गाय हमारी माता है लेकिन कितने लोग समझते हैं, श्रद्धा और विश्वास नहीं है तो गो की सेवा अभिनय बन जाएगी। – स्वामी गोपालानंद सरस्वती


जनमत जागरण @ सुसनेर। श्रद्धा और विश्वास नहीं है तो गो की सेवा अभिनय बन जाएगी। मन में शंका है तो शरणागति नहीं मिल सकती और जब तक शरणागति नहीं मिलेगी, हम गाय माता के शरण में नहीं जाएंगे तब तक सुख नहीं मिल सकता। हम शरण में जाए ओर सामने वाले शरण में ले ले तब सुख मिलेगा। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 199 वे दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती ने कही ।
🚩 स्वामीजी ने आगे बताया कि हम कह दे गाय हमारी माता है इसकी कोई व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है। भारत में रहने वाले सभी लोग जानते है यह बात लेकिन कितने लोग समझ पाए। अगर समझ पाते तो सड़कों पर गाय माता क्यों होती, तस्कर गाय माता को क्यों ले जाते, सार्वजनिक गोशाला खोलने की आवश्यकता क्यों पड़ती लेकिन लोग नहीं समझ पाए इसीलिए तो विभिन्न धर्म ग्रंथो में बताए प्रमाणों के आधार पर कथा के माध्यम से बताया जा रहा है ताकि लोगों को समझ आ जाए ओर वह अनुशरण करना शुरू करें। जिससे जीवन आनंद की ओर अग्रसर हो।
🚩जन्मदिन नहीं मनाना क्यों कि :: स्वामी जी ने कहा कि जब तक जिंदा रहे तब तक जन्मदिन नहीं मनाना चहिए बल्कि हम अपने जीवन में ऐसा कुछ कर जाए की लोग हमारा जन्मदिन मनाएं और जिस दिन हमारा जन्मदिन हो उस दिन खूब भगवान का ध्यान करे, उपवास रखे, भगवान से प्रार्थना करे कि है ! प्रभु मुझे सत्कर्म में लगाए रखना, मेरे में कभी अहंकार मत आने देना। अपना शेष जीवन ऐसा बिताए जब हम संसार छोड़ कर चले जाए तो जैसे रामनवमी, कृष्ण जन्माष्टमी मनाते है लोग वैसे ही हमारा जन्मदिन धूम धाम से मनाए। कबीरा जब हम पैदा हुवे जग हंसा हम रोए, ऐसी करनी कर चलो हम हंसे जग रोए ।
⏩ आगामी कार्यक्रम गो संस्कृति सम्मेलन :: आगामी 02 नवम्बर 2024 से 10 नवम्बर 2024 तक गो अभयारण्य में होने वाले गो नवरात्रि महोत्सव में विभिन्न प्रकार के होने वाले गो संस्कृति सम्मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि 03 नवम्बर 2024,को प्रात:10 बजे से 04 बजे तक आयुर्वेद एवं पंचगव्य गो संस्कृति सम्मेलन में पंचगव्य विशेषज्ञ श्रीसुनिल मानसिहका एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के पंचगव्य के वैद्य श्रीश्याम सिंह सहित देश भर से पंचगव्य एवं आयुर्वेद के तज्ञ विद्वानो का मार्गदर्शन मिलेगा ।

⏩ 199 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 199 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के श्रवण ग्राम की और से रामप्रसाद के साथ सभी ग्राम वासियों ने अपने ग्राम ,नगर,राज्य एवं देश के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



