दिव्य अलौकिक गोकथा: अपने कुल में मंदबुद्धि, कमजोर बालक का जन्म होता हैं तो समझिए इस कारण से हुआ ऐसे बच्चे का जन्म

🚩 जिस जिस राज्य में गोमाता कम हुई है,वह राज्य भारत से कटने की तैयारी में है - स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। प्रत्येक परिवार में हर 10 पीढ़ी में से एक बच्चा राष्ट्र रक्षा के लिए फौजी बने या धर्म की रक्षा हेतु साधु बने। यदि ऐसा नही होता है तो उस कुल की 11 वी पीढ़ी में मंदबुद्धि, कमजोर बालक का जन्म होता है। सनातन संस्कृति में दान की बहुत महिमा है। दान से ही धार्मिक कार्यों को किया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आय का 10वां हिस्सा अवश्य दान करना चाहिए। साधु संत कभी भी बली का समर्थन नहीं कर सकते। जो किसी के दुख को समझे यही तो साधुता है। साधु संत तो किसी जीव का दुख भी नही देख सकते, जीव की हत्या करने का विचार भी नही कर सकते। यदि कोई ऐसी बात करता है तो वह निश्चित कोई पाखंडी ही होगा। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 147 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।
⏩ स्वामीजी ने आगे बताया कि जिस राज्य में गोमाता सुखी है वहां की प्रजा भी सुखी होती है। आज भारत के जिस जिस राज्य में गोमाता नही है ,वह राज्य या तो भारत से कटा है या भारत से कटने की तैयारी में है ।स्वामीजी ने बताया कि आत्मा ही सत्य है यह शरीर तो असत्य है आज नही तो कल मिट्टी में मिल जाएगा। जितना समय मिले सेवा और भजन में लगा देवे। यही हमारे लोक और परलोक को सुधार सकेगा। पौराणिक समय में मुट्ठी भर मुगलो ने बाहर से आकर हिंदुस्तान पर कई वर्षो तक शासन किया। मूल कारण हिंदुस्तान की रियासतों का आपस में एक न होना था। आपसी द्वेषता के चलते स्थानीय राजाओं ने अपनो का साथ देने की अपेक्षा बाहरी लोगों का साथ दिया। वर्तमान में भी यही स्थिति देखने में आ रही है। कुछ स्वार्थी लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते बाहरी लोगों के साथ मिलकर देश की एकता को खंडित करने दुष्कर्म करने पर आमदा है। कलयुग में संघ ही शक्ति है। छोटी छोटी वस्तुओ का समूह बड़ी से बड़ी ताकत को नष्ट कर सकता है। ऐसे लोगो से सतर्क रहते हुवे राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है। क्षत्रिय कौन ? जो खुद किसी को नही सताए और कोई यदि किसी पर अत्याचार करता है उसकी रक्षा करना क्षत्रिय का नैतिक कर्तव्य है।
⏩ अतिथि:: 147 वें दिवस पर राधेश्याम अग्रवाल (डग वाला), कैलाश अग्रवाल , घनश्याम अग्रवाल, प्रकाश भावसार, गंगाराम टेलर सुसनेर, देवी सिंह पटेल डिगोन एवं शाजापुर जिले के नापाखेड़ा निवासी दुले सिंह पटेल आदि अतिथि उपस्थित रहें ।
⏩ भाद्रपद कृष्ण अमावस्या सोमवती अमावस्या के शुभ अवसर पर गो पूजन शिवसहस्त्राहुति यज्ञ, पार्थिक शिवलिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक राजस्थान के बूंदी जिले के ढाबी निवासी युवराज राठौर, श्रीमती नन्द कंवर, नन्द किशोर राठौर एवं श्रीमती ललिता देवी एवं महाराष्ट्र के वाशिम निवासी स्वर्गीय गेंदालाल जी, स्वर्गीय केसर बाई, स्वर्गीय तापीराम जी डीडवानी की पुण्य स्मृति में कृष्णा पूनम,निष्ठा,राधिका, गोविन्द डीडवानी ( कश्यप) ने एकादश विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न करवाया ।

⏩ 147 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 147 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के बूंदी जिले के ढाबी निवासी श्रीमती नन्द कंवर- युवराज राठौर, श्रीमती ललिता देवी नन्द किशोर राठौर , सीकर जिले के सांगलिया ग्राम निवासी सूरजमल - महादेव प्रसाद जांगिड़ हाल मुकाम इन्दौर एवं मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के सुसनेर नगर के अग्रवाल समाज की महिला मण्डल एवं सुसनेर तहसील के धारू खेड़ी ग्राम के जगदीश एवं दिनेश की और से सैंकडों मातृशक्ति, युवाओ ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



