सक्सेना हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई: PCPNDT एक्ट उल्लंघन पर पंजीयन रद्द | जनमत जागरण की रिपोर्टिंग से खुला मामला : न्यूज़ फार एक्शन

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सक्सेना हॉस्पिटल पर बड़ी कार्रवाई – PCPNDT एक्ट के उल्लंघन पर सोनोग्राफी मशीनों और हॉस्पिटल का पंजीयन रद्द
जनमत जागरण @ आगर-मालवा: सत्य और जनहित की पत्रकारिता के संकल्प को लेकर जनमत जागरण न्यूज़ द्वारा बीते कई महीनों से उजागर की जा रही अनियमितताओं का अंततः प्रभाव दिखा। जिले के चर्चित निजी अस्पताल सक्सेना हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर, ओवर रोड पर प्रशासन ने आखिरकार बड़ी कार्रवाई कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता द्वारा गठित निरीक्षण दल ने दिनांक 28 फरवरी 2025 को अस्पताल में औचक निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण एक जागरूक शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत गंभीर शिकायत एवं नर्सिंग होम एक्ट और PCPNDT अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया था। निरीक्षण के दौरान सोनोग्राफी मशीनों और प्रसव पूर्व निदान कक्ष में अत्यंत गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
यह कार्यवाही अचानक नहीं हुई – इसकी नींव जनमत जागरण की सतत रिपोर्टिंग और जनहित में उठाए गए सवालों ने रखी थी।
जिले में गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (PCPNDT Act) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 4 मार्च 2025 को जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि उक्त अस्पताल की दोनों सोनोग्राफी मशीनों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और उनका पंजीयन निरस्त किया जाए। अस्पताल प्रबंधन को 3 दिवस में अपना पक्ष रखने हेतु सूचना दी गई, किन्तु जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर दिनांक 20 मार्च 2025 को सोनोग्राफी पंजीयन रद्द कर दिया गया। तत्पश्चात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. दीपक गर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
अंततः 15 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश उपचार गृह तथा रूजोपचार अधिनियम 1973 एवं संशोधित नियम 2021 के अंतर्गत अस्पताल का समस्त पंजीयन निरस्त कर दिया गया। यह निर्णय जनस्वास्थ्य की रक्षा, कानूनी प्रावधानों के पालन और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक कठोर लेकिन आवश्यक कदम है। उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले में जनमत जागरण की निरंतर रिपोर्टिंग, पड़ताल और जनहित चेतना ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर किया।

सार्थक चिंतन – जब पत्रकारिता, जनचेतना और प्रशासन मिलें, तब न्याय जन्म लेता है
इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में एक जागरूक नागरिक द्वारा की गई शिकायत रही, जिसे जनमत जागरण ने गंभीरता से लिया और लगातार उजागर किया। कई बार संस्थाएं मौन हो जाती हैं, पर जब जनस्वर मुखर होता है, तो व्यवस्था को सुनना पड़ता है। यह घटना बताती है कि जब सच को स्वर, साहस को मंच और पत्रकारिता को उद्देश्य मिले – तो बदलाव संभव है।
यह घटना बताती है कि जब नागरिक चेतना, जिम्मेदार मीडिया और निष्पक्ष प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।“जनमत जागरण न्यूज़ फार एक्शन” सिर्फ एक नारा नहीं, एक अभियान है – जन के मत और तंत्र के बीच पुल का काम करने वाला। “जनमत जागरण न्यूज़ फार एक्शन” सिर्फ एक नारा नहीं, एक सार्वजनिक संकल्प है – सत्य, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए।



