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स्वच्छता में असफल नगर नलखेडा, आखिर क्यों नहीं सुधर पा रही नगर की सफाई व्यवस्था ,बिगड़े हालातों में बीमारियों को दिया जा रहा है न्यौता

जनमत जागरण न्यूज @ नलखेड़ा

सरकारे स्वच्छता को लेकर चाहे जितने अभियान चला ले लेकिन जब बात करें जिम्मेदारों की तों जब तक वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ईमानदारी से नहीं करेंगे हालात सुधरने का नाम नहीं ले सकते हैं। यही स्थिति नगर नलखेड़ा की है जहां विगत कई माह से गंदगी का साम्राज्य स्थापित है, कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस और आकर्षित करने पर भी जिम्मेदार बस स्वच्छता अभियान चलाने का कहकर अपना पल्ला झाड़ते रहते है। जमीनी हकीकत में कोई सुधार तो दूर की बात, हालत अधिक बिगड़ते दिखाई देते है।ं नगर के कई स्थानों जैसे बड़ा गणेश मंदिर के समीप स्थित नगर परिषद के बालोंद्यान, जायसवाल काॅलोनी, भैंसोदा रोड़, बस स्टैण्ड एवं अन्य ऐसे कई सार्वजनिक स्थान जहाँ आम नागरिको का दिन भर में आवागमन होता रहता है, वहाँ की गंदगी और कचरे का ढेर को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि नगर में किस प्रकार की उच्च कोटि की सफाई व्यवस्था है। नगर में इनके अतिरिक्त इस प्रकार की गंदगी व कचरे के ढेर दिखाई देना आम बात है। उक्त स्थान की शिकायत की जाती है, तब उस स्थान की शिकायत के बाद तत्काल सफाई करवा दी जाती है, उसके एक-दो दिन बाद फिर वही स्थिति निर्मित हो जाती है जहां इस प्रकार के कचरे एवं गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, बदबू के कारण वहां से निकलना भी दुःष्वर होता है ऐसी स्थिति में उस स्थान के आसपास रहवासी रहने को मजबूर हो रहे हैं। जहाँ एक ओर कोरोना जैसी महामारी की तीसरी लहर अपने पंख पसार रही है, वहीं नगर परिषद् की एैसी उदासीनता नगरवासियों को औंधे मुँह बीमारियों में धकेल रही है। गौरतलब है कि नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर कई बार वरिष्ठ अधिकारी भी अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों का आज तक उसका कोई असर नहीं हुआ है।


इनका कहना
जब जिम्मेदार अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्हौने कहा कि मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। जल्द ही आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बाबूसिंह राजपूत, प्रभारी सीएमओ नगर परिषद् नलखेड़ा

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