भारत में बेटियों की कमी क्या है कारण..कोन है बेटियों का दुश्मन..? जानिए गोकथा के माध्यम से स्वामी जी ने क्या कहा
🚩 हम दो हमारे दो नारे के कारण निरंतर बेटियों की जन्मदर में कमी आई है- स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। देव भूमि भारत में कन्या पूजन का बहुत महत्त्व है क्योंकि कन्याओं में ही देवी का स्वरूप है ,लेकिन जब से भारत में मैकाले शिक्षा पद्धति ने भारत के पढ़े लिखे लोगों की मानसिकता को खराब किया है तब से भारत में बेटियों की संख्या में भारी गिरावट आई है उसमें सबसे बड़ी भूमिका माताओं की भी रही है यानि बेटियां जब जन्मती है तो आदमी जितने दुःखी नहीं होते उनसे ज्यादा दुखी माताएं होती है अर्थात किसी पड़ोस में किसी के बेटी पैदा होती है तो पड़ोस माताएं जिन का उस जन्मी बेटी के परिवार से कोई रिस्ता नाता नहीं होता और न कोई लेना देना होता तब भी वे बेटी जन्मते ही टिक्का टिप्पणी शुरू कर देती है इस पर महाराज जी ने माताओं से आग्रह किया कि बेटी जन्मने पर कोई कन्या पैदा होने का विरोध करें तो उस समय माताओं की तो यह भूमिका होनी चाहिए कि जो भी बेटी के जन्म का विरोध करें उसे समझाना चाहिए कि तुम जिस कोख से पैदा हुए हो वह भी तो किसी न किसी की बेटी थी और उसके कारण से ही तो तुम इस धरती पर आए हो , लेकिन इस कलिकाल में माताएं ही माताओं की दुश्मन बनी बैठी है ।
🚩मन्दिर में जाने से यह मिलेगा :: अधिकतर लोग कहते है कि मन्दिर में जाने से क्या मिलेगा तो इस पर महाराज जी ने बताया कि मन्दिर में जाने से सतगुण मिलता है। मंदिर में जाने से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है, मंदिर जाने से सकारात्मकता आती है । इसलिए जीवन में हमेशा याद रखिए कि मन्दिर भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन एक बार मंदिर अवश्य जाना चाहिए ।
🚩 नवकुंडी यज्ञ की पूर्णाहुति :: शारदीय नवरात्रि में गो अभयारण्य में चल रहें श्री हनुमत महायज्ञ का यज्ञाचार्य विद्वान पण्डित सत्यनारायण शास्त्री के सानिध्य में नवकुंडी यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ यज्ञ का समापन हुआ ।
⏩ शारदीय नवरात्रि के अष्टमी नवमी के अद्भुत संयोग के अवसर पर विश्व के प्रथम गो अभयारण्य मालवा में साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती,साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती,साध्वी आराधना गोपाल सरस्वती एवं साध्वी निष्ठा गोपाल सरस्वती ने कन्या पूजन कर कन्याओं को भोजन प्रसाद करवाया ।

- ⏩ अतिथि:: एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 186 वे दिवस पर गो अभयारण्य मालवा के संत बलजीत महाराज एवं चिकित्सक जयश कुमार की टीम ने गोकृपा गोशाला कल्याणपुरा की गोमाताओ को लंपी रोधक औषधीय ( 100 ग्राम घी,100ग्राम पिसी हुई शक्कर,50ग्राम काली मिर्च ,50 ग्राम हल्दी,50 ग्राम अजयायन की मात्रा से बने ओषधि लड्डू प्रसाद भोग खिलाया।186 वें दिवस पर श्री गुरु कृपा गोशाला रामपुरिया से महेश शर्मा, थान सिंह,शिव सिंह। एवं बालू सिंह चौहान व राजगढ जिले की नरसिंहगढ़ तहसील के नयापुरा बोडा के ओम प्रकाश आचार्य एवं निष्काम गोशाला टोडाराय सिंह के विनोद सैनी,, कन्हैया लाल एवं दीपक कुमार सेन आदि अतिथि उपस्थित रहें ।

⏩186 वे दिवस पर चुनरी यात्रा गो अभयारण्य में श्री हनुमत महायज्ञ के आचार्यों की और से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 186 वें दिवस पर मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील में स्थापित एशिया के प्रथम गो अभयारण्य मालवा में शारदीय नवरात्रि में चल रहें श्री हनुमत महायज्ञ के यज्ञाचार्य पंडित सत्यनारायण शास्त्री के नेतृत्व में पंडित पुरुषोत्तम, पण्डित दीपक शाहपुरा, पण्डित मुकेश जयपुर, पण्डित दिनेश बरवाड़ा, पण्डित विकास, पण्डित गजानंद जयपुर, पण्डित अमित बेनाड, पण्डित राम,पंडित नितिन,पंडित अजय, पण्डित पंकज एवं पण्डित अमित शास्त्री ने अपने परिवार सहित देश, राज्य ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



