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अलौकिक कामधेनु गो अभ्यारणआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

सुसनेर का विश्व का प्रथम गो अभयारण्य ‘आचार्य विद्यासागर जीव दया’ प्रथम पुरस्कार से सम्मानित | मुख्यमंत्री ने दिए 5 लाख रुपये


🌿 ‘गौमाता की सेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म’ – विश्व का प्रथम गो अभयारण्य भोपाल में राज्यस्तरीय सम्मान से हुआ विभूषित

➡️ आचार्य श्री विद्यासागर ‘जीव दया (गोसेवा)’ प्रथम पुरस्कार से सम्मानित | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदान किया पाँच लाख का पुरस्कार

भारतभूमि पर जब-जब धर्म और सेवा का संगम हुआ है, तब-तब एक नई चेतना का जन्म हुआ है। इसी भावभूमि पर, गौमाता के प्रति समर्पण और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए समर्पित विश्व का प्रथम गो अभयारण्य, सुसनेर जनपद (आगर-मालवा) में संचालित यह संस्थान, अब न केवल एक सेवा स्थान बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बन चुका है।

📜 सार्थक समाचार | जनमत जागरण विशेष रिपोर्ट
📍 स्थान – सुसनेर/भोपाल | दिनांक – 20 जून 2025

मध्यप्रदेश शासन द्वारा दिनांक 20 जून 2025 (शुक्रवार) को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित राज्य स्तरीय गोशाला सम्मेलन में, वर्ष 2023-24 की श्रेष्ठ गोसेवा संस्था के रूप में इस अभूतपूर्व अभयारण्य को “आचार्य श्री विद्यासागर जीव दया (गोसेवा) प्रथम पुरस्कार” से सम्मानित किया गया।
सम्मान स्वरूप पाँच लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, खेल मंत्री विश्वास सारंग, पशुपालन मंत्री लखन पटेल एवं प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव के करकमलों से प्रदान किया गया।

इस अलौकिक अवसर पर श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संरक्षक गोऋषि पूज्य स्वामी दत्त शरणानंद जी महाराज के सान्निध्य में संचालित इस गो अभयारण्य के साथ प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे—
🔸 पथमेड़ा कार्यपालन अधिकारी श्री आलोक सिंघल,
🔸 प्रबंध न्यासी श्री अम्बालाल सुथार,
🔸 श्री कामधेनु गो अभयारण्य के न्यासी डॉ. विक्रम सिंह परिहार,
🔸 एवं प्रबंधक श्री शिवराज शर्मा

मुख्य यजमान के रूप में गुजरात के ग्वालभक्त और पथमेड़ा सहयोगी चिमन भाई अग्रवाल (अहमदाबाद) ने मंच को गौरव प्रदान किया।


🏆 राज्य स्तरीय गोसेवा पुरस्कार सूची में सुसनेर का अभयारण्य रहा शीर्ष पर

मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित इस प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ संस्थागत गोसेवा पुरस्कार के लिए चयनित संस्थाएं निम्न थीं—
🥇 प्रथम स्थान – श्री कामधेनु गो अभयारण्य (सुसनेर, आगर मालवा)
🥈 द्वितीय स्थान – आचार्य विद्यासागर दयोदय पशु सेवा केंद्र गोशाला (तेंदूखेड़ा, दमोह)
🥉 तृतीय स्थान – कपिला गोशाला सेवा ट्रस्ट (अमरकंटक, अनूपपुर)
🔹 सांत्वना पुरस्कार

  • वृंदावन कामधेनु गोशाला समिति (गढ़ी, रायसेन)
  • बाहुबली जीव रक्षा ट्रस्ट (मेघा, छिंदवाड़ा)
  • दयोदय गो संवर्धन केंद्र (विदिशा)
  • सीताराम रामचंद्र गोशाला (हरदा)

🌼 विश्व का प्रथम गो अभयारण्य: गौरवशाली यात्रा

यह गौरवपूर्ण संस्थान वर्ष 2012 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के परम पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी द्वारा भूमि पूजन के साथ प्रारंभ हुआ।
2017 से मध्यप्रदेश गो संवर्धन बोर्ड के अधीन संचालित यह गो अभयारण्य, 01 जनवरी 2023 से श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की देखरेख में नई चेतना के साथ क्रियाशील हुआ।


🌸 एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव: सनातन की पुनर्पुष्टि

विक्रम संवत 2081 (09 अप्रैल 2024) से विक्रम संवत 2082 (12 अप्रैल 2025) तक, मध्यप्रदेश शासन द्वारा घोषित “गोवंश रक्षा वर्ष” के अंतर्गत, श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना कथा का आयोजन ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के दिव्य मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस अनुपम आयोजन का सीधा प्रसारण धेनु टीवी, आस्था, आस्था भजन, और पथमेड़ा यूट्यूब चैनल पर हुआ। यजमान परिवार के रूप में गुजरात के प्रसिद्ध परमार्थ सेवक चिमन भाई अग्रवाल एवं उनका परिवार पूरे वर्ष सहभागी रहे।

इस अवधि में स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो बार पधारे एवं अपना 61वां जन्मदिवस 7000 गौमाताओं के मध्य मनाकर अपने ‘गोसेवक’ स्वरूप को राष्ट्र के समक्ष प्रस्तुत किया।


📌 सार्थक दृष्टिकोण से निष्कर्ष

गोसेवा की यह यात्रा एक नूतन अध्याय है जो न केवल गौ रक्षा को संस्थागत स्वरूप देती है, अपितु संस्कृति, आस्था और शासन के संतुलन का अद्भुत उदाहरण भी बनती है। विश्व का प्रथम गो अभयारण्य आज देशभर में गौरक्षा के लिए कार्यरत संस्थाओं के लिए एक आदर्श बन चुका है।


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