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भावनाओं का सम्मान ही अधिकार की कुंजी: “कर्तव्य निभाएंगे तो अधिकार पाना तय: स्वामी गोपालानंद का प्रेरक संदेश”

“अधिकार चाहते हैं तो कर्तव्य निभाएं: स्वामी गोपालानंद सरस्वती का संदेश”

जनमत जागरण @ सुसनेर । आज छत्तीसगढ़ के सतनाम परंपरा के प्रेरणास्रोत गुरु घासीदास जी महाराज का प्रकट दिवस है। इस अवसर पर एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 254वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने अपने विचार व्यक्त किए।

स्वामीजी ने गुरु घासीदास जी के आदर्शों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जातिवाद और सामाजिक बुराइयों का कड़ा विरोध किया। उनकी शिक्षाओं का मुख्य संदेश था- अस्पृश्यता का त्याग, नैतिकता और आंतरिक शुद्धता। उन्होंने मांसाहार, जीव हत्या, चोरी, जुआ और नशा सेवन से दूर रहने का आह्वान किया।◾अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर संदेश : स्वामी गोपालानंद ने कहा कि अल्पसंख्यकों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए, लेकिन कर्तव्य पालन से ही अधिकार सुरक्षित रहते हैं। उन्होंने आग्रह किया कि भारत की बहुसंख्यक संस्कृति, परंपराओं, और पूजनीय महापुरुषों का आदर करना सभी का दायित्व है।

👉उन्होंने स्पष्ट किया : > “हम अल्पसंख्यकों का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका भी कर्तव्य है कि वे बहुसंख्यकों की भावनाओं का आदर करें। मंदिरों, पूजा स्थलों, और गौमाता का अनादर न करें। गोमाता का वध बहुसंख्यक समाज की गहरी भावना को ठेस पहुंचाता है। यदि गौमाता को कष्ट दिया जाएगा तो बहुसंख्यक समाज इसे सहन नहीं करेगा।”स्वामीजी ने यह भी जोड़ा कि अगर अल्पसंख्यक बहुसंख्यकों की भावनाओं का सम्मान करेंगे, तो पूरा देश उन्हें सम्मान और भाईचारे के साथ स्वीकार करेगा।

गोसेवा का महत्व :: स्वामी गोपालानंद ने राजा विक्रमादित्य की गोसेवा के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि गोसेवा का महत्व आज भी उतना ही है।उन्होंने कहा: > “सड़क पर घूम रही निराश्रित गाय की सेवा करें। दूध के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए गाय पालें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति मिलेगी।”उन्होंने यह भी कहा कि गाय केवल पूजा का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। जो भी व्यक्ति गोसेवा करेगा, वह जीवन में आनंद और पुण्य दोनों प्राप्त करेगा।

254वें दिवस की कथा समापन पर स्वामीजी ने अपने संदेश में सभी को मानवता, भाईचारे, और धार्मिक सहिष्णुता के साथ रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने अल्पसंख्यकों से कर्तव्य और बहुसंख्यकों से सहिष्णुता का संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।

⏩ गो कृपा कथा के 254 वें दिवस पर गौरी शंकर डग ,रामकिशन टेलर एवं लक्ष्मी नारायण सेन उर्फ पप्पू लाल,मांगीलाल अपने क्षेत्र की मातृ शक्ति को बस में लेकर अतिथि के रूप में उपस्थित रहें ।

254 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 254 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले की बकानी तहसील के नानोर स्थित गोशाला की और से गोसेवा समिति अध्यक्ष देवी सिंह,उपाध्यक्ष सज्जन सिंह,सचिव बालू सिंह अध्यापक,कोषाध्यक्ष भगवान सिंह, सदस्य राजेन्द्र सिंह,शिवसिंह पूर्व सरपंच, श्याम सिंह,नयन सिंह, भवानी शंकर, सुजान सिंह ,नारायण सिंह, बालू सिंह मनोहर सिंह, जसवंत सिंह, हिन्दू सिंह आदि पंच पटेलो के साथ ग्राम के युवा एवं सैकड़ों मातृशक्ति ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए  गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी   लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया ज्ञातव्य हो कि डॉक्टर तिवारी जी का परिवार हर माह भगवती गोमाता के लिए चुनरी ओढ़ाते है और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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