बारिश के साथ ही गांव से लेकर शहरों में मंडराने लगा सांपों का खतरा
जनमत जागरण न्यूज़@शाजापुर
बारिश के साथ ही गांव से लेकर शहरों तक में सांपों का खतरा मंडराने लगा है। सर्प विशेषज्ञों की माने तो ग्रामीण इलाके में बारिश के दिनों में उमस बढऩे के साथ ही करैत सांप का खतरा बढ़ जाता है जो इंसानों के साथ सोना अधिक पसंद करता है। इसके काटने से इंसान को हल्का दर्द होता है और कई बार नींद में ही पीडि़त की मौत हो जाती है। यह एक बाइट में इतना जहर इंजेक्ट करता है, जिससे 40 से अधिक लोगों की मौत हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बीते कई दिनों से रूक-रूककर बारिश का सिलसिला जारी है और इसीके चलते ग्रामीण इलाकों के साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी घरों में सांपों के घूसने की खबर आ रही है। ऐसे में विशेषज्ञ जमीन पर सोने वाले लोगों को अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्पदंश से बचने के लिए सावधानी रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि बारिश के कारण सांपों ने रहवासी इलाकों की रूख करना शुरू कर दिया है। सांपों के जानकारों की मानें तो करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक है और यह सांप गर्मी पाने के लिए बिस्तर आदि में छिपकर सोना पसंद करता है। बारिश के दिनों में उक्त सांप का घरों में घुसना आम बात है।
बारिश के दिनों में कबाड़ को करें साफ
सांपों के जानकारों का कहना है कि घर-आंगन को साफ रखें और यदि यहां कबाड़ पड़ा हो तो उसे तुरंत ही हटाएं ताकि उसमें सांप आदि जहरीले जानवर छिप नही सकें। सांपों के जानकार हरीश पटेल ने बताया कि बारिश के कारण बिलों में पानी भरने और उमस बढऩे की वजह से सांप बेचैन होकर रिहायशी इलाकों की की ओर रूख कर लेते हैं। बारिश के मौसम में खासकर ग्रामीण इलाकों में घरों से सांप निकलने की घटनाएं अधिक होती हैं, ऐसे में सावधानी बरतकर सर्पदंश की घटना को रोका जा सकता है। पटेल का कहना है कि बारिश के दिनों में यहां-वहां कबाड़ जमा नही होने दें और साथ ही बिस्तर या अन्य सामान उठाते वक्त सावधानी रखें, जिससे किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।



