शिक्षा बालिकाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति करती है जागरूक

जनमत जागरण @ सोयतकलां:: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुक्रवार को सोयतकलां में पी एम श्री एकीकृत शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में बालिका शिक्षा, महावारी स्वच्छता, एनीमिया रोकथाम, और पोषण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बालिका शिक्षा को सशक्त समाज का आधार बताया और कहा कि लड़कियों को शिक्षित करना देश की समृद्धि और विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसमें सेक्टर पर्यवेक्षक रीनू पंत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कीर्ति वाला शर्मा और धातु आदिवासी , समस्त शिक्षिका एवं 200 से ज्यादा बालिकाएं उपस्थित थी । बालिका शिक्षा का महत्व, महावारी स्वच्छता, एनीमिया रोकथाम तथा पोषण पर जानकारी दी गई एवं बालिकाओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए ।

⏩ बालिका शिक्षा का महत्व: विशेषज्ञों ने बताया कि शिक्षा बालिकाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करती है। शिक्षा से ही बालिकाएं समाज में सम्मान और समानता प्राप्त कर सकती हैं। इस अवसर पर माता-पिता को भी प्रोत्साहित किया गया कि वे अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें।
⏩ महावारी स्वच्छता: महावारी स्वच्छता पर जोर देते हुए बताया गया कि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि इससे लड़कियों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कार्यशाला में स्वच्छता उत्पादों के उपयोग और सही देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।

⏩ एनीमिया रोकथाम: विशेषज्ञों ने एनीमिया के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए कहा कि यह समस्या खासकर किशोरियों में बहुत आम है। एनीमिया से बचाव के लिए आयरन युक्त आहार और आयरन फॉलिक एसिड की गोलियों के सेवन पर जोर दिया गया। इस संबंध में पोषण अभियान से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई।
⏩ पोषण: पोषण पर चर्चा करते हुए कहा गया कि संतुलित आहार बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। लड़कियों के लिए विशेष पोषण योजनाओं और खाद्य पदार्थों के उपयोग पर जोर दिया गया ताकि उनके शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके।



