बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का किया दहन
असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा हर्षोल्लास के साथ मनाया
जनमत जागरण न्यूज @ सोयतकलां
असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा नगर परिषद के द्वारा नई आबादी स्थित दशहरा मैदान पर हर्षोल्लास के साथ हजारों की संख्या में विशाल जनसमुदाय की उपस्थिति में मनाया गया। प्रशासन द्वारा शासन से द्वारा जारी आदेश अनुसार अधिक समय न लेते हुए जल्दी ही बुराई के प्रतीक रावण का दहन कर दिया।
श्री राम लक्ष्मण की झांकी-

श्री कृष्ण मित्र मंडल के तत्वधान में आकर्षक एवं मनमोहक श्री राम सीता लक्ष्मण हनुमान की आकर्षक झांकी बनाई गई एवं प्रभु श्री राम की झांकी के साथ नगर वासी दशहरा मैदान पहुंचे वही श्री राम जी की सेना चली श्री राम जी की सेना चली मधुर भजनों के साथ नगर भक्तिमय हो गया।
आतिशबाजी की-
नगर परिषद के द्वारा दशहरा मैदान पर विभिन्न प्रकार की अनेकों आतिशबाजी कर दशहरे को यादगार बनाया, दशहरा मैदान पर आतिशबाजी से आसमान सतरंगी हो गया। आतिशबाजी जहां बड़ों के साथ बच्चों को खूब रास आई।
रावण के पुतले का दहन-
आतिशबाजी एवं स्वागत सम्मान के उपरांत नगर परिषद द्वारा बनाए गए बुराई के प्रतीक रावण का पुतला बाल हनुमान द्वारा जलाया गया देखते ही देखते रावण का पुतला धू-धूकर जलकर राख हो गया एवं दशहरा मैदान जय जय श्रीराम की नारों से गुंजायमान हो उठा।
एक दूसरे को दी बधाइयां-
रावण दहन के उपरांत छोटो ने जहां बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया वही गिले-शिकवे भुलाते हुए एक दूसरे को बधाइयां दी गई बधाईयो का दौर देर रात तक चलता रहा जो शनिवार बासी दशहरे पर भी जारी रहेगा।
प्रशासन रहा अलर्ट-
दशहरा महापर्व एवं हजारों की जनसंख्या में विशाल जनसमुदाय को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी हरिश जेजुरकर ने कमान संभाली एवं पुलिस टीम को तैनात करते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त की वहीं वाहन पार्किंग कृषि उपज मंडी को बनाया एवं चार पहिया एवं दोपहिया वाहनों को पार्किंग में खड़ा करवाया मंडी गेट पर पुलिस कर्मियों को वाहन पार्किंग के समय काफी जद्दोजहद करनी पडी । दशहरा कार्यक्रम में नायबतहसीलदार बीके मकवाना व मुख्य नगरपालिका अधिकारी बाबू सिंह राजपूत के साथ अन्य कर्मचारीयो ने व्यवस्था सम्भाली। वही दशहरा मैदान पर प्रशासनिक अधिकारी के साथ जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों का स्वागत सम्मान नगर परिषद के द्वारा किया गया।
यहां भी हुआ रावण दहन–
नगर के ग्राम निशानियां बड़ी खेड़ी एवं अन्य वार्ड के कई मोहल्लों में छोटे बड़े रावण बनाकर जलाए गए वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राम के ग्रामीणों द्वारा हर्षोल्लास के साथ दशहरा मनाते हुए बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया एवं एक- दूसरे को बधाइयां दी गयी



