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गोमाता राष्ट्र का प्राण है और गो बची तो राष्ट्र बचेगा इसका संकेत देने के लिए ही दीपज्योति गईया प्रधानमंत्री जी के आवास पर प्रगट हुई है- स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। नारी में वह शक्ति है कि वह नारायण को भी पैदा कर सकती है जिसके पुण्य भूमि भारत में अनेकों उदाहरण है जैसे मां कोशल्या के राम,मां देवकी के कृष्ण ऐसे ही मां अदिति ने आज ही के दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर भगवान विष्णु के पांचवे अवतार के रूप में वामन भगवान को भगवान वामन को उस समय जन्म दिया,जब दैत्यराज बलि का आतंक फैला हुआ था। बलि ने देवताओं को पराजित कर दिया था और स्वर्ग पर अधिकार कर लिया था। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 160 वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।

 🚩 देवताओं की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने देवमाता अदिति के गर्भ से वामन देव के रूप में जन्म लिया था। भगवान वामन का तीसरा पैर रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा तो बलि ने वामन को खुद सिर पर पग रखने को कहा। वामनदेव ने जैसे ही बलि के सिर पर पैर रखा, वह पाताल लोक पहुंच गया। बलि की दानवीरता से प्रसन्न होकर भगवान ने उसे पाताललोक का स्वामी बना दिया और सभी देवताओं को उनका स्वर्ग लौटा दिया। यानि भगवान जिसे ठग ले उसका ठिकाना भगवान स्वयं बनते है । 

🚩 स्वामीजी ने श्वेत क्रांति एवं हरित क्रान्ति के नाम से देश के अन्नदाता किसानों के साथ जो छलावा उस समय की सरकारों ने किया है उस पर दुःख प्रगट करते हुए कहां कि उसके कारण से देश में वेदलक्षणा गोमाता के साथ अन्याय हुआ है और देश के अन्नदाता किसान भारत के श्रेष्ठतम धन के रूप में माने जाने वाली भगवती गोमाताओ को घर से बाहर निकालकर सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ रहें है और देश का अन्नदाता कहां जाने वाला किसान आज अन्नदाता के बजाय जहरदाता बन चुका है अर्थात अपने खेतों में रासायनिक खाद एवं किट नियंत्रक छिडककर किसान स्वयं अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रहा है और अब भी देश के अन्नदाता गो आधारित कृषि की ओर नहीं लोटे तो भारत में मनुष्य भी डायनासौर की तरह एक दुर्लभ प्राणी की श्रेणी में आ जाएगा ।

  • 🚩 स्वामीजी ने एशिया के प्रथम गो अभयारण्य में चल रहें एक वर्षीय गो आराधना महा महोत्सव में चल रही एक वर्षीय गोकृपा कथा के अवसर पर भगवती गोमाता के लिए श्रद्धा भाव से लाई जा रही चुनरी यात्रा पर बताया कि एक और तो लोग भगवती गोमाता को घर से बाहर निकालकर दर दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ रहें है वही गो अभयारण्य में देश के विभिन्न राज्यों से गोमाता के लिए चुनरी ला रहें है जो देश के लिए अच्छा संकेत है और मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील क्षेत्र के गोभक्त माताओं एवं पुरुष वर्ग का आभार जताया कि आज महोत्सव का 160 वा दिवस बीत रहा है,लेकिन अभी तक सबसे ज्यादा संख्या में भाव के साथ सैंकड़ों की संख्या में गोभक्तो के साथ चुनरी यात्रा लाने में पूरे भारत में राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील अग्रणी रही है साथ ही महाराज जी ने चुनरी यात्रा लाने वाले गोभक्तो एवं माता बहिनो से आह्वान किया कि आप एक संकल्प और ले ले कि जो जो अपने घरों से गोमाताओं को घर से बाहर छोड़ रहें है उनके साथ रोटी -बेटी का रिश्ता न रखा जाएं ।

🚩 पूज्य महाराज जी ने भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नवीन आवास पर दीपज्योति के रूप में प्रगट हुई गोमाता के आगमन पर खुशी प्रगट करते हुए प्रधानमन्त्री जी से आग्रह किया कि गोमाता राष्ट्र का प्राण है और गो बची तो राष्ट्र बचेगा इसका संकेत देने के लिए ही आपके नवीन आवास में दीपज्योति रूपी गईया मैया आई है ।

अतिथि :: कामधेनु गो अभयारण्य संचालन मंडल के माननीय सदस्य नारायण सिंह टीपूखेड़ा, मेहरबान सिंह बड़ागांव कलशिया (रतलाम),सुनिल दुबे शाजापुर,, रामचंद्र राठौर गोशाला अध्यक्ष रायपुर,भरत राठौर, रमेश चन्द गुप्ता रामगंजमण्डी, नारायण लाल राठौर झालरापाटन आदि अतिथि उपस्थित रहें

160 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से ::   एक वर्षीय गोकृपा कथा के 160 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के अजमेर जिले के मसूदा से गोभक्त निरंजन पुरी गोस्वामी, गौरव उपाध्याय, गोविन्द सिंह एवं काना, व भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा से विमल कुमार, संजय कुमार, सुभाष कुमार, पुण्डरीकाक्ष,राजवीर, झालावाड़ जिले की रायपुर तहसील के  माथनिया ग्राम से राजेन्द्र गुप्ता, गोविन्द सिंह झाला, मनोज टेलर, बद्री लाल राठौर, मांगीलाल व जितेन्द्र एवं मध्यप्रदेश के आगर  जिले के सोयत कलां से पालीवाल महाजन सोयत कलां के अध्यक्ष मदन लाल चौधरी व  समस्त चौधरी परिवार व श्री संत आशाराम जी गोशाला सचिव मोहनलाल चौधरी पालीवाल एवं राजगढ़ जिले  के माचलपुर में स्थित श्री काशी गुरुकुल एकेडमी के संचालक लखन पाटीदार व प्राचार्य मोहन लाल पाटीदार के साथ गुरुकुल के सभी बालक ,बालिकाएं एवं जीरापुर तहसील के जामगांव से इन्द्र सिंह चौहान, मानसिंह,, कमल सिंह, व नैनसिंह चौहान के साथ सैंकड़ों मातृशक्ति अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर  के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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