आस्थाआगर मालवामध्यप्रदेशस्पाट लाइट

MP सरकार का यह कैसा गौ रक्षा वर्ष: गो-अभ्यारण होने के बावजूद भी दर-दर भटक रहा निराश्रित गोवंश, हो रही असमय मौत, जन आंदोलन , नगर बंद रख निकाला जुलूस

निराश्रित गोवंश के लिए सुसनेर में हुआ जन आंदोलन , नगर बंद रख निकाला जुलूस, विभिन्न मांगों का सौपा ज्ञापन 

जनमत जागरण @ सुसनेर से दीपक जैन की रिपोर्ट । शहर की सड़को पर भटक रहे निराश्रित गोवंश को सुरक्षित आसरा दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को नगरवासियों के आव्हान पर पूरा सुसनेर शहर दिनभर शांतिपूर्ण तरीके से बंद रहा। इस दौरान दूध, सब्जी, फल-फ्रूट और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं भी लोगो नही मिल पाई। इस जनआंदोलन में नगर के हर वर्ग, समाज, संगठन व तबके के लोगो ने भरपूर समर्थन किया। इस विरोध प्रदर्शन में इमरजेंसी सेवा में आने वाले मेडिकल व निजी चिकित्सको ने भी अपना काम बंद रखकर सहयोग किया। इस दौरान पुलिस व प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहकर तैनात रहा।

नगर में जुलूस निकालकर एसडीएम को सौपा ज्ञापन::  नगरवासियों द्वारा शाम 4 बजे इतवारिया बाजार से नारेबाजी करते हुए एक जुलूस निकाल कर महाराणा प्रताप तिराहे पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम मिलिंद ढोके को दिया गया। ज्ञापन में विभिन्न मांगो के बिंदु प्रशासन के समक्ष रखे गए जिसका निराकरण करने का आश्वासन देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वीकृति जताई। इस अवसर पर समाजिक कार्यकर्ता चतुर्भुजदास भूतड़ा, पत्रकार मांगीलाल सोनी, लक्ष्मणसिंह कावल, विष्णुप्रसाद पाटीदार, राणा चितरंजनसिंह, विहिप के भरत भावसार, महेश शर्मा, इरशाद मोहम्मद कुरैशी, आशिक हुसैन बोहरा आदि ने सम्बोधित करते हुएं प्रशासन से कहां की हर हाल में क्षेत्र का गोवंश संरक्षित हो इसके लिए पूरजोर प्रयास करे। अन्यथा नगरवासियों को आगे फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पडेगा।

⏩ इसलिए पनप रहा है जनआक्रोश :: हमारे मालवा क्षेत्र में दिया तले अंधेरा वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। विश्व का प्रथम गो अभ्यारण जिस क्षेत्र में है उसी क्षेत्र में गोवंश सड़को पर भटकने को मजबूर है। क्षेत्र की करीब 472 हेक्टेयर जमीन पर फेले गो अभ्यारण और 36 गोशालाओ के निर्माण के बावजूद सुसनेर नगर में गोवंश दर-दर भटक रहा है। जिससे लोगो में लगातार आक्रोश बढा है। 

बंद का रहा असर, हरकत में आया प्रशासन :: सोमवार को नगर बंद का असर यह रहा की सोमवार की सुबह से ही प्रशासन नगर परिषद के अमले से गायो को एकत्रित करने में जूट गया। कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्रित कर गायो को अभ्यारण भेजा गया। एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया की सोमवार को 56 गायो को अभ्यारण भेजा गया है। आगे भी यह कार्य सतत जारी रहेगा। साथ ही गोवंश को गोअभ्यारण भेजे जाने का कार्य तेजी से किए जाने का आश्वासन भी दिया। आंदोलन के बीच प्रशासनिक स्तर पर दिनभर हलचल मची रही। सुबह से लेकर एएसपी निशा रेड्डी, एसडीएम मिलिंद ढोके, एसडीओपी देवनारायण यादव, तहसीलदार विजय सेनानी, नायब तहसीलदार रामेश्वर दांगी, सीएमओ ओपी नागर, अजाक्स महिला थाना प्रभारी, सीआईडी की टीम, पशु चिकित्सा विभाग पुलिस बल के साथ स्थिति का जायजा लेते रहे। 
  • नगरवासियों ने ज्ञापन में रखी ये मांगे निराश्रित गोवंश को तत्काल सुरक्षित गो-अभ्यारण या गोशालाओं भेजा जाए।
  •  बीमार व घायल गोवंश के लिए पशु चिकित्सक की डयूटी लगाई जाए। 
  • दुर्घटनाग्रस्त व घायल गोवंश के इलाज हेतु सूचना के लिए एक फोन नम्बर जारी किया जाए। 
  • मृत एवं बीमार गोवंश को सुरक्षित स्थान पहुचाने के लिए एक वाहन की व्यवस्था की जाए। 
  • मृत गोवंश का विधि विधान से अंतिम संस्कार करवाया जाए। 
  • गोअभ्यारण्य व गोशालाओं का सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सत्यापन किया जाए। 
  • गोअभ्यारण्य व गोशालाओं में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से प्रशासन व अन्य सामाजसेवी लोगो की समिति का गठन किया जाए।
  •  अन्य क्षेत्रों से आने वाले गोवंश पर निगरानी रखकर रोक लगाई जाए एवं ऐसा करने वालो पर सख्त कार्रवाई हो।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!