गौरव गाथा विशेषांक : “नगर के सपनों को दे रहे पंख – विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय, सोयतकलां” 📖 “जहाँ शिक्षा दीपक है और संस्कार उसकी लौ”

📖 “जहाँ शिक्षा दीपक है और संस्कार उसकी लौ – एक प्रेरक सफर 1999 से…”✍️ Sponsored Feature | प्रस्तुति: जनमत जागरण
जहाँ शिक्षा है साधना, और विद्यार्थी हैं राष्ट्र के भविष्य निर्माता – यही है विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय

✨ गौरव गाथा – विद्यालय विशेष (“Sponsored Feature”)
🇮🇳 विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय, सोयतकलां
“जहाँ सपनों को मिलते हैं पंख, और बालमन सीखता है उड़ान भरना…”
“यह कोई विद्यालय नहीं, विचारों का उद्यान है – जहाँ शिक्षा दीप है और संस्कार उसकी लौ…”

जिस धरती पर बालक स्वामी विवेकानंद ने आत्मबोध का उद्घोष किया, उसी प्रेरणा से सिंचित एक संस्थान – विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय, सोयतकलां – विगत 25 वर्षों से शिक्षा को केवल परीक्षा का माध्यम नहीं, अपितु एक सांस्कृतिक चेतना केंद्र के रूप में विकसित हो चुका है, जहाँ छात्र कक्षा 1 से 12 तक शिक्षा के साथ जीवन की दिशा भी प्राप्त करते हैं।
🌱 एक संकल्प जो शिक्षा को साधना बना गया
1999 में सोयतकलां की माटी पर जब शिक्षा की यह अलख जगी, शायद किसी ने नहीं सोचा था कि यह छोटा सा बीज एक दिन वटवृक्ष बन जाएगा।
“ज्ञान है, विवेक है, ये बंदे सारे नेक हैं – यही विवेकानंद है।”
आज यह केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि एक आंदोलन है – सपनों को आकार देने का, और संभावनाओं को यथार्थ में बदलने का।
विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय ने यह सिद्ध कर दिखाया कि गाँवों और कस्बों के बच्चों के पास भी यदि सही मार्गदर्शन, श्रेष्ठ वातावरण और बड़े सपने हों तो वे प्रदेश की मेरिट लिस्ट में छा सकते हैं।
2005 में जब इस विद्यालय ने शाजापुर जिले की 20 मेरिट स्थानों में 8 पर कब्जा किया, तो शिक्षा जगत में एक नई सुबह हुई। इसके बाद प्रदेश की मेरिट लिस्ट में लगातार सात वर्षों तक इस विद्यालय के छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। हालिया वर्ष में ही कक्षा 12वीं में दो विद्यार्थियों ने प्रदेश टॉप 10 में स्थान पाया और कक्षा 10वीं में जिले की मेरिट सूची के प्रथम, द्वितीय, तृतीय – तीनों स्थानों पर इस विद्यालय के ही छात्र रहे।

🕉️ संस्कृति, संस्कार और सृजन की त्रिवेणी
विद्यालय की शिक्षा पद्धति में निहित है – वेदमंत्रों की गूंज, नैतिक पाठों की गहराई और आधुनिक ज्ञान की ऊँचाई।
“भेद न ही करते हम, द्वेष में न चलते हम; ऊँची सोच ऊँचे प्रण – यही विवेकानंद है।”
यहाँ प्रतिदिन विद्यार्थियों को योग, ध्यान, प्रार्थना, और सनातन जीवन मूल्यों का अभ्यास कराया जाता है। यही कारण है कि यहाँ पढ़ने वाला छात्र केवल कुशल नहीं, योग्य नागरिक बनता है।
🌿 एक कैंपस, अनेक आयाम – सर्वांगीण विकास की प्रयोगशाला
“जहाँ हर सांस में हरियाली है, और हर कोने में सुकून… वहीं ज्ञान सहजता से खिलता है।”
विवेकानंद विद्यालय का परिसर कोई शोरगुल भरा शिक्षालय नहीं, बल्कि एक ऐसा खुला और हवादार वातावरण है जहाँ विद्यार्थियों का माइंडसेट और पर्सनेलिटी सही मायनों में विकसित होती है।
यहाँ हर दिन का आरंभ अलग-अलग वर्गों की विशेष असेंबली, ध्यान और प्रेरक विचारों से होता है। बच्चों ने शुरुआत से ही बड़े मंच देखे हैं – चाहे वह 75×50 फीट का विशाल मंच हो, या विवेकानंद जयंती पर आयोजित साहसिक और अनूठी रैलियाँ, जिन्होंने पूरे क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया।
🎨 प्रतिभा के विविध रंग – गतिविधियों की बहुरंगी छाया
यहाँ केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि छात्रों की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष गतिविधियाँ चलाई जाती हैं –
🧘 योग, 🥋 मार्शल आर्ट, 🧭 स्काउट गाइड, 🎭 नाट्यकला, 🏀 खेलकूद, 🎨 कला, और 📚 वैदिक अध्ययन सहित अनेक कार्यक्रमों का नियमित संचालन होता है।
“देश की जो बात हो, शौर्य चुनौतियों का प्रकाश हो; चारों दिशा में फैला ये मंच है – यही विवेकानंद है।”
🏫 सुविधाएँ – आधुनिकता और परंपरा का संगम
“जहाँ कक्षाएँ सिर्फ चारदीवारी नहीं, विचारों की प्रयोगशाला हैं – और हर सुविधा बच्चों के सर्वांगीण विकास को समर्पित है।”
✅ 1300 विद्यार्थी और 60+ स्टाफ का भरोसा
✅ सभी खेलों के लिए आधुनिक ग्राउंड – बास्केटबॉल, फुटबॉल, टेबल टेनिस, कबड्डी, क्रिकेट
✅ फुली इक्विप्ड लैब्स – फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी, और कंप्यूटर
✅ डिजिटल स्मार्ट क्लासेस व समृद्ध पुस्तकालय
✅ योग्य और अनुभवी शिक्षकों का समूह
✅ ट्रांसपोर्ट व सुरक्षित छात्रावास सुविधा

🎓 पूर्व छात्र – सफलता की उड़ान
“जब शिक्षा का उद्देश्य नौकरी नहीं, व्यक्तित्व निर्माण हो – तो विद्यार्थी केवल डिग्रीधारी नहीं, राष्ट्रनिर्माता बनते हैं।”
यहाँ से निकले बच्चे आज विभिन्न क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं – MBBS डॉक्टर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मिलिट्री ऑफिसर, एयरफोर्स, फैशन डिजाइनर, एंकरिंग और व्यवसाय के क्षेत्र में। इस विद्यालय ने साबित कर दिया कि एक छोटे गाँव से भी बड़े सपने जन्म ले सकते हैं।
🎵 विद्यालय का प्रेरणास्पद गीत सुनें
> “यह केवल एक गीत नहीं, यह है विचारों का वह स्वर जो हर विद्यार्थी में साहस, संस्कार और सफलता का मंत्र फूंकता है।”
👇 🎧 विद्यालय के गीत को सुनने के लिए निचे क्लिक करें
👨🏫 नेतृत्व – जहाँ ओज, अनुभव और आदर्श समाहित हैं
“सिर्फ भवन बनाने से विद्यालय नहीं बनता, विचार और दृष्टि से संचालित संस्था ही समाज का भविष्य गढ़ती है।”
विद्यालय के डायरेक्टर जितेन्द्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, एक ओजस्वी वक्ता और राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित शिक्षाविद् हैं। उनकी सोच विद्यालय की हर ईंट में और छात्रों के हर संस्कार में झलकती है। उनकी दूरदर्शिता और समर्पण ने इस संस्थान को क्षेत्र में शिक्षा और संस्कार का प्रकाश स्तंभ बना दिया है।
📍 स्थान: इंदौर–कोटा नेशनल हाईवे, सोयतकलां
📞 प्रवेश प्रारंभ – सत्र 2025-26 हेतु संपर्क करें:
📞 संपर्क: 9425991901
🎓 “जहाँ शिक्षा ही नहीं, संस्कार भी सिखाए जाते हैं – विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय”

✍️ – सार्थक चिंतन
“जब छोटे कस्बों के बड़े सपने जिद बन जाएं, तब इतिहास रचा जाता है।”
विवेकानंद राष्ट्रीय विद्यालय सोयतकलां इसका जीवंत प्रमाण है – एक ऐसी संस्था जहाँ शिक्षा केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि विचारों की लौ और संस्कारों की मशाल है।
यह विद्यालय हर बच्चे में छिपे स्वप्नदृष्टा और राष्ट्रनिर्माता को जागृत करता है। यहाँ की उपलब्धियाँ केवल परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या का प्रतिफल हैं।
और यही तो भाव है उस गीत का – “यही विवेकानंद है…” – जो इस विद्यालय की आत्मा का जयघोष बन चुका है।
यहाँ शिक्षा साधना है, और विद्यार्थी तपस्वी। यही दृष्टिकोण इस संस्थान को मात्र स्कूल नहीं, बल्कि एक विचारधारा का स्वरूप देता है।



