इंदौरमध्यप्रदेशसंघ शाताब्दी वर्ष

संघ के शताब्दी वर्ष पर इंदौर में प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन, समाज संवाद से सशक्त भारत का संदेश


जनमत जागरण @ इन्दौर, 19 अप्रैल 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले समाज संवाद कार्यक्रमों के अंतर्गत इंदौर महानगर में विभिन्न श्रेणियों के प्रमुख जनों के साथ गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। महानगर की संरचना और विस्तार को ध्यान में रखते हुए ये आयोजन नगर रचना के अनुरूप अलग-अलग वर्गों में किए जा रहे हैं।

संघ के प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार ने शोधार्थियों, वैज्ञानिकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और आर्किटेक्ट्स के साथ संवाद करते हुए ।

इसी क्रम में संघ के प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार ने शोधार्थियों, वैज्ञानिकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और आर्किटेक्ट्स के साथ संवाद किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारत का मूल तत्व धर्म-स्थापना है, जहां धर्म का अर्थ सर्वोत्तम आचरण, संवेदना और सामाजिक व्यवहार से है। उन्होंने बताया कि संघ के संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार ने इसी विचार को आधार बनाकर संगठन की नींव रखी, ताकि समाज को एकात्म भाव से संगठित किया जा सके।

अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख श्री भारत भूषण ने युवा उद्यमियों एवं मातृशक्ति की गोष्ठियों को संबोधित करते हुए

अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख श्री भारत भूषण ने युवा उद्यमियों एवं मातृशक्ति की गोष्ठियों को संबोधित करते हुए संघ की स्थापना की पृष्ठभूमि और उसके प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार ने दीर्घ चिंतन और अनुभव के बाद “शाखा” जैसी व्यक्ति निर्माण की पद्धति विकसित की, जिसके माध्यम से संघ का कार्य देशभर में विस्तार पाया। उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों के प्रयासों से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन खड़े हुए, जिससे आज हिंदू समाज वैश्विक स्तर पर स्वाभिमान के साथ खड़ा है।

अखिल भारतीय सह संयोजक श्री दीपक शर्मा संवाद करते हुए

क्रीड़ा एवं व्यापारिक संगठनों की गोष्ठियों में प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय सह संयोजक श्री दीपक शर्मा ने संवाद करते हुए कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान एकता और सामूहिक प्रयासों से संभव है। उन्होंने “राष्ट्र प्रथम” के संकल्प को प्रत्येक नागरिक के मन में स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

गोष्ठियों में इंदौर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित हुए ।

इन सभी गोष्ठियों में इंदौर महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन उपस्थित हुए और संघ के कार्यों को लेकर जिज्ञासाएं व्यक्त कीं। सहभागियों ने सुझाव भी दिए, जिससे संवाद और अधिक प्रभावी बना।

संघ की नगर-खण्ड रचना के अनुसार इंदौर में कुल 59 स्थानों पर प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन निर्धारित है, जिनमें से 35 गोष्ठियां सम्पन्न हो चुकी हैं, जबकि शेष कार्यक्रम आगामी सप्ताह में आयोजित किए जाएंगे।


Related Articles

error: Content is protected !!