“सतानंद चौबे बने मालवा प्रांत कार्यालय मंत्री, सोयतकलां के इस गौरव ने न्याय के प्रति समर्पण दिखाया”

जनमत जागरण @ मंदसौर
सोयतकलां के सतानंद चौबे बने मालवा प्रांत कार्यालय मंत्री, न्याय में समर्पण का गौरव
मंदसौर की न्यायिक दुनिया में गर्व और उत्साह का क्षण – 20 सितंबर 2025 को संपन्न हुई अधिवक्ता परिषद, मालवा प्रांत की प्रांत बैठक ने एक नई दिशा और प्रेरणा का संदेश दिया। इस बैठक में हाईकोर्ट एडवोकेट सतानंद चौबे को मालवा प्रांत कार्यालय मंत्री के रूप में चुना गया। यह न केवल उनके न्याय के प्रति समर्पण और पेशेवर कुशलता का सम्मान है, बल्कि सोयतकलां के लिए भी गर्व का क्षण है।इस अवसर पर उपस्थित सभी ईष्ट मित्रों और समस्त अधिवक्ताओं ने उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी।

सतानंद चौबे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सोयतकलां में प्राप्त की और वर्षों की मेहनत और अनुभव से न्यायिक क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई। उनके परिवार की प्रतिष्ठा और सेवा भाव भी उल्लेखनीय है। उनके पिता लंबे समय तक पुलिस विभाग में सेवा देते रहे, और नगर में उन्होंने अपने कर्तव्य और ईमानदारी से कई वर्षों तक जनता की सेवा की। आज भी लोग उन्हें उनके समर्पण और योगदान के लिए याद करते हैं।
अब सतानंद चौबे इस नई जिम्मेदारी के साथ न केवल अपने करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित कर रहे हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के अधिवक्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहे हैं।

अधिवक्ता परिषद एक स्वायत्त और प्रतिष्ठित संगठन है, जो वकीलों के अधिकारों, कर्तव्यों और पेशेवर मानकों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करता है। परिषद न्यायपालिका में पारदर्शिता, प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ न्याय की दिशा में सक्रिय योगदान देता है।
इस प्रकार, सतानंद चौबे का मालवा प्रांत कार्यालय मंत्री के रूप में चयन न्याय और समर्पण के मार्ग पर एक प्रेरणादायक कदम है, जो सोयतकलां और आसपास के क्षेत्रों के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत बन गया है।



