आगर मालवाउज्जैनमध्यप्रदेश

नगर में निकला खंड स्तरीय युवा पथ संचलन ।

जनमत जागरण न्यूज़ @ नलखेड़ा

राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ नलखेडा की खंड महाविद्यालय इकाई का पथ संचलन निकाला गया, जिसका का एकत्रीकरण प्रातः 10 बजे माधव कुंज में हुआ तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विभाग सदभाव प्रमुख आशीष शर्मा, शेलेन्द्र पाटीदार एवं जिला महाविद्यालय प्रमुख अवधेश पाटीदार मंच पर उपस्थित थे। गीत एवं अमृतवचन के पश्चात मुख्यअतिथि एवं वक्ता आशीष शर्मा का उद्बोधन हुआ। जिसमे आशीष शर्मा ने कहा की सुप्त अवस्था से जाग्रत अवस्था में लाने के लिए इस प्रकार के आयोजन किये जाते है, वर्ष 1925 में संघ की स्थापना की गई थी, हिन्दू समाज में व्याप्त बुराई कुरीतियों को समाप्त करना हमारा दायित्व था, ऐसे समय में परम पूजनीय डॉ हेडगेवार के मन में प्रेरणा जागी, तब उन्होंने संकल्प लेकर बहुत छोटे से रूप में संघ की स्थापना हुई। एक शुद्ध व पवित्र भावना रखकर यह नीव रखी गई। आज हम गर्व कर सकते है कि, यह विश्व का सबसे बड़ा संघठन है। हिन्दू समाज को प्रेरणा देकर अच्छे मार्ग पर आगे ले जायेंगे, यही हमारा ध्येय होकर, आज भी राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ सर्वत्र हिन्दू समाज के लिए प्रयासरत है द्य अच्छे कार्य करना, समाज में जाग्रति देना तथा ऐसा समाज जीवन का कोई कार्य राष्ट्रिय स्वयसेवक से नही छुपा है, जंहा संघ का स्वयंसेवक कार्य नही कर रहा है। वक्ता द्वारा आगे परम पूजनीय डॉ हेडगेवार की जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की, आज उसी तपस्या का परिणाम है, कि हमारा देश भारत का विश्व में डंका बजता है। हर एक स्वयंसेवक के अन्दर अकल्पनीय शक्ति छुपी हुई है, सिर्फ उसको उजागर करना है। हमें यह संकप्ल लेना चाहिए की, हमारे दैनिक कार्य के साथ समाज व राष्ट्र का चिंतन करे, एक पीढ़ी को सवारने का कार्य करे तथा वर्तमान में इस प्रकार की घटना व षडयंत्र पैदा किये जा रहे है कि, हिन्दू हिन्दू एक नही रहे। विश्व पटल पर भारत कि स्थिति ठीक नही थी तब वर्ष 2014 के बाद जब एक कर्मठ स्वयसेवक जब देश का प्रधानमंत्री बना, तब विश्व को लगा की भारत एक देश है। भारत ने विश्व में वेक्सिन का सप्लाय किया है। वर्तमान में सद्भाव व सामाजिक समरसता की नितांत आवश्यकता है, वर्तमान में आजादी का 75 वां महोत्सव मनाया जा रहा है। यह जो 75 वां वर्ष आजादी का है, उसमे उन वीरो व वीरांगनाओ को याद करने के समय जिन्होंने देश पर सब कुछ वार दिया। संघ ने आजादी के 75वां वर्ष को, महोत्सव के रूप में मनाने के निर्णय लिया है। जिसमे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। तत्पश्चात सभी स्वयंसेवक माधव कुंज से होते हुए नगर विभिन्न मार्गो से होते हुए वापस माधव कुंज में समापन हुआ।

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