कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने संयुक्त भ्रमण कर कृषकों को दी आवष्यक सलाह
जनमत जागरण न्यूज@ आगर(मालवा)
कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि अधिकारियों के संयुक्त दल ने बुधवार को जिले के विकासखण्ड नलखेडा के ग्राम लसुल्डीया केलवा, गुदरावन, धरोला, मोल्याखेडी, हीरनखेडी, ताकला आदि ग्रामो में किसानो के खेतो का भ्रमण किया। दल द्वारा किसानों को सलाह दी गई कि चक्र भृंग के नियंत्रण हेतु थायोक्लोप्रिड 21.7 एस.सी. 750 मिली/हे. या प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी. 1250 मिली/हे या इमामेक्टीन बेन्जाएट 425 मिली/हे का 500 लीटर पानी के साथ 1 हेक्टेयर में छिडकाव करें। जहां पर केवल चने की इल्ली (हेलिकोवेर्पा अर्मिजेरा) का प्रकोप हो, इसके नियंत्रण के लिए फेरोमॉन ट्रैप लगाये तथा अनुसंशिंत कीटनाशक इन्डोक्साकार्ब 15.8 ई.सी. 333मिली/हे या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. 150 मिली/हे का छिडकाव करें।
चक्र भृंग तथा पत्ती खानेवाली इल्लियों के एक साथ नियंत्रण हेतु पूर्वमिश्रित कीटनाषक बीटासायफलूथ्रिन इमिडाक्लोप्रिड 350 मिली/हे. या पूर्वमिश्रित थायोमिथॉक्जॉम लैम्बडा सायहेलोथ्रिन 125 मिली/हे का छिडकाव करें। इनके छिडकाव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। सेमीलूपर एवं अन्य कीटो के नियंत्रण हेतु क्यूनॉलफॉस 25सी.सी. 1.25 ली/हे या प्रोफनॉफॉस 40 प्रतिषत 1 ली/हे या क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी. 150 मिली/हे का 500 लीटर पानी में मिलाकर छिडकाव करें।
भ्रमण के दौरान संयुक्त दल में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. आर.पी.एस. शक्तावत, उपसंचालक कृषि एवं परियोजना संचालक आत्मा अनिल कुमार तिवारी, अनुविभागीय कृषि अधिकारी के.आर. साल्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस.के. चतुर्वेदी, कृषि विकास अधिकारी जे.सी. राठौर. विकासखण्ड तकनीकी प्रबंधक आत्मा वेद प्रकाष सेन एवं कृषक उपस्थित रहे।



