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“गोमाता: पर्यावरण प्रदूषण का प्राकृतिक समाधान” _ पढ़ें विस्तृत ई-खबर _”प्रदूषण नियंत्रण और तकनीकी संतुलन: स्वामीजी का संदेश”

जनमत जागरण @ सुसनेर।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के तहत सुसनेर जनपद में विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य में आयोजित एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 238वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण में गोमाता की भूमिका पर प्रकाश डाला।स्वामीजी ने कहा कि गोमाता की श्वास, गोबर और गोमूत्र पर्यावरण को स्वाभाविक रूप से शुद्ध करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि हर जिले में 1000 बीघा भूमि पर गोशालाएँ स्थापित की जाएं, तो प्रदूषण नियंत्रण में बड़ी सफलता मिल सकती है। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर भोपाल गैस त्रासदी का स्मरण करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

⏩ “प्रदूषण नियंत्रण और तकनीकी संतुलन: स्वामीजी का संदेश” – राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने भोपाल गैस त्रासदी को स्मरण करते हुए प्रदूषण नियंत्रण में गोमाता की भूमिका को सबसे प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि गोमाता की श्वास, गोबर और गोमूत्र से पर्यावरण स्वाभाविक रूप से शुद्ध होता है। स्वामीजी ने सुझाव दिया कि हर जिले में 1000 बीघा भूमि पर गोशालाएँ स्थापित कर प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकता है।उन्होंने “मोबाइल व्रत” का प्रस्ताव रखते हुए तकनीकी यंत्रों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की और कम्प्यूटर साक्षरता दिवस पर तकनीक के संतुलित उपयोग का आग्रह किया। स्वामीजी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण और गोसेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।”गोमाता की कृपा से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि मानवता को नई दिशा मिलेगी।”*पर्यावरण प्रदूषण नियन्त्रण का सबसे बड़ा माध्यम गोमाता ही है*- स्वामी गोपालानंद सरस्वतीजनमत जागरण @ सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 238 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने जैन मुनि दर्शन सागर जी महाराज के गोलोक गमन पर श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि पूज्य महाराज जी का जीवन दर्शन एवं फिलोशॉपी सनातन समाज को युगों युगों तक प्रेरणा देती रहेगी ।

⏩ 238 वें दिवस पर पर्यावरण क्षेत्र में कार्य कर रहें संजीवन परिवार के घनश्याम ईश्वर सिंह गढ़वी पालनपुर अतिथि उपस्थित रहे ।

238 वे दिवस पर चुनरीयात्रा  मध्यप्रदेश एवं राजस्थान से ::  एक वर्षीय गोकृपा कथा के 238 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील के श्यामपुरा ग्राम के सरस्वती शिशु मंदिर के सेंकड़ों बालक बालिकाओं ने विद्यालय के प्रधानाचार्य गंगाराम व्यास, कार्यालय प्रमुख लाल सिंह, सह कार्यालय प्रमुख हैमसिंह,  गोकुल सिंह, शहजाद, पवन,श्याम ,, बहादुर सिंह,, कमल, गोविन्द आदि आचार्यों के नेतृत्व में एवं राजस्थान के झालावाड़ जिले की पचपहाड़ तहसील के  जीजणी ग्राम की महिला मण्डल की और से  सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए अमावस्या के पुण्य दिवस पर गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी  लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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