भौतिक विकास ही विनाश है क्योंकि विकास नामक राक्षस आया उसने सारा गोचर खत्म कर दिया – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

🚩 भौतिक विकास के साथ साथ आध्यात्मिक विकास, नैतिक विकास, सांस्कृतिक विकास करेंगे तो ही सही अर्थों में विकास कहलाएगा अन्यथा विकास ही विनाश है।
जनमत जागरण @ सुसनेर। तीन लोग यदि गोमाता से जुड़ जाएं तो सब लोग जुड़ जाते है। संत, शासक और सेठ समाज इन तीन के पीछे ही चलता है। संत, शासक और सेठ का ही समाज अनुसरण करता है। यदि यह सभी गोमाता की सेवा में लग जाए तो समाज का प्रत्येक वर्ग गोमाता की सेवा करने लगेगा। जो लोग कहते है कि मेरे बच्चे, मेरी बीवी, मेरा परिवार कंट्रोल में नहीं है वह एक नंदी को घर में लाकर पूरे मनोभाव से सेवा करना प्रारंभ करें। ऐसा करने से आपके भीतर ऐसी शक्ति आ जाएगी किसी को कहे बगैर ही आंखों की शर्म से ही पूरा परिवार नियंत्रण में रहेगा । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 142 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।

🚩 स्वामीजी ने आगे बताया कि सागर तट पर बसा मुंबई आधा से ज्यादा गोचर पर बसा है । विकास नामक राक्षस आया उसने सारा गोचर खत्म कर दिया । आजकल विकास मतलब सड़के बनाओ, ब्रिज बनाओ, हॉस्पिटल बनाओ, हवाई जहाज उड़ाओ यही हो गया है। जीवन बनाओ, संस्कारित बनाओ, मानवता बनाओ, सनातन धर्म बचाओ, मां बाप की सेवा कराओ यह कोई नहीं कहता। ज्यों ज्यों विकास नाम का राक्षस बढ़ा है त्यों त्यों विनाश भारत की संस्कृति का हुआ है । देश का आधा गोचर तो यह विकास ही खा गया है। सर्वांगीण विकास होना चाहिए। भौतिक विकास के साथ साथ आध्यात्मिक विकास, नैतिक विकास, सांस्कृतिक विकास करेंगे तो ही सही अर्थों में विकास कहलाएगा अन्यथा विकास ही विनाश है।
⏩ अतिथि :: 142 वें दिवस पर श्री कैलाश आश्रण ऋषिकेश से पूज्य स्वामी अंकित भारती महाराज का आशीर्वाद मिला एवं झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के कल्याणपुरा निवासी श्री शिवलाल भगत जी अतिथि के रूप में उपस्थित रहें ।
⏩ 5000 हजार बांस के वृक्षों का अवलोकन :: भाद्रपद कृष्ण पक्ष दशमी के शुभ अवसर पर पर गो पूजन शिवसहस्त्राहुति यज्ञ, पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक राजस्थान के सिरोही से शान्ताराम जी रावल मुंबई के परिवार ने एकादश विप्रजनों से सम्पन्न करवाया गो अभयारण्य मालवा में वन विभाग आगर मालवा की ओर से लगाए गए 5000 हजार बांस के वृक्षों का अवलोकन करने के लिए आज उपवन मंडलाधिकारी श्री जाम सिंह जी मुवेल, श्री चन्दर सिंह पंवार सुसनेर परिक्षेत्र अधिकारी, वन रक्षक श्री जितेन्द्र गौड़ एवं वाहन चालक अशोक देवड़ा एवं अभयारण्य के नर्सरी प्रभारी नितेश जी पाटीदार ने अवलोकन किया ।

⏩ 142 वे दिवस पर चुनरी यात्रा विप्रजनों एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से - एक वर्षीय गोकृपा कथा के 142 वें दिवस पर चुनरी यात्रा एशिया के प्रथम गो अभयारण्य मालवा में एक वर्षीय वेद लक्षणा गो आराधना महामहोत्सव में अनुष्ठान कर रहें विप्रजनों एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर से गोरधन लाल बैरिस्टर, सत्यनारायण गुप्ता,भगवान गुप्ता (गोघटपुर), एवं सोयत निवासी राधेध्याम गुप्ता,मेड़तवाल गुप्ता परिवार ने अपने परिवार देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।


