गोकथा श्राद्ध पक्ष विशेष : पित्र क्यों दुःखी होते हैं, उनकी संतान क्यों दुःख भोगती है.? क्या है कारण जानिए : गो कथा में स्वामी जी ने क्या कहा

🚩 श्राद्ध मनुष्य का कर्तव्य है और श्राद्ध गायमाता के बिना नहीं हो सकता – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता पांडेय का आज 59वां जन्मदिन है। सुनीता 19 सितंबर, 1965 को अमेरिका के ओहियो पैदा हुई थीं। उनका सफर एनापोलिस, मैरीलैंड में अमेरिकी नौसेना अकादमी से शुरू हुआ, जहां उन्होंने 1983 में दाखिला लिया। साल 1987 में विलियम्स ने कठोर लड़ाकू हेलीकॉप्टर की ट्रेनिंग ली और वह फारस की खाड़ी युद्ध के दौरान उड़ान मिशन, इराक के कुर्द क्षेत्रों पर नो-फ्लाई जोन स्थापित करना और मियामी में तूफान एंड्रयू राहत प्रयासों में काम कर चुकी हैं। खुद को हनुमान भक्त कहने वालीं सुनीता की पहचान आज एक प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री की है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 164 वें दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।

🚩 स्वामीजी ने श्राद्ध पक्ष के द्वितीय दिवस पर बताया कि श्राद्ध मनुष्य का कर्तव्य है और श्राद्ध गायमाता के बिना नहीं हो सकता और पितृदोष का प्रधान कारण यह है कि उनकी संतति पृथ्वी पर बुरे कार्य करें,नही करने योग्य कार्य करें,निषेध कार्य करें और कुल को कलंकित करने वाले कार्य करें तो उस दृश्य को देखकर पितृलोक में निवासरत पितृ अपनी संतति के पृथ्वी पर बुरे कार्य देखकर दुःखी होते है और पित्रों के दुःखी होते ही उनकी संतान भी दुःख भोगती है हालांकि कोई भी पितृ नहीं चाहता कि उनकी संतान पितृदोष से दुःखी हो लेकिन एक सिस्टम है कि अगर पितृ दुःखी है तो अपने आप पितृदोष लग जाता है यानि पितृ इस दृश्य को देखकर दुःखी होते है जो हमारे द्वारा किया गया बुरा कार्य है ।स्वामीजी ने पितृ किस प्रकार का व्यक्ति बनता है उसके बारे में बताया कि जो व्यक्ति दूसरों की सेवा तो करता है,लेकिन उसके पीछे उसको मान सम्मान की अभिलाषा रहती है अर्थात उसकी सेवा के पीछे मुझे कलेक्टर से सम्मान, राज्यपाल से सम्मान , राष्ट्रपति से सम्मान एवं भारत रत्न मिलेगा इस दृष्टि को ध्यान में रखकर वह सेवा कार्य करता है । मान सम्मान की चाहत में वह सेवा तो करता है लेकिन उसके पीछे उद्देश्य उसका अलग रहता है और जो नहीं करना चाहिए वह कर्म भी वह छुप छुप करके करता रहता है ,इस कार्य को भगवान ने भगवत गीता में मिश्रित कर्म कहां है और इस कर्म के कारण वह स्वर्ग और नरक दोनो के मध्य भटकता रहता है यानि उसके अच्छे कर्म उसे स्वर्ग की ओर खींचते है और बुरे कर्म नरक की ओर और दोनों की खींचतान से वह बीच में ही लटका रहता है और वह पितृ बनकर पितृलोक में ही निवास करता है और कर्मों के आधार पर किसी तीन पीढ़ी किसी को चार पीढ़ी और किसी किसी को तो 71 पीढ़ी तक अपने कर्मो का फल भुगतना पड़ता है।

- ⏩ अतिथि ::164 वीं गोकृपा कथा के अवसर पर सुसनेर से दिगम्बर जैन समाज की और से संचालित गो सेवा समिति के मोहित सिंघई व मोहित जैन एवं सुसनेर क्षेत्र में गरीब परिवार के बच्चों की शिक्षा,स्वास्थ्य एवं मूक पशु पक्षियों की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले उड़ान फाउंडेशन के कार्यकर्ता रजनीश भावसार,राहुल गुर्जर, वर्षा जैन,शिवानी श्रीवास्तव,भूमि सोलंकी, हर्षिता सोलंकी,अमन सोनी एवं शुभम जैन का सेवा कार्य में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने पर हार्दिक आभार प्रगट कर वे अपने जीवन में इसी प्रकार सेवा भाव से कार्य करते रहें इसके लिए आशीर्वाद दिया साथ ही कार्यकर्ताओं ने गोमाता की छवि एवं दुप्पटा पहनाकर उनका स्वागत किया । गो कृपा कथा में ब्रह्मघाट पुष्कर के महंत सुरेश पूरी महाराज एवं रतन बाबा अजमेर का आशीर्वाद मिला व भगवान रामचन्द्र जी की जन्मभूमि अयोध्याधाम से मकरंद बहादुर सिंह व उनकी अर्धांगनि श्रीमती कुमुद सिंह एवं राजस्थान के उदयपुर से बंशी लाल कुम्हार, एवं भंवर लाल प्रजापत ने अपनी अर्धांगनी के साथ मोहन जोशी व तुलसीरामशर्मा एवं बीजनगरी के सरपंच किशन सिंह , तूफ़ान सिंह, कमल सिंह,,जीवन सिंह आदि अतिथि उपस्थित रहें।भारतीय स्टेट बैंक सुसनेर के शाखा प्रबंधक कमलेश कुमार सिन्हा ने अपना जन्मदिन एशिया के प्रथम गो अभयारण्य में मनाया उनके साथ प्रबन्धक हेमन्त मीणा व राहुल जाट आदि अतिथि उपस्थित रहें । श्राद्ध पक्ष के द्वितीय दिवस पर विप्रजनों द्वारा पितरों की तृप्ति के लिए गो अभयारण्य में गो पुच्छ तर्पण किया ।

⏩ 164 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ एवं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 164 वें दिवस पर राजस्थान के झालावाड़ जिले पचपहाड़ तहसील के ग्राम झिजणी की सुबिता बाई, प्रमिला बाई,नर्मदा बाई, लाभू बाई के नेतृत्व में महिला मंडल व ग्राम ठीकरिया से ठाकुर मान सिंह, महामंत्री सोन्धिया समाज के के परिवार एवं पंडित कन्हैया लाल के नेतृत्व में महिला मण्डल एवं राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के लसूलडिया ग्राम से पटेल दिलीप सिंह,मानसिंह चौहान, कमल सिंह, नाथू सिंह, फूल सिंह,शिवनारायण, धीरप सिंह, प्रेम सिंह, एलकार सिंह एवं पृथ्वी सिंह के साथ सैंकड़ों मातृशक्ति व युवाओं ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



