मिश्रित और जैविक खेती को अपना कर किसान हीरालाल प्राप्त कर रहे लगातार मुनाफा – सफलता की कहानी
जनमत जागरण न्यूज @ उज्जैन
खाचरौद विकास खण्ड के ग्राम बड़ागांव निवासी किसान हीरालाल पिता अंबाराम के पास पांच हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे परम्परागत कृषि कार्य कर रहे थे, जिससे उन्हें साल में केवल दो ही बार आय प्राप्त होती थी। उन्हें कृषि विभाग और आत्मा अधिकारियों के द्वारा कृषि से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदाय की गई। साथ ही वे कृषि विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी, कृषि मेला और फार्म स्कूल में भी भाग लेने लगे।
उप संचालक कृषि श्री आरपीएस नायक ने बताया कि कृषि विभाग के द्वारा कराये गये भ्रमण के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि खेती के साथ-साथ यदि पशुपालन को भी अपनाया जाये तो आय में वृद्धि की जा सकती है। हीरालाल ने पशुपालन भी प्रारम्भ किया। वर्तमान में उनके पास पांच पशु होने से प्रतिदिन लगभग 15 लीटर दूध प्राप्त हो रहा है, जिससे 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कुल 13500 रुपये प्रतिमाह एवं खर्चा सात हजार रुपये, इस प्रकार कुल 6500 रुपये प्रतिमाह का मुनाफा प्राप्त हो रहा है। साथ ही खेती के लिये वर्मी कम्पोस्ट खाद एवं गोमूत्र का उपयोग वे अपनी फसलों में कर रहे हैं, जिससे उन्हें कम लागत में अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने खेत पर दो बीघा का एक एपल बेर का बगीचा भी लगाया है, जिससे केवल 18 महीने में उत्पादन प्राप्त होने लगा और प्रथम वर्ष में ही 60 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। हीरालाल ने सभी किसानों से अपील की है कि वे मिश्रित खेती अपनायें, जोखिम से भी बचें। साथ ही सालभर निरन्तर आय प्राप्त करें। जैविक खेती करने के लिये फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन कर वे स्वयं से कम लागत में जैविक उत्पाद तैयार कर सकते हैं।



