भाजपा ने किसी उम्मीदवार को अधिकृत नहीं किया, ‘भाजपा समर्थित’ लिखना अनुशासनहीनता – जिला अध्यक्ष ओम मालवीय’

वार्ड क्रमांक–1 उपचुनाव में दो उम्मीदवार और उनके समर्थक नेता कर रहे प्रचार, मतदाता भ्रमित
जनमत जागरण @आगर-मालवा : आगर मालवा जिला पंचायत के वार्ड क्रमांक–1 में होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा संगठन की स्थिति स्पष्ट न होने से मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। चुनाव मैदान में खड़े दो उम्मीदवार अपने बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया प्रचार में स्वयं को “भाजपा समर्थित उम्मीदवार” बता रहे हैं, जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने किसी भी उम्मीदवार को अधिकृत नहीं किया है।
जिला अध्यक्ष ओम मालवीय ने बातचीत में कहा कि “पार्टी की ओर से इस उपचुनाव के लिए किसी भी उम्मीदवार को अधिकृत नहीं किया गया है। यदि कोई खुद को भाजपा समर्थित बताकर प्रचार कर रहा है, तो यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।” उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश संगठन को भेज दी गई है और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है।
जिला अध्यक्ष के अनुसार यह एक स्थानीय चुनाव है, इसलिए पार्टी सिंबल नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि “जो भी उम्मीदवार चुनाव जीतकर आएगा, उसे बाद में भाजपा का उम्मीदवार माना जाएगा।”
जब संवाददाता ने यह सवाल उठाया कि दो अलग–अलग उम्मीदवारों द्वारा स्वयं को भाजपा समर्थित बताए जाने से आम मतदाता भ्रमित हो रहा है, तो जिला अध्यक्ष ने दोहराया कि “इस स्थिति से प्रदेश संगठन को अवगत करा दिया गया है।” हालांकि स्थानीय स्तर पर किसी स्पष्ट कार्रवाई या गाइडलाइन को लेकर उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
उल्लेखनीय है कि वार्ड क्रमांक–1 के उपचुनाव में खड़े दोनों उम्मीदवारों के समर्थन में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा भी सोशल मीडिया पर अपीलें की जा रही हैं। “भाजपा के एक गुट से जुड़े पूर्व विधायक द्वारा एक उम्मीदवार के समर्थन में सोशल मीडिया पर अपील की जा रही है, वहीं दूसरे गुट से जुड़े एक वरिष्ठ नेता दूसरे प्रत्याशी को भाजपा समर्थित बता रहे हैं।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब उम्मीदवारों के साथ-साथ वरिष्ठ नेता भी सार्वजनिक रूप से समर्थन में सामने आते हैं, तो आम मतदाता यह मानने लगता है कि उम्मीदवार को संगठन का अप्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है। इससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति और गहराती है।
बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक–1 में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार भी मैदान में है। ऐसे में यदि भाजपा समर्थक मतदाता भ्रमित रहते हैं, तो इसका सीधा लाभ विपक्षी उम्मीदवार को मिलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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