अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के गोसेवक यदुवंशी मुख्यमंत्री गोमाता को पशु सूची से हटा कर माता का सम्मान देवें – जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द जी सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तरामनाय ज्योतिष पीठाधीश्वर बद्रिकाश्रम हिमालय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द जी सरस्वती जी महाराज आज मेरा मन बहुत प्रसन्न है आज पहली बार जीवन के असली भारत में आकर बैठे है। असली भारत में गोमाता का सर्वोच्च स्थान रहा है। आज गौ अभ्यारण्य में आना हुआ। मध्यप्रदेश के मालवा में इस स्थान पर गोमाता स्वतंत्र विचरण करती है। यहां 6 हजार से अधिक गाय है लेकिन एक भी गाय मारने वाली नहीं है। ना तो गाय किसी से डरती है और न ही गाय से कोई डरता है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 213 वे दिवस पर श्रोताओं को संबोधित करते हुए कही।

⏩ संसार में दो तरह के खजाने है एक लक्ष्मी का खजाना ओर दूसरा सरस्वती का खजाना । लक्ष्मी का खजाना कितना भी भर लो एक न एक दिन खाली होना है लेकिन सरस्वती का खजाना जितना खर्च कर लो उतना भरता जाएगा। इसलिए लक्ष्मी से सरस्वती का खजाना बड़ा है।गोमाता दूसरों के पापों को नष्ट करने की शक्ति रखती है। इंसान भैंस, बकरी, ऊंटनी का दूध पीकर बड़ा होता है लेकिन इनमें से किसी को माता नहीं कहता। लेकिन गोमाता को माता कहता है क्योंकि गाय धर्म की माता है इसलिए इन्हें गोमाता कहते है।

⏩ कई लोग कहते है गाय हमारी माता है तो हमारे पिता कौन है। ऋषभ हमारे पिता है। मां की पालना नहीं होती सेवा होती है। गोपाल उसी को कहते है जो गाय की सेवा करता है। गौमाता धर्म अर्थ, काम, मोक्ष प्रदान करती है। इसीलिए इसको प्यार और सम्मान देना चाहिए। पाश से जो बंधा होता है वह पशु कहलाता है। गौमाता तो मुक्त कराने वाली होती है इसलिए गोमाता को किसी भी दृष्टिकोण से पशु नहीं कह सकते है। जिसकी आंखे संस्कारविहीन है उन्हें गोमाता पशु नजर आती है।आज जहां गो अभयारण वहां कुछ समय पहले लोगों को आने से डर लगता था लेकिन संतो के यहां पैर पड़े और आज यह स्थान किसी तीर्थ से कम नहीं है। गोमाता की आत्मीयता के साथ सेवा होने से आज यहां आनंद ही आनंद बरस रहा है।

⏩ भारत देश इस समय विश्व में दूसरे स्थान पर है गौमांस के निर्यात में। यह बहुत चिंता का विषय है। भारत में 17 करोड़ गाय है और प्रतिदिन 80 हजार गाय काटी जा रही है। प्रतिवर्ष 3 करोड़ गाय कट रही है। यदि इसी तरह गोमाता कटती रहे तो भारत से गोमाता विलुप्त हो जाएगी। हमे जागना होगा। जो सरकार गोमाता कई वर्षों पहले किसी ने हमसे पूछा गोमाता के तन में तैंतीस कोटि देवता है उनके नाम बताएं। हमने विचार किया फिर उनसे कहा कि हम नहीं बता सकते। लेकिन आज हम गर्व से बता सकते है तैंतीस कोटि देवता के नाम। जो जो व्यक्ति गाय के लिए वोट करेगा वहीं हमारे लिए देवता होगा। लोकतंत्र में वोट की कीमत सबसे बड़ी है यदि आप गौहत्या के विरोध में वोट करेंगे तो देवता के समान होंगे।

⏩ जो गाय की हत्या करता है वह कसाई ओर जो गाय के लिए वोट करे, गाय की सेवा करे वहीं हमारा भाई है। जो व्यक्ति गाय की सेवा करता है गौमाता अपने रोम रोम से आशीर्वाद देती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से कहना चाहूंगा वह गोमाता को पशु सूची से हटा कर माता का सम्मान देवे। महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार होते हुवे भी यह कार्य किया है। आपके यहां तो ऐसीपूर्ण बहुमत की सरकार है।

⏩ श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित
श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में नवनिर्मित पथमेड़ा गहन चिकित्सा इकाई श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में नवनिर्मित पथमेड़ा गहन चिकित्सा इकाई का निर्माण स्व. लुणकरण दास, स्व. ज्ञानचन्द ,स्व. रामकंवर देवी, स्व. रत्नी देवी की,पुण्य स्मृति में पुत्र अचलदास,ओमप्रकाश,, सत्यनारायण एवं जय प्रकाश, रामगढ,जैसलमेर(राज.) द्वारा करवाया गया है उक्त गहन चिकित्सा ईकाई का गवार्पण परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तरामनाय ज्योतिष पीठाधीश्वर बद्रिकाश्रम हिमालय जगद्घुरु शंकराचार्य स्वामी श्रीअविमुक्तेश्वरान्द जी सरस्वती के कर कमलों से

⏩ गोनवरात्रि के षष्ठम दिवस पर आयोजित किसान सम्मेलन में पद्मश्री हुकुम जी पाटीदार, श्री कानसिंह निर्वाण सीकर जैविक कृषि सलाहकार। एवं विशेषज्ञ, आकाश चोरसिया ,राजेन्द्र पालीवाल भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय सह कोषाध्यक्ष, प्रकाश सिंह प्रदेश जैविक प्रमुख,देवी लाल गुर्जर एवं डूंगरा राम पुरोहित ने अपने गोमाता के गोबर एवं गोमूत्र के माध्यम से श्रेष्ठ जैविक कृषि का महत्त्व बताया और सभी कृषि विशेषज्ञों का परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तरामनाय ज्योतिष पीठाधीश्वर बद्रिकाश्रम हिमालय जगद्घुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द जी सरस्वती जी महाराज ने गोमाता की छवि देकर आशीर्वाद दिया ।

⏩ 213 वे दिवस पर चुनरीयात्रा राजस्थान एवं मध्यप्रदेश से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 213 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के आदाखेड़ी ग्राम एवं मध्यप्रदेश के इन्दौर निवासी भूतडा परिवार एवं आगर जिले के सोयत कलां से घनश्याम राठौर के परिवार की ओर से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए 56 भोग एवं चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।


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