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बचाइए अपने लाल को.. ये है आज के युग में सबसे बड़ा दुश्मन..! – लेखक: ग्राम भारती शिशु मंदिर में आचार्य

बचाइए अपने लाल को.. ये है आज के युग में सबसे बड़ा दुश्मन..!
- लेखक: अमृत चौहान खेड़ावदा ग्राम भारती रतलाम आचार्य सशिम बम्बोरी
जनमत जागरण @ आपके लेख:: आज का समय बहुत ही अद्भुत और अचंभित है, क्योंकि यह जो समय चल रहा है। जिसमें हम सब आधुनिक युग की प्रथम सीढ़ी पार करके द्वितीय श्रेणी पर पैर रखने जा रहे हैं । जिसमें तकनीकी विज्ञान के बहुत सारे आयाम हमारे सामने आ रहे हैं । आज हम एक ऐसे पड़ाव पर है ,जहां यदि थोड़े से नहीं संभले तो हमारे आने वाले कुछ दशकों में हमारी संस्कृति, सभ्यता हमारे आचार विचार, तीज त्यौहार आदि ध्वस्त हो सकते हैं।
📘 आज हर हाथ में संसार समाया है और ऐसे वरदानी आविष्कार मोबाइल जोकी स्मार्टफोन के नाम से जाना जाता है ।वह खुद तो स्मार्ट है किंतु हम सभी को और हमारे आने वाले कल, हमारे बच्चों को जड़ मति बना रहा है। क्योंकि इस मोबाइल से हम जितना लाभ ले रहे हैं। उससे कई गुना हम अपने आप को जोखिम भरी आग में डाल रहे हैं। यह मोबाइल एक छोटा सा उपकरण है, जिस का उपयोग हम हमारे दैनिक दिनचर्या का समय बचा कर करें तो बहुत अच्छा है।
📘 किंतु आज हर व्यक्ति अपने दैनिक दिनचर्या के कार्य को नजरअंदाज करता है ,और मोबाइल में वीडियो देखने में , मनोरंजन करने में, खेल खेलने में व्यर्थ के कार्य जो कि इस मोबाइल द्वारा संपन्न हो सकते हैं । उनको करने में अपना स्वर्णिम समय खो देते । जिससे हमारा आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शारीरिक, बौद्धिक विकास मंद हो रहा है। आज समय है कि अगर हम इस तकनीकी वाले समय को साध ले तो संभव है , कि हम आने वाले कल को संवार सकते हैं।
📘 बड़े बुजुर्गों का आशीष ऐसा रहा है कि आज की बचत, कल की योजना होनी चाहिए। इसलिए आज हम समय को बचाएं, मोबाइल से दूरियां बनाएं, सोशल मीडिया का सुचिता से उपयोग करें ,समझदारी के साथ हम अपने निजी कार्य में व्यस्त रहे , जिससे हम हमारे सर्वांगीण विकास को मजबूत कर सकते हैं । मोबाइल का उपयोग करना बुरा नहीं है क्योंकि आज के तकनीकी जमाने में अगर हम आधुनिकता की ओर कदम नहीं बढ़ाएंगे तो कहीं हम जमाने की रफ्तार से पीछे रह सकते हैं।
📘इसलिए हमें दुनिया के संग संग कदम बढ़ाना है , किंतु हमारे कदम कहीं गलत दिशा में बड़े उसके पहले संभलना है । मेरा आप सभी पाठकों से निवेदन है कि आप स्वयं भी मोबाइल के उपयोग से बचें बच्चों को भी मोबाइल से दूरी बनाए रखें ,ऐसी प्रेरणा दे ।आप अधिक से अधिक समय कार्य में बिताएं और जब भी आपको समय मिलता है। मोबाइल चलाने के बजाय आप किताब पढे। किताब आपकी सच्चे साथी रहेंगी, किताब में लिखी हर बात आपके जीवन में काम आने वाली रहेगी।
आप सभी मेरे इस लेख को पढ़कर एक अच्छा अनुभव अनुभूति महसूस कर रहे होंगे ऐसी आशा है ।

- लेखक: अमृत चौहान खेड़ावदा ग्राम भारती रतलाम आचार्य सशिम बम्बोरी


