गोलोक जाने का सबसे सुगम मार्ग क्या है…? किसकी की कृपा से ही मानव में मानवता आती है – जानिए गोकथा के माध्यम से स्वामी जी के श्री मुख से

जनमत जागरण @ सुसनेर। कुछ तो है इस मां में कि हम और आप विगत 161 दिन से गोमाता के करीब खींचे चले आ रहें है i स्वामीजी ने बताया कि मनुष्य का कर्तव्य है कि प्राणी मात्र में दया दिखाना और इन कर्तव्य कर्म के प्रभाव से मनुष्य के कर्मों का क्षय होना और उस मनुष्य का ईश्वर के करीब बढ़ना यह उन्नति है बाकि इन कागज़ के टुकड़ों एवं सोने चांदी के टुकड़ों में क्या रखा है ,अर्थात जो चीज मरने के बाद साथ आएं वही हमारे जीवन की सच्ची प्रोग्रेस कहलाती है , बाकि ये कचरा तो धरती पर रहने वाला है। एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 161वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि ये सोना चांदी, धन दौलत,गाड़ी ,बंगला,खेत,कुएं मकान,दुकान ये सब यही रहने वाले है । आपके साथ जो आ सकते है वही आपकी असली प्रोग्रेस है। आपके साथ केवल आपके सदकर्म ही जाएंगे और उन सदकर्मों को श्रेष्ठ बनाने का केवल एक मात्र साधन है तो वह है भगवती गोमाता की निष्काम भाव से सेवा यानि गायमाता सुखी रहें, इस बात कि चिन्ता हम कर लेंगे तो बाकि हमारी सारी चिन्ता भगवती गोमाता दूर कर देगी । स्वामीजी ने सुरभि गोमाता के प्रगट होने के बारे में बताया कि राजा दक्ष प्रजापति के मुख की सुगंध से प्रगट हुई वही गोमाता राजा दक्ष की पुत्री सुरभि गोमाता कहलाई । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 161वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।

🚩 गायमाता धरती का पोषण करती है अर्थात गायमाता का गोबर धरती का पौषण करता है और जल तत्त्व रूपी पौषण गोमूत्र के माध्यम से व घी के माध्यम से आकाश तत्त्व का पौषण होता है और यज्ञ के माध्यम से वायु का पौषण होता है और गोमाता गोलोक जाने का सुगम मार्ग है ।और गायमाता की कृपा से ही मानव में मानवता आती है ।
⏩ कामधेनु गो अभयारण्य संचालन मंडल के माननीय सदस्य ओमप्रकाश पाटीदार नलखेड़ा, , जीरापुर के वरिष्ठ अधिवक्ता ऐडवोकेट बालू सिंह, रामबाबू भाटी एवं देवी सिंह यादव टोलाखेड़ी(आगर) सीआरआर आदि अतिथि उपस्थित रहें । टिकरिया(डग ) हनुमान मंदिर के पुजारी कालूराम जी महाराज ने गो कृपा कथा में भाग लिया ।

⏩ 161 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के नलखेड़ा से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 161 वें दिवस पर मध्यप्रदेश के आगर जिले के नलखेड़ा से मां बगुलामुखी के दरबार से श्रीराम संकीर्तन यात्रा प्रभातफेरी की टोली ने श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा ने न्यासी मोहन सिंह राजपूत के साथ कैलाश चौधरी , प्रह्लाद वेदिया, परमानन्द गोठी, सचिन कसेरा,नारायण सिंह, पिरूलाल, महेश गोड एवं शिवपाल सिंह सहित मातृशक्ति ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



