सुसनेर में भाजपा की जीत: प्रदीप सोनी 960 वोटों से विजयी
सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव 2026 में भाजपा के प्रदीप सोनी 960 मतों से विजयी। जानिए वार्डवार परिणाम, भाजपा-कांग्रेस का गणित और जनमत जागरण का चुनावी विश्लेषण।

सुसनेर में भाजपा का परचम… 960 वोटों से प्रदीप सोनी विजयी
जनमत जागरण के चुनावी विश्लेषण पर लगी मुहर, तीन अंकों की जीत का दावा हुआ सच; भाजपा 9 वार्डों में आगे, कांग्रेस 6 में
सुसनेर। नगर परिषद सुसनेर अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप बद्रीलाल सोनी ने कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु प्रसाद पाटीदार को 960 मतों के अंतर से पराजित कर जीत दर्ज की है। प्रदीप सोनी को 5,663 मत मिले, जबकि विष्णु प्रसाद पाटीदार को 4,703 मत प्राप्त हुए। 149 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना। कुल 10,515 विधिमान्य मतों में भाजपा प्रत्याशी को 960 मतों की निर्णायक बढ़त मिली।
यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदान से पहले भाजपा की ओर से तीन अंकों में जीत का दावा किया जा रहा था। अब परिणाम सामने आने के बाद भाजपा का यह दावा सही साबित हुआ है।
शनिवार को डग रोड स्थित आईटीआई कॉलेज में मतगणना की गई। नगर परिषद के 15 वार्डों के लिए बनाए गए 17 मतदान केंद्रों के मतों की गणना पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारी श्रीमती देवकुंवर सोलंकी ने प्रदीप सोनी को विजयी घोषित किया।
9 वार्डों में भाजपा आगे, 6 में कांग्रेस
मतदान केन्द्रवार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो भाजपा प्रत्याशी ने 15 में से 9 वार्डों में बढ़त हासिल की, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी 6 वार्डों में आगे रहे।
भाजपा की बढ़त वाले वार्ड हैं—2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 12 और 13।
कांग्रेस ने वार्ड 1, 7, 10, 11, 14 और 15 में बढ़त बनाई।
हालांकि वार्ड 7 और वार्ड 10 में दो-दो मतदान केंद्र होने के कारण इन दोनों वार्डों का परिणाम दोनों बूथों को जोड़कर देखना होगा। वार्ड 7 में दोनों बूथों को मिलाकर कांग्रेस को 513 और भाजपा को 496 मत मिले, यानी कांग्रेस 17 मतों से आगे रही। इसी तरह वार्ड 10 के दोनों बूथ मिलाकर कांग्रेस को 700 और भाजपा को 499 मत मिले, यानी यहां कांग्रेस की बढ़त 201 मत रही।
यहीं से चुनाव परिणाम का वास्तविक गणित सामने आता है।
भाजपा की जीत में वार्ड 5 और 6 की बड़ी भूमिका
भाजपा को सबसे बड़ी बढ़त वार्ड 6 में मिली, जहां प्रदीप सोनी को 546 और विष्णु पाटीदार को 132 मत मिले। भाजपा ने यहां 414 मतों की बढ़त हासिल की।
वार्ड 5 में भाजपा को 454 और कांग्रेस को 143 मत मिले, यानी भाजपा की बढ़त 311 मत रही।
वार्ड 8 में भाजपा 339 मतों से, वार्ड 9 में 184 मतों से तथा वार्ड 12 में 179 मतों से आगे रही।
दूसरी ओर कांग्रेस की सबसे बड़ी बढ़त वार्ड 1 में 208 मत और वार्ड 10 में 201 मत रही। वार्ड 15 में भी कांग्रेस को 183 मतों की बढ़त मिली।
इस प्रकार आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस छह वार्डों में आगे रही, लेकिन भाजपा जिन वार्डों में आगे रही, उनमें कई जगहों पर उसकी बढ़त काफी बड़ी रही। यही अंतर अंततः 960 मतों की कुल जीत में बदल गया।
जनमत जागरण के पहले विश्लेषण पर लगी महत्वपूर्ण मुहर
मतदान के बाद जनमत जागरण के ‘सार्थक दृष्टिकोण’ में हमने चुनावी तस्वीर को केवल भाजपा की बढ़त के रूप में नहीं देखा था। मतदान प्रतिशत, महिला मतदाताओं की भागीदारी, वार्डवार मतदान, स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए यह सवाल उठाया गया था कि क्या भाजपा का चुनावी आत्मविश्वास वास्तविक मतों में बदल पाएगा और क्या तीन अंकों की जीत संभव होगी।
अब जब परिणाम सामने है तो भाजपा की तीन अंकों की जीत का दावा 960 मतों के अंतर के साथ सही साबित हुआ है।
लेकिन आंकड़ों का दूसरा पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। 15 में से 6 वार्डों में कांग्रेस आगे रही। इसका अर्थ यह है कि सुसनेर का चुनाव पूरी तरह एकतरफा नहीं था। भाजपा ने अपने पक्ष में मिले वोटों को कुछ निर्णायक वार्डों में बड़े अंतर में बदलकर अंतिम परिणाम अपने पक्ष में किया।
जनमत जागरण के विश्लेषण में जिस बूथ स्तर के संगठन, वार्डवार गणित और मतदान के अलग-अलग पैटर्न को महत्वपूर्ण माना गया था, परिणाम ने उसकी प्रासंगिकता को सामने ला दिया है। चुनाव में केवल यह देखना पर्याप्त नहीं कि कौन कितने वार्डों में आगे रहा; यह भी देखना पड़ता है कि प्रत्येक वार्ड में जीत का अंतर कितना रहा। सुसनेर के परिणाम में यही अंतर भाजपा की 960 मतों की जीत की सबसे बड़ी कहानी है।
प्रदीप सोनी ने कार्यकर्ताओं और जनता को दिया जीत का श्रेय
निर्वाचित अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने अपनी जीत का श्रेय भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता को देते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों के साथ जनता के विश्वास से यह जीत मिली है। उन्होंने कहा कि शहर के विकास को लेकर किए गए सभी वादों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदीप सोनी का यह बयान परिणाम के बाद उनकी प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करता है। अब चुनावी जीत के बाद उनके सामने नगर की जनता से किए गए विकास संबंधी वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती होगी।
जीत के बाद नगर में निकला विजय जुलूस
प्रदीप सोनी की जीत की घोषणा होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखाई दिया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और नगर में विजय जुलूस निकाला। विभिन्न स्थानों पर भाजपा प्रत्याशी और जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर उज्जैन विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, पूर्व विधायक राणा विक्रम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, पूर्व जिलाध्यक्ष चिंतामन राठौर, मंडल अध्यक्ष डॉ. सौरभ जैन सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। विजय जुलूस का समापन श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर मठ में हुआ।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप सोनी को जीत की बधाई दी। मुख्यमंत्री ने इस विजय को जनता के विश्वास तथा भाजपा की विकास एवं जनकल्याणकारी नीतियों से जोड़ा और सुसनेर की जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
विष्णु पाटीदार के लिए परिणाम में क्या संदेश?
कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु प्रसाद पाटीदार भले ही चुनाव हार गए हों, लेकिन वार्डवार आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस का आधार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। वार्ड 1, 7, 10, 11, 14 और 15 में कांग्रेस आगे रही। विशेष रूप से वार्ड 10 में 201 मतों की बढ़त और वार्ड 1 में 208 मतों की बढ़त कांग्रेस के स्थानीय प्रभाव को दर्शाती है।
इसलिए इस परिणाम को कांग्रेस के लिए केवल हार के रूप में देखना पर्याप्त नहीं होगा। आंकड़े यह भी बताते हैं कि कांग्रेस के पास कुछ वार्डों में मजबूत समर्थन मौजूद रहा, लेकिन वह समर्थन पूरे नगर के परिणाम को अपने पक्ष में बदलने के लिए पर्याप्त नहीं था।
अब भाजपा के सामने जनादेश को विकास में बदलने की चुनौती
चुनाव परिणाम भाजपा के पक्ष में आ चुका है। 960 मतों की जीत के बाद अब जनता की अपेक्षाएं भी बढ़ेंगी। नगर परिषद के सामने सड़क, स्वच्छता, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य स्थानीय नागरिक समस्याओं को लेकर काम करने की चुनौती होगी।
चुनाव में मिला जनादेश अब जिम्मेदारी में बदल चुका है। प्रदीप सोनी ने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चुनाव के दौरान किए गए वादे और परिणाम के बाद किए गए संकल्प कितनी तेजी से धरातल पर दिखाई देते हैं।
अंतिम चुनावी आंकड़े
| प्रत्याशी | दल | मत |
|---|---|---|
| प्रदीप बद्रीलाल सोनी | भाजपा | 5,663 |
| विष्णु प्रसाद पाटीदार | कांग्रेस | 4,703 |
| नोटा | — | 149 |
| जीत का अंतर | 960 | |
| कुल विधिमान्य मत | 10,515 |
जनमत जागरण का सार्थक दृष्टिकोण
सुसनेर का यह चुनाव परिणाम एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश जरूर देता है—चुनावी दावों की असली परीक्षा बूथ की मतगणना में होती है। मतदान से पहले भाजपा के तीन अंकों की जीत के दावे के बीच जनमत जागरण ने वार्डवार मतदान और स्थानीय समीकरणों को आधार बनाकर परिणाम की संभावनाओं का विश्लेषण किया था। अब भाजपा की 960 मतों की जीत के साथ तीन अंकों की जीत का दावा सही साबित हुआ है। लेकिन साथ ही 15 में से 6 वार्डों में कांग्रेस की बढ़त यह भी बताती है कि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं था। भाजपा की निर्णायक जीत का बड़ा आधार वार्ड 5, 6, 8, 9 और 12 जैसे क्षेत्रों में मिली बड़ी बढ़त रही। इसलिए इस परिणाम को केवल राजनीतिक लहर के बजाय बूथ प्रबंधन, वार्डवार मतदान, संगठनात्मक सक्रियता और अलग-अलग क्षेत्रों में मिले मतों के अंतर के संयुक्त परिणाम के रूप में देखना अधिक सार्थक होगा। अब जनता के इस जनादेश की अगली परीक्षा विकास के धरातल पर होगी।
विश्लेषण : दीपक जैन | संवाददाता, जनमत जागरण
सार्थक दृष्टिकोण : राजेश कुमरावत ‘सार्थक’ | संपादक, जनमत जागरण












