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निष्काम भाव से गोमाता की परिक्रमा करने से पूरी पृथ्वी की परिक्रमा का फल मिलता है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। राजस्थान के जालोर क्षेत्र में गोलासन स्थित है जहां हजारों की संख्या में नंदी महाराज विराजमान है। इसी क्षेत्र में रेबारी जाति बहुतायत में है। यह लोग सैंकड़ो वर्षो से गो पालन का कार्य करते है। कुछ समय पहले सरकार द्वारा एक सर्वे करवाया गया जिसमे यह पाया गया की रेबारी समाज के लोगो में बीमारियां सबसे कम पाई जाती है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस जाति के लोग अपने भोजन में गोमाता के दूध, छाछ, दही, घी का अधिक उपयोग करना पाया गया। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 149 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही । जो व्यक्ति गो माता के भोजन सहित जल की व्यवस्था में लगा रहता है। गोमाता की चिंतन करने के साथ सेवा में लगे रहते है। उन लोगो को अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फल मिलता है। गो चराने के समान पुण्य इस संसार में और कोई नही है। निष्काम भाव से गोमाता जी की परिक्रमा करने से पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने का लाभ मिलता है । अगर हम गोमाता की सेवा करते है तो भगवान रामजी की, कृष्ण जी की, हनुमान जी की कृपा स्वतः ही बरसती है। क्यों की सभी देवी देवताओं की इष्ट गोमाता ही है।

🚩स्वामीजी ने बताया कि हमारे धर्म शास्त्र में लिखा है की यदि किसी के खेत में गोमाता फसल खाती है तो खेत मालिक को गोमाता को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। कोई गोमाता को डंडा मारता है अथवा नुकसान पहुंचाता है ऐसे व्यक्ति को नरक में भी जगह नही मिलती है।

🚩स्वामीजी ने बताया कि दीपावली के दूसरे दिन 02 नम्बर से10 नम्बर 2024 से विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य मालवा में श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक एवं संरक्षक परम् श्रद्धेय गो ऋषि स्वामी दत्तशरणानन्द जी महाराज एवं देश के प्रमुख संतों के सानिध्य में गो नवरात्रि का एक अद्भुत एवं आलौकिक अनुष्ठान मध्यप्रदेश की मालवा की पुण्यधरा पर प्रथम बार होगा , जिसमें देशभर के 1100 गो प्रेमी सज्जन गोदूग्ध एवं छाछ का पान कर नो दिवसीय अनुष्ठान करेंगे ,महाराज जी ने मालवा के गो सेवकों से आह्वान किया कि इस अनुष्ठान में मालवा के अधिकतम गो सेवक भाग के और इसके लिए शीघ्र अपना पंजीयन करवाकर अपना स्थान आरक्षित करवा ले

अतिथि:: 149 वें दिवस पर विश्वात्मा जंगली महाराज आश्रम कॉपर गांव से पूज्य संत मौनी बाबा का आशीर्वाद मिला एवं अतिथि के रूप में पिड़ावा निवासी वैद्य हरीश चन्द्र स्वामी एवं श्रीमती प्रीति स्वामी सपरिवार उपस्थित रहें।

149 वे दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तरप्रदेश एवं राजस्थान से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 149 वें दिवस पर चुनरी यात्रा उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले वृन्दावन धाम में विराजित श्री बांके बिहारी जी महाराज की ओर से संजय पाटिल , कान्हा व छाया देवी एवं राजस्थान के जालौर जिले के रानीवाड़ा से कैलाश सुन्देशा, नरेश व शम्भू सिंह एवं बूंदी जिले की पेच की बावड़ी निवासी शौकिन चन्द राठौर श्रीमति भंवरी बाई व फूल चन्द राठौर एवं उनकी माताजी श्रीमती गीता बाई ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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