IMG-20260815-WA0013
previous arrow
next arrow
अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

भारतीय संस्कृति में गर्भावस्था एक प्रोसेस नहीं एक उत्सव है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। गर्भ धारण के पश्चात मां को आहार पर विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। यदि जीव ने पिछले जन्म में गोमाता की सेवा की है तो सतोगुणी मां मिलेगी। सतोगुणी मां मिलेगी तो आहार में गो आधारित कृषि का अन्न होगा, गोमाता का दूध होगा, दही होगा । यह सब चीजे जाएगी तब जीव के अंदर गर्भ में ही सतोगुण पीड़ा होगा, वह गर्भ में ही सुख महसूस करेगा। और मां यदि रजोगुणी है तो वह तेज मसालेदार भोजन करेगी, ऊटपटांग वस्तुएं खाएंगी तथा मा तमोगुणी है तो वह जीवो को मारकर खाएगी। जो जीव गर्भ में है और उसकी मां जीव को मारकर खा रही है उसी से उसका पोषण हो रहा है तो वह जब जन्म लेगा तब देवता जैसा होगा इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती। क्यों कि गर्भ में जैसा पोषण मिलता है आगे चलकर बच्चा वैसा ही होता है।

🚩 गोमाता का दूध, दही, घी अमृत है गर्भावस्था के दौरान मां यह खाती है तो इन गव्यों में सानिघ्दता, शीतलता होने के कारण बच्चे को गर्भ न गर्मी लगेगी, न त्रास लगेगा। गर्भावस्था के दौरान घी से होने वाले लाभ के बारे में वैज्ञानिकों ने बहुत बड़ा अनुसंधान किया है। ज्यादातर माताएं बच्चे के जन्म के बाद घी खाती है। जबकि आयुर्वेद, एलोपैथी व धर्मग्रंथ कहते है कि जब गर्भ में बच्चा हो तब मां को थोड़ा थोड़ा घी खाना चाहिए। क्यों कि बच्चे को लाभ देना है। जन्म के बाद खाया जाने वाला घी मां के पोषण के लिए होता है। जब की लाभ बच्चे को मिलना चाहिए।भारतीय संस्कृति में गर्भावस्था एक प्रोसेस नहीं एक उत्सव है एक फेस्टिवल है। गर्भधारण से लेकर जन्म तक कई प्रकार के संस्कार होना जैसे गोद भराई की रस्म, सीमोंत संस्कार आदि एक उत्सव के रूप में मनाए जाते है। इसके पीछे मूल कारण गर्भ में पल रहे बच्चे को विशेष संस्कार प्राप्त हो।

आगामी कार्यक्रम :: आगामी 02 नवम्बर 2024 से 10 नवम्बर 2024 तक गो अभयारण्य में होने वाले गो नवरात्रि महोत्सव में विभिन्न प्रकार के होने वाले गो संस्कृति सम्मेलन की जानकारी देते हुए बताया कि 04 नवम्बर 2024,को प्रात:10 बजे से 04 बजे तक गोभक्त एवं गो रक्षक सम्मेलन में श्री हुकुम चन्द जी सांवला विश्व हिन्दू परिषद् की केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य व विश्व हिन्दू परिषद के गो रक्षा विभाग विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय संरक्षक एवं श्री सोहन विश्वकर्मा क्षेत्रीय गो रक्षा प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद् सहित देशभर से गोसेवा में कार्य कर रहें मूर्धन्य गो प्रेमीजनों का मार्गदर्शन मिलेगा । हरियाणा के करनाल निवासी मास्टर भारत भूषण जी शर्मा आज श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के आजीवन न्यासी बने ।

200 वे दिवस पर चुनरी यात्रा  राजस्थान से  ::: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 200  वें दिवस पर चुनरी यात्रा  राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिडावा  एवं भवानीमण्डी  पिडावा नगर पालिका के चेयरमैन रामेश्वर पाटीदार, श्री गोपाल गो सेवा संस्थान भवानीमंडी के संरक्षक ओम प्रकाश जी चतुर्वेदी, राजस्थान विद्युत वितरण निगम कम्पनी के सेवा निवृत अधीक्षण अभियंता ,भारत विकास परिषद् भवानीमंडी के कोषाध्यक्ष प्रहलाद सिंह एवं राकेश मीणा व आदित्य शर्मा पिड़ावा ने  अपने नगर,राज्य एवं देश के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए  चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *