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भारत सोने की चिड़िया किस कारण कहलाता था- जानिए गोकथा के माध्यम से स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने क्या कहा

🚩 गो आधारित खेती के कारण ही भारत सोने की चिड़िया कहलाता था - स्वामी गोपालानंद सरस्वती


जनमत जागरण @ सुसनेर। गो प्रेमी को ज्ञान, भक्ति और प्रेम सहजता से प्राप्त होता है और प्रभु की कृपा से आप सभी अनवरत 148 दिनों से गोमाता की कथा श्रवण कर रहे है | गोमाता की महिमा अपरम्पार है | इस संसार में गोमाता ही ऐसा प्राणी है जिसके गोबर और गोमूत्र की महिमा देवताओ ने भी कही है | हमारे सारे ग्रंथो में भी जगह जगह गोबर गोमूत्र के गुणो को वर्णन है | स्वामीजी ने आगे बताया कि जब तक भारत में गो आधारित खेती होती थी तब तक भारत सोने की चिड़िया कहलाता था | गो आधारित खेती में मुख्य भूमिका गोबर गौमूत्र तथा बैलो की हुआ करती थी | बैल बाबा धर्म का स्वरुप होता है | जहाँ धर्म होता है वहां पाप हो ही नहीं सकता | गोबर भूमि की उर्वरक क्षमता को बढ़ाता है | गोमूत्र से कई प्रकार के किट नियंत्रक बनाये जाते है | आज की खेती पूरी तरह से रासायनिक हो गई है और जब से बैलो के स्थान पर ट्रैक्टर का उपयोग हो रहा है | परिणाम स्वरुप किसान कर्ज तले दबा हुआ है | जितना प्रदुषण कल कारखानों, मोटर गाडियों से हो रहा है उससे दस गुणा अधिक प्रदुषण खेतो में डाले जाने वाले रासायनिक खाद से हो रहा है |भारत को फिर से सोने की चिड़िया बनाना है तो दो कार्य करने होंगे | पहला खेतो में बैलों का उपयोग और दूसरा गो आधारित खेती करना| गो आधारित खेती करने से जहरीले अनाज सब्जियों से बचाव होगा साथ ही गोमाता का संरक्षण होना भी शुरू हो जाएगा| उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 148 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।

🚩 स्वामीजी ने बताया कि गो अभयारण्य से 100KM की दूरी के क्षेत्र में गो आधारित खेती हो इसके लिए एक ग्वाल सन्त गोबर गोपाल दास जी महाराज आगामी 3 वर्षो तक गो आधारित खेती का नि:शुल्क प्रशिक्षण स्वय एवं अनुभवी लोगों के माध्यम से दिलवाएंगे ताकि क्षेत्र के किसान रासायनिक खेती से छुटकारा पाकर गो आधारित खेती की तरफ बढ़े । स्वामीजी ने बताया कि गो अभयारण्य में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणपति की गोबर की विशाल मूर्ति बनाकर उनको 1100 लड्डूओ का भोग लगाया जाएगा ।

148 वें दिवस पर भारतीय किसान संघ के दिल्की प्रदेश मंत्री एवं राष्ट्रीय गौधन महासंघ से बिजेंद्र कोटला, दिल्ली, प्रेस क्लब सुसनेर के अध्यक्ष मुकेश हरदेनिया,प्रेस क्लब सोयत के अध्यक्ष युवराज सिंह चौहान, प्रेस क्लब सोयत के उपाध्यक्ष बबलू कारपेंटर एवं सोयत के पत्रकार ईश्वर गुर्जर व पत्रकार गणेश सोनी आदि अतिथि उपस्थित रहें और पूज्य महाराज जी ने भगवान नारद ऋषि के अनुयायी एवं लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में प्रतिनिधित्व कर रहें चारों पत्रकार बन्धुओं का लगातार विगत 147 दिनों से भगवती गोमाता की महिमा समाचार पत्रों के माध्यम से अनवरत देने के लिए आभार व्यक्त कर उन्हे भगवती गोमाता की छवि देकर आशीर्वाद दिया और कहां कि आप इसी प्रकार भगवती गोमाता की महिमा को जन जन तक पहुंचाते रहिए ताकि मध्यप्रदेश में एक भी गोवंश निराश्रित नही घूमें क्योंकि आपके माध्यम से समाचार पत्रों में आ रहीं खबरों से प्रेरणा लेकर देशभर से लगभग ढाई हजार चारागाह भूमि को लोगो ने स्वेच्छा से अपना कब्जा छोड़कर गोमाता को चरने के लिए सरकार को सुबुर्द किया है,जिसमें से एक हजार बीघा भूमि तो केवल छत्तीसगढ़ राज्य से छोड़ने के समाचार मिला है

148 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 148 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के सुसनेर तहसील के लुहारिया (सोयत कलां) ग्राम की महिला मंडल के नेतृत्व में सैंकडों मातृशक्ति ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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