“कामधेनु गो अभयारण्य में व्यक्तित्व विकास शिविर का आगाज़ – सूर्या फाउंडेशन के प्रशिक्षक करेंगे मार्गदर्शन”

🪔 हमारी संस्कृति, हमारी धरोहर – आधुनिकता के संगम में जन्मा व्यक्तित्व विकास का नवीन प्रयोग
7000 गौमाताओं के सान्निध्य में बाल संस्कार, शारीरिक-मानसिक प्रशिक्षण और जीवन दृष्टिकोण का अद्वितीय शिविर
जनमत जागरण @ सुसनेर, 31 मई
धरोहर जब दिशा देती है और आधुनिकता जब साधना बन जाए, तब सृजित होता है ऐसा कोई प्रकल्प जो केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों का निर्माण करता है। भारतवर्ष की सनातन परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा और गांवों के सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश की पवित्र गो भूमि पर ऐसा ही एक अभिनव और आदर्श प्रयोग आरंभ होने जा रहा है।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित तथा विश्वविख्यात गोसेवा संस्थान “श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा” के संरक्षण में संचालित श्री कामधेनु गो अभयारण्य, सालरिया (जिला आगर मालवा) में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा शुभारंभित “श्री कामधेनु गुरुकुलम्” में 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों हेतु एक विशेष 10 दिवसीय व्यक्तित्व निर्माण शिविर का आयोजन 7 जून से 17 जून 2025 तक किया जा रहा है। यह शिविर सूर्या फाउंडेशन दिल्ली के अनुभवी प्रशिक्षकों के माध्यम से संचालित होगा, जो वर्षों से भारत में युवाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास के लिए कार्यरत है।

इस विशेष शिविर के पोस्टर का विमोचन समारोह आज श्री कामधेनु गो अभयारण्य परिसर में गरिमामयी वातावरण और नवग्रह शनिदेव मंदिर की पवित्र साक्षी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर गो अभयारण्य प्रबंध न्यासी डॉ. विक्रम सिंह परिहार, वरिष्ठ समिति सदस्य लाल सिंह गोशाला, नाथु सिंह, कालू सिंह, नारायण सिंह पटपड़ा, कालू सिंह लोधाखेड़ी सहित शनिदेव गो सेवा नवयुवक समिति के कार्यकर्ता एवं सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में गो अभयारण्य के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जगदीश प्रसाद तिवारी एवं प्रबंधक शिवराज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
स्वामीजी का मार्गदर्शन और सतत साधना का प्रतिफल
इस ऐतिहासिक शिविर का संकल्प पूज्य स्वामी दत्तशरणानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य और ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में लिया गया है, जिनके द्वारा विगत 31 वर्षों से गो-पर्यावरण एवं आध्यात्मिक चेतना पदयात्रा का संचालन किया जा रहा है। यह शिविर उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसमें गोधन, धर्म और देश की भावी पीढ़ियों के निर्माण को एक सूत्र में जोड़ा गया है।
सूर्या फाउंडेशन: विवेक, विज्ञान और संस्कारों की त्रिवेणी
1992 में पद्मश्री जयप्रकाश अग्रवाल द्वारा स्थापित सूर्या फाउंडेशन ने स्वामी विवेकानंद, रविंद्रनाथ टैगोर और महर्षि अरविंद के विचारों से प्रेरणा लेकर युवाओं के भीतर छिपी ऊर्जा को दिशा देने का जो संकल्प लिया, वह अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। थिंक टैंक, शिक्षा संगठन, स्वास्थ्य जागरूकता से लेकर आदर्श ग्राम योजना तक – यह संगठन सामाजिक पुनर्निर्माण का ध्येय लेकर आगे बढ़ रहा है।
गौशाला की गोद में भविष्य का निर्माण
7000 गौमाताओं के दिव्य सान्निध्य में जब बालक ध्यान, योग, अनुशासन और संस्कृति के बीज रोपित करते हैं, तब केवल ज्ञान नहीं, चरित्र की खेती होती है। यह शिविर केवल एक प्रशिक्षण नहीं, एक आध्यात्मिक अनुभव है – जहां गाय, गुरु और गुरुकुल तीनों साथ होते हैं।
🔷 जनमत जागरण आपके लिए लाया है यह विशेष रिपोर्ट – एक शिविर जो संस्कारों की धरती से जीवन का नया मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
📌 स्थान: श्री कामधेनु गो अभयारण्य, सालरिया
📅 दिनांक: 7 जून – 17 जून 2025
🎯 आयोजक: सूर्या फाउंडेशन दिल्ली | श्री कामधेनु गुरुकुलम्
📸 विमोचन समारोह की झलकियों के लिए जुड़े रहें जनमत जागरण के साथ – जहां संस्कृति है संवाद।

🌿 सार्थक चिंतन
“सा विद्या या विमुक्तये” – शिक्षा वही है जो मनुष्य को भीतर से स्वतंत्र, विवेकशील और उदात्त बनाए।
गौधूलि की इस पुण्य वेला में जब संस्कार, साधना और सृजनशीलता एक साथ बाल मन में प्रवाहित होते हैं, तब एक नई चेतना जन्म लेती है। श्री कामधेनु गुरुकुलम में चल रहा यह प्रयास आधुनिकता और सांस्कृतिक परंपरा का अद्भुत संगम है — जहाँ बालक केवल पढ़ना नहीं, जीवन को समझना सीखते हैं।
– राजेश कुमरावत ‘सार्थक’, संपादक – जनमत जागरण



