर में राजा रणजीत सिंह जी का शासन था| राजा का गोसेवा में अटूट प्रेम था| कश्मीर भारत का स्वर्ग कहलाता था | देश की शान तभी बढेगी जब सारा कश्मीर भारत में होगा | उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 138 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।

🚩 महाभारत के अनुशासन पर्व में लिखा है जो गोमाता का प्रेमी है , गोमाता का स्नेही है उसके लिए कुछ भी दुर्लभ नहीं है | उसको सब कुछ सहज ही मिल जाता है | 84 लाख योनियों के बाद मानव तन मिला है ..पूरी तरह से  प्रभु की भक्ति में लग जाए .. ईश्वर भजन के बगेर यह समय निकाल रहा है तो गलत है ...हम जिसको पूजना है पूजे लेकिन प्रभु भक्ति में लग जावे , समय बहुत तेजी से निकल रहा है | समय निकलने के बाद पश्चताप के अतिरिक्त कुछ हांसिल नहीं होगा| वाणी से, कर्म से हम किसी को दुखी नहीं करे | हम सुधर जाएंगे तो जग सुधर जाएंगे | मुक्ति चाहते है तो गोसेवा और प्रभु भक्ति में लग जाये |   भगवान शिव निष्कामता का प्रतिक है | कामना रहीत जीवन चाहिए तो शिव जी के जीवन चरित्र से सिखने की आवश्यकता है | 

🚩 भगवान शिव बिना सुख सुविधा के प्रतिकूल परिस्थियों में कैलाश पर्वत पर रहते है, बदन पर भस्मी रमाये बैठे है, गले में सांप की माला है और फिर भी पूरी मस्ती में रहते है | शक्ति से भक्ति आती है भक्ति से निर्मलता आती है | मन निर्मल हो गया तो जीवन सफल हो गया | किसी के प्रति द्वेष नहीं, किसी से झगडा नहीं, कोई हमारा दुश्मन नहीं है तो समझे हम निर्मल हो गये हैं| निर्मल मन से भगवत प्राप्ति सहज हो जाती है|भगवान से कभी गलत चीज न मांगे | सात्विक चीज मांगे भगवान पूरी करते है | माता पिता भी कभी बच्चो की गलत मांगे पूरी न करे| जैसे छोटा बच्चा यदि मोबाइल मांगता तो हम उसे नहीं दिलाये क्यों की मोबाइल उसके लिए नुकसानदायक है | जब तक भोजन कर रहे है तब तक कर्म करना चाहिए | जो लोग कर्म को छोड़ कर केवल कृष्ण कृष्ण करते है वह कृष्ण के विरोधी है | जब तक श्वास चल रही तब तक कर्म करे|

  • 🚩 कुछ समय पहले भारत में बहने वाली नदियों के किनारों पर गैया चरने जाती थी, वही गैया के बीच कन्हेया बसते थे यह द्रश्य बहुत सुहाना लगता था आज यदि ऐसा द्रश्य देखना है तो कामधेनु गो अभ्यारण पधारे देश में विकास के चलते नदियों के किनारों पर फेक्टरियो की भरमार हो गई है| नदियों के तट ख़त्म हो गए है | नदियाँ दूषित हो गई है | अब कहाँ नदी के किनारों पर लोग गोमाता को चरने देते है | हमारे धर्म शास्त्रों में लिखा है कि नदी के किनारे गोमाता के लिए ही होते है । जब तक गैया नदी के किनारों पर चरति थी तब तक नदियों की पवित्रता था| नदियों में रहने वाले जीव, वहां रहने वाले पशु पक्षी सब प्रसन्न रहते थे | गोमाता के नहीं चरने से मथुरा जी वृंदावन जी में बहने वाली यमुना जी को आज हम देखे वहां का पूरा पानी दूषित हो गया है |

अतिथि :: श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के प्रथम दिवस 25 अगस्त 2024 रविवार को एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के मुख्य यजमान श्रीमान चिमनलाल जी अग्रवाल गांधी नगर अहमदाबाद अपने परिवार के साथ एवं राजगढ़ लोक सभा क्षेत्र के सांसद श्रीमान रोडमल जी नागर उपस्थित रहेंगे भाद्रपद कृष्णा पंचमी पर शिवसहस्त्राहुति यज्ञ, पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक श्री संजीव कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी अंजू बाई ने सम्पन्न करवाया ।

 138 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावड़ जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 138 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले लक्ष्मीपुरा ग्राम से महिला मण्डल की द्वारा अपने परिवार देश,राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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